ग्रुप एडिटर की जिम्मेदारी से श्रीकांत त्रिपाठी मुक्त

पर्ल ग्रुप की पत्रिकाओं के ग्रुप एडिटर श्रीकांत त्रिपाठी अब अपने पद से मुक्त हो गए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार श्रीकांत त्रिपाठी का कार्यकाल दो वर्ष का था। प्रबंधन ने उनके कांट्रैक्ट को आगे नहीं बढ़ाया। श्रीकांत त्रिपाठी का नाम ग्रुप एडिटर के बतौर पोलिटिकल मैग्जीन ‘शुक्रवार’, महिलाओं की पत्रिका ‘बिंदिया’ और हिंदी बिजनेस मैग्जीन ‘मनी मंत्रा’ में जा रहा था। उनके ही समय में ये सारी पत्रिकाएं लांच की गईं।

‘मनी मंत्र’ अब अंग्रेजी पाठकों के लिए भी उपलब्ध

पर्ल न्यूज नेटवर्क ने हिंदी बिजनेस मैग्जीन ‘मनी मंत्र’ के बाद अब अंग्रेजी पर्सनल फाइनेंस मैग्जीन ‘मनी मंत्र’ नाम से ही लांच कर दिया है। नवंबर के पहले हफ्ते में लांच हुई इस मैग्जीन की कीमत 30 रुपये है। मैग्जीन पाक्षिक है। खास बात यह है कि ‘दलाल स्ट्रीट’ नामक मशहूर मैग्जीन मार्केट के जो डाटा 65 रुपये में मुहैया कराती है, वही डाटा ‘मनी मंत्र’ में भी मौजूद है और मात्र 30 रुपये में। ‘मनी मंत्र’ ने इस डाटा के लिए संबंधित एजेंसी से समझौता किया है। 

छत पर टावर लगवाएं, अपनी कंपनी बनाएं

हिंदी की मैग्जीन ‘मनी मंत्र’ बाजार में मौजूद अंग्रेजी पत्रिकाओं को भी टक्‍कर देने को तैयार है। आमदनी, बचत और निवेश की बात करने वाली ये पत्रिका न केवल लोगों को निवेश के नित्‍य नए तरीके बता रही है बल्कि ‘बचत कैसे करें’ की जानकारियां भी पाठकों को खूब भा रही हैं। अपने नाम की तरह ही 15 अक्‍टूबर के अंक में पत्रिका ने एक बार फिर निवेश का सस्‍ता और टिकाऊ रास्‍ता सुझाया है। अब घर से निकलते ही यदि किसी को पड़ोसी के घर पर टेलकाम टावर लगा मिलता है तो मन ही मन लोग सोचते हैं कि इसके घर टावर लग गया, काश मेरे घर भी टावर लग जाता। घर की खाली छत पर टावर कैसे लग सकता है…

उफ! ये कैश : कमाने-बचाने की तरकीब

कैश के बिना काम भी नहीं चलता और कैश एक मुसीबत भी है। आपके पास चाहे कितना भी कैश हो, आप मकान रजिस्ट्री नहीं करा सकते हैं, विदेश में पढ़ने के लिए फीस नहीं अदा कर सकते हैं, पंच सितारा हॉस्पिटल में इलाज नहीं करा सकते हैं। पैन नंबर नहीं हो तो बैंक वाले कैश से ड्राफ्ट बनाने से मना कर देते हैं। पर जमीन या मकान बेचने जाएं तो आधा पैसा कैश में भुगतान किया जाता है। गांव का खेत बेचिए तो पूरा का पूरा कैश में ही लेना पड़ता है। इस बीच यदि इनकम टैक्स विभाग की नजर आपके कैश पर पड़ गई तो खोप सहित कबूतराय नम:। सारा का सारा पैसा टैक्स पैनल्टी और इंटेरेस्ट के नाम पर जब्त कर लिया जाएगा। तो कैश का आखिर करें क्या? दुनिया भर के लोग कैश कैसे मैनेज कर रहे हैं और आपको कैसे करना चाहिए- इन सभी मसलों पर तकसील से चर्चा की गई है ‘मनी मंत्र’ पत्रिका की कवर स्टोरी में। ‘मनी मंत्र’ का नया अंक बुक स्टॉल पर आ चुका है। इसके हर लेख में कुछ न कुछ नया है। इस पत्रिका की कवर स्टोरी है- उफ! ये कैश

पर्ल ग्रुप ने ‘बिंदिया’ पर से पर्दा हटाया

पर्ल ग्रुप ने मीडिया फील्ड में अपने पांव को और फैलाते हुए एक टीवी न्यूज चैनल और दो मैग्जीनों के बाद अब तीसरी मैग्जीन भी लांच कर दी है। पहले से जो दो मैग्जीन निकल रही हैं, उनमें से एक राजनीतिक मैग्जीन ‘शुक्रवार’ है और दूसरी बिजनेस पर केंद्रित ‘मनी मंत्र’। नई लांच मैग्जीन महिलाओं के लिए है। नाम है ‘बिंदिया’। 9 मई को इसका पहला अंक बाजार में आया। 84 पन्नों की इस पत्रिका का मूल्य बीस रुपये है। दिल्ली से प्रकाशित होनी वाली यह पत्रिका मासिक है। पर्ल ग्रुप की पत्रिकाओं के ग्रुप एडिटर श्रीकांत त्रिपाठी ‘बिंदिया’ के भी प्रमुख हैं। मैगजीन में महिलाओं की जिंगदी के हर पहलू को समेटने की कोशिश की गई है।

पर्ल ग्रुप की हिंदी बिजनेस मैग्जीन ‘मनी मंत्र’ लांच

पर्ल न्यूज नेटवर्क की तरफ से हिंदी बिजनेस मैग्जीन ‘मनी मंत्र’ की लांचिंग पिछले दिनों एक कार्यक्रम में कर दी गई। इस पाक्षिक मैग्जीन की कीमत 20 रुपये है। मैग्जीन के प्रधान संपादक श्रीकांत त्रिपाठी हैं और संपादक के रूप में काम देख रहे हैं अवनीश कुमार मिश्र। मैग्जीन का संपादकीय कामकाज इसके नए दफ्तर सी-125, सेक्टर 19, नोएडा से हो रहा है। पत्रिका का कंटेंट हिंदी भाषी सरप्लस इनकम रखने वाले लोगों और तीसरे दर्जे के प्रबंधन संस्थानों को ध्यान में रखते हुए तैयार कराया गया है। पत्रिका का लोकार्पण पर्ल समूह की एक कंपनी पीएसीएल के सालाना समारोह में चेयरमैन निर्मल सिंह भंगू ने किया। ज्ञात हो कि पर्ल न्यूज नेटवर्क की तरफ से जल्द ही कुछ और मैग्जीनें व एक टीवी न्यूज चैनल लांच किए जाने की तैयारी जोरशोर से चल रही है।