तोड़फोड़ से तय होगा प्राध्‍यापक!

: माखनलाल प्रकरण में महिला आयोग नहीं पुरुष राहत आयोग की तर्ज पर निर्णय : गत सप्ताह राज्य महिला आयोग सुर्खियों में रहा. महिला आयोग के कार्यक्षेत्र पर भी प्रश्न चिन्ह लग गये और कार्यप्रणाली हास्यास्पद हो गई. माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्व विद्यालय की एक व्याख्याता ने पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष के विरुद्ध मानसिक उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई. महिला आयोग ने शिकायत को रूझान लेकर पत्रकारिता विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष एवं अन्य अधिकारियों को सुनवाई हेतु बुलाया.

पीपी बहाल हो गए, छात्रों से मुकदमा हटेगा

भोपाल से सूचना है कि माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीयय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में अब पूरी तरह शांति बहाल हो गई है. छात्रों का आंदोलन आखिर रंग लाया. कुलपति प्रो बीके कुठियाला ने बुधवार शाम विभागाध्यक्ष पुष्पेंद्र पाल सिंह को फिर से पत्रकारिता विभाग का विभागाध्यक्ष बहाल कर दिया. कुलपति की ओर से रजिस्ट्रार एसके त्रिवेदी ने विवि परिसर में चल रहे धरनास्थल पर पहुंचकर इस बात की घोषणा की. रजिस्ट्रार ने कहा कि श्री सिंह को सम्मान सहित उनके पद पर बहाल किया जाता है. इसके साथ ही छात्रों के खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमे भी विवि प्रशासन वापस ले लेगा. यह प्रक्रिया गु़रुवार सुबह से शुरू हो जाएगी. कुलपति के ताजा रुख के बाद छात्रों का कामयाब आंदोलन अपनी पूर्णता को पहुंच गया. यह सारा घटनाक्रम रात 8 बजे के बाद विवि परिसर में मीडिया की मौजूदगी में हुआ.

पत्रकार नहीं क्‍लर्क बनाने की साजिश

माखनलाल विवि छोड़े हुए करीब सात साल हो गए हैं और इस बीच केवल एक बार ही पूर्व छात्र की हैसियत से विवि कैम्पस में जाने का मौका मिला। करीब चार साल पहले मैं और संदीप विवि के नए परिसर में गए। बहुत खुशी हुई जब देखा कि हमें जो चीजें नहीं मिल पाईं वो हमारे बाद आने वाले छात्रों को मिल रही हैं। करीब सात-आठ साल से पेशेवर व अन्य जिम्मेदारियों के चलते पुरानी चीजें गौण होती गईं, लेकिन जब कभी भी वहां का कोई छात्र टकराता है सारी यादें एक झटके में ताजा हो जाया करती हैं।

कुठियाला जी, हम सब आपके इरादे जानते हैं

भोपाल से आ रही आवाज़ें यहां दिल्ली से लेकर देहरादून, कोलकाता से कानपुर और रांची से रायपुर तक हम सभी पूर्व छात्रों के कानों में पिघलते लोहे सी भर रही हैं। इस बात से हममें से कम लोग ही असहमत होंगे कि हम सब पूर्व छात्रों के लिए भोपाल दूसरी मातृभूमि और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय दूसरे घर सरीखा है। एक परिवार में हमने जीवन का आरम्भ किया।

माखनलाल में थमेगा बवाल, पीपी होंगे बहाल

भोपाल से सूचना है कि पीपी सिंह को बहाल किया जा रहा है. उन्हें फिर से माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग का अध्यक्ष बना दिया जाएगा. पुष्पेन्द्र पाल सिंह को पद से हटाए जाने के बारे में महिला आयोग ने कहा कि ऐसा करना गलत है. आयोग ने एक कंप्लेन पर पीपी सिंह व कुलपति कुठियाला, दोनों को नोटिस जारी किया. दूसरे, आज सुनवाई के दौरान शिकायत करने वाली ज्योति वर्मा नहीं पहुंचीं.

माखनलाल विवि के नए कुलपति की तलाश शुरू!

भोपाल। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय में कुलपति बीके कुठियाला के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन में छात्रों का पलड़ा भारी होता नजर आ रहा है। भोपाल से खबर आ रही है कि मुख्यमंत्री कार्यालय कुठियाला कल्प समाप्त करने के मूड में आ गया है। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री के निर्देश पर नए कुलपति के चयन के लिए चार लोगों का पैनल बनाया गया है, और इसी पैनल में से किसी एक व्यक्ति को विश्वविद्यालय का नया कुलपति बनाया जा सकता है। विश्वविद्यालय के नए कुलपति के संभावति नामों में चार लोगों के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं।

श्रीकांत व पुष्पेंद्र पाल ने लगाई है आग!

माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय इन दिनों आंतरिक उठापटक व अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। देश का एकमात्र पत्रकारिता विश्वविद्यालय होने के बाद भी 20 वर्षों में विश्वविद्यालय के स्तर का कोई प्रशासनिक ढांचा नहीं बन पाया था। इस कारण अकादमिक स्थिति काफी लचर बनी हुई थी। विश्वविद्यालय में अभी तक कोई रजिस्ट्रार नहीं था। न ही अधिनियम में इसका प्रावधान रखा गया था। मध्यक्रम में भी उप कुलसचिव तथा सहायक कुलसचिव जैसे पदों का प्रावधान आवश्यकता से काफी कम थी। तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मियों की अंधाधुंध भर्ती की गई थी।

पीपी सिंह हटाए गए, संजय को प्रभार

माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय में एक बड़ा उलटफेर होने की सूचना है. कुलपति बीके कुठियाला ने विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष पी. पी. सिंह उर्फ पुष्पेंद्र पाल सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है. उनके स्थान पर जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष संजय द्विवेदी को प्रभार सौंपा गया है. सूत्रों के मुताबिक पीपी सिंह के खिलाफ महिला आयोग से एक नोटिस आई है.  विश्वविद्यालय की एक महिला ने पीपी सिंह पर आरोप लगाते हुए महिला आयोग में शिकायत की थी. इसीलिए पीपी सिंह को अल्प समय के लिए पद से बर्खास्त किया गया है.