पत्रकारों का एक वर्ग भ्रष्ट है : शिवराज

भूखण्ड घोटालेबाजों के कारण पूरी पत्रकार बिरादरी हो रही है बदनाम : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चैहान ने एक बार फिर पत्रकारों को भ्रष्ट बताकर मीडिया जगत को आत्ममंथन करने के लिए विवश कर दिया है। भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने सार्वजनिक रूप से यह बात कही कि पत्रकारों का एक वर्ग भ्रष्ट है। मुख्यमंत्री की इस बेबाक़ टिप्पणी को लेकर मीडिया जगत में कयास लगाए जा रहे हैं कि मुख्यमंत्री ने कहीं यह बात हाल ही में चर्चा में आए राजधानी पत्रकार गृह निर्माण समिति के सदस्यों द्वारा किये गये भूखण्ड घोटाले के संदर्भ में तो नहीं कही?

रामभुवन हटाए गए, केडी बने नए अध्यक्ष

राजधानी पत्रकार सहकारी गृह निर्माण संस्था, भोपाल का नया अध्यक्ष दैनिक नई दुनिया के के.डी.शर्मा को बनाया गया हैं। के.डी.शर्मा, उसी अख़बार में काम करते हैं जिसके मालिक राजेन्द्र तिवारी, सुरेन्द्र तिवारी, अपूर्व तिवारी और डॉ. विश्वास तिवारी मध्यम दर्जे के पत्रकारों के प्लाट अपने नाम करवाना चाहते हैं। संचालक मंडल ने टाइम्स ऑफ़ इण्डिया की सुचांदना गुप्ता को संस्था का उपाध्यक्ष बना दिया गया है। राजधानी पत्रकार सहकारी गृह निर्माण संस्था में इस वक़्त प्लाट कब्जाने के लिए कई अख़बार मालिक, सरकारी अधिकारी, कर्मचारी एड़ी चोटी का जोर लगाये हैं। इस संस्था में इतनी गड़बड़िया हो चुकी हैं जिस कारण संस्था के सदस्यों के बीच में जबरदस्त मनमुटाव बना हुआ है। संस्था का एक धड़ा इन गड़बड़ियों के लिए पूर्व अध्यक्ष रामभुवन सिंह कुशवाह को जिम्मेदार मानता है। यही वजह है कि संचालक मंडल ने कुशवाह को अध्यक्ष पद से हटा दिया है।

इन अखबार मालिकों व अफसरों ने भी पत्रकारों के प्लाट हड़पे

[caption id="attachment_16319" align="alignleft"]अनुराग उपाध्यायअनुराग उपाध्याय[/caption]असली और नकली पत्रकारों के बीच जमीनखोर : तुम आसमां की बुलंदी से जल्द लौट आना, मुझे जमीन के मसाइल पर बात करनी है… यह शेर यूँ ही याद नहीं आया। भोपाल में गरीब पत्रकारों को मिलने वाली जमीन हड़पने की बात आई तो तमाम सारे वे नकचढ़े लोग जमीन पर आ गए हैं जो हमेश आसमान में रहा करते थे। ज़मीन के लिए एकदम वैसे ही टूट पड़े हैं जैसे गिद्ध या चील लाश पर टूट पड़ते हैं। जब नीयत में खोट हो तो ऐसी उलटबांसी देखने को मिल जाती है। भोपाल में राजधानी पत्रकार गृह निर्माण सहकारी संस्था में इस समय घमासान मचा हुआ है। यहां कुछ प्रेस मालिक, सम्पादक, सरकारी अधिकारी और कुछ बड़े पत्रकार एकदम जमीनखोर हो गए हैं। एक-एक प्लाट के लिए मारामारी मची हुई है। संस्था के अध्यक्ष रामभुवन सिंह कुशवाह ने प्लाट ले लिया। अपने पत्रकार बेटे अनिल सिंह कुशवाह को प्लॉट दिलवा दिया और अपने दूसरे बेटे विजय सिंह को प्लॉट दिलवाने के लिए उसके पिता की जगह शिवराज के डंपर कांड से प्रेरणा लेकर आर.बी.सिंह लिख दिया। आपको याद होगा डंपर कांड में शिवराज की जगह एसआर सिंह लिखा गया था। यह है जमाने को नैतिकता का पाठ पढ़ाने वालों की सच्चाई। अपने ही गरीब गुरबे साथियों के हक़ पर कुछ लोग कुंडली मार के बैठ गए हैं।

घोटालेबाज पत्रकारों में घमासान

भोपाल के राजधानी पत्रकार गृह निर्माण सहकारी संस्था के चुनाव के बाद सेन्ट्रल प्रेस क्लब के पैनल में घमासान मचा हुआ है। संस्था के अब तक अध्यक्ष रहे रामभुवन सिंह कुशवाह यह पद छोड़ना नहीं चाहते जबकि प्रेस क्लब के लोग कुशवाह को बहार का रास्ता दिखाना चाहते हैं। यही वजह है कि अध्यक्ष को लेकर हुई पहली बैठक में कुल जमा 10 लोग मिलकर आमराय से अध्यक्ष का नाम तय नहीं कर पाए।

हे बड़े पत्रकारों, आपको और जमीन की क्या जरूरत?

[caption id="attachment_16286" align="alignleft"]श्रुति अनुरागश्रुति अनुराग[/caption]भोपाल की पत्रकार श्रुति अनुराग ने  राजधानी पत्रकार गृह निर्माण समिति के संचालक मंडल को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने अपने नाम एलाट जमीन को प्रतीक्षा सूची में पड़े किसी सबसे गरीब पत्रकार को देने की बात कही है, साथ ही संचालक मंडल के सदस्यों पास पहले से मौजूद जमीन-मकानों का उल्लेख करते हुए फिर से प्लाट लिए जाने पर आपत्ति जताई है। श्रुति ने उनसे ये प्लाट गरीब पत्रकारों को देने की भी अपील की है। पूरा पत्र इस प्रकार है-

समिति के चुनाव संपन्न, घोटालेबाजों की वापसी

भोपाल में भूखण्ड घोटाले को लेकर चर्चा में आयी राजधानी गृह निर्माण समिति के संचालक मंडल के चुनाव भोपाल स्थित होटल पलाश मे संपन्न हो गए। चुनाव में पुरानी पैनल की रणनीति खूब काम आयी और उसके 11 में से 10 संचालक विजयी घोषित हुए। परिवर्तन पैनल को एक संचालक से संतोष करना पड़ा। मतदान स्थल पर सवेरे से ही इस बात की चर्चा थी कि सेन्ट्रल प्रेस क्लब पैनल ही चुनाव में सफल होगा।

भोपाल में वरिष्ठ पत्रकारों ने किया भूखंड घोटाला

अरशद अली खानभोपाल के रामभुवन सिंह कुशवाह, एके भंडारी, सुरेश शर्मा, राजेंद्र तिवारी, राजेंद्र शर्मा जैसे पत्रकारों-मालिकों ने जेनुइन पत्रकारों का हक मारा : भोपाल स्थित ‘राजधानी पत्रकार गृह निर्माण सहकारी समिति’ के पदाधिकरियों ने पत्रकारों के लिए सस्ते दर पर सरकार से मिली भूमि को आपस में बांटकर आवासहीन पत्रकारों के अधिकारों पर न केवल अतिक्रमण किया है बल्कि शासन की आंखों मे धूल झोंककर धोखाधड़ी भी की है। जरूरतमंद पत्रकार आज भी घर की तलाश में दर-दर की ठोकरें खाते फिर रहे हैं। घर का सपना दिखाते हुए पत्रकारों की भीड़ जुटाकर राजनीति करने वालों ने एक साथ चार-चार भूखण्ड जुगाड़ लिये। इस घटना से ये भी साफ हो गया है कि मध्य प्रदेश की पत्रकारिता में धंधेबाजों का कितना दख़ल है और वे किस तरह पत्रकारिता की आड़ में धीरे-धीरे भू-माफि़या बनते जा रहे हैं। इन कथित पत्रकारों की करतूत के कारण ही समाज में पत्रकारों की इज्जत नहीं बची है। आइए, समिति के पदाधिकारियों के बारे में एक-एक कर बात करते हैं-