सुभाष राय, यशवंत सिंह समेत कई को पं. दामोदरदास चतुर्वेदी सम्‍मान

वरिष्‍ठ पत्रकार सुभाष राय, यशवंत सिंह एवं गंगेश गुंजन समेत अठारह लोगों को साहित्‍यशिरोमणि पं. दामोदर दास चतुर्वेदी स्‍मृति सम्‍मान 2011 से नवाजा जाएगा. अखिल भारतीय भाषा साहित्‍य सम्‍मेलन एवं भारतीय सांस्‍कृतिक संबंध परिषद के संयुक्‍त तत्‍वावधान में 16 अगस्‍त को आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन संसदीय राजभाषा समिति के उपाध्‍यक्ष एवं कांग्रेसी नेता सत्‍यव्रत चतुर्वेदी करेंगे.

फिर काहे का वितंडावाद : उदय प्रकाश

उदय प्रकाश

अब और चौकन्ने हो गए उदय प्रकाश बोले- मैं किसी का समर्थन नहीं करता : हर तरह की राजनीति, सरकारी तंत्र और मीडिया ने उदय प्रकाश को पहले से ही बहुत निराश-उदास कर रखा था, ‘पुरस्कार प्रकरण‘ के बाद रचना जगत के साझा विरोध-बहिष्कार के फतवे ने उन्हें और अंदर तक झकझोर दिया है। वह जितने खिन्न, उतने ही विचलित-से लगते हैं। भड़ास4मीडिया के कंटेंट हेड जयप्रकाश त्रिपाठी से बातचीत में उदय प्रकाश ने अपनी राजनीतिक निर्लिप्तता की घोषणा कर रचनाजगत में फिर अपने लिए संदेह की गुंजाइश बढ़ा दी है क्योंकि जो निर्लिप्त होता है, वह भी किसी न किसी तरह की राजनीति के पक्ष में जरूर होता है। बातचीत में उदय प्रकाश कहते हैं- ‘लेखक को हर तरह की राजनीतिक तानाशाही से मुक्त कर देना चाहिए। मेरा किसी भी तरह से कोई राजनीतिक सरोकार नहीं, न किसी ऐसे दल से कोई संबंध है। कभी रहा भी नहीं। रहना भी नहीं चाहिए। किसी को मेरा समर्थन करना हो, करे, अथवा मत करे, मैं किसी का समर्थन नहीं करता।’

हिंदी साहित्य में भूचाल, उदय प्रकाश घिरे

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पुरस्कार या फुरस्कार ?? हिंदी के सुपरस्टार कथाकार उदय प्रकाश के सितारे इन दिनों गर्दिश में हैं। योगी आदित्यनाथ के हाथों एक पुरस्कार लेने के बाद हिंदी साहित्य के वाम और प्रगतिशील विचार वाले छोटे-बड़े बुद्धिजीवी उदय प्रकाश की तगड़ी घेरेबंदी कर चुके हैं। अभी-अभी हिंदी के करीब 50 छोटे-बड़े विद्वानों-साहित्यकारों ने संयुक्त रूप से एक विज्ञप्ति जारी कर उदय प्रकाश के योगी आदित्यनाथ के हाथों पुरस्कार लेने पर नाखुशी जाहिर करते हुए विरोध जताया है। इस विज्ञप्ति में कहा गया है-