ये हरामखोर बेइमान नेता अन्ना आंदोलन से फायदा उठाने में लग गए

सुभाष गुप्ता: खून चूसने वाले नेता अभी चेते नहीं… : अन्ना की लड़ाई देश भर के लोगों की लड़ाई  में बदल रही है। इसकी वजह भी है। दरअसल, ये लड़ाई  जन लोकपाल की लड़ाई से बहुत आगे निकल चुकी है। आजादी  के बाद नौकरशाही और नेताओं ने जिस तरह आम आदमी का खून  चूसा है…. ये लड़ाई उसी का नतीजा है।

‘डीडी’ पर सुभाष गुप्ता का ‘आगाज’ आज से

सुभाष गुप्तापत्रकारिता छोड़कर पत्रकारिता शिक्षण से जुड़ने वाले वरिष्ठ पत्रकार सुभाष गुप्ता अब दूरदर्शन पर नजर आएंगे. सुभाष गुप्ता ने दूरदर्शन के लिए आधे घंटे का एक विशेष कार्यक्रम बनाना शुरू कर दिया है. “आग़ाज” नामक यह कार्यक्रम उत्तराखंड की संस्कृति, सैर सपाटे, पर्यटन और जनजीवन की रोचक– प्रेरणाप्रद घटनाओं पर आधारित होगा.

सुभाष गुप्ता ने जी न्यूज से इस्तीफा दिया

कुछ महीनों पहले जी न्यूज के यूपी-उत्तराखंड के प्रभारी के रूप में नई पारी की शुरुआत करने वाले सुभाष गुप्ता ने बेहद कम समय में ही इस संस्थान को अलविदा कह दिया. सुभाष ने इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अचानक इस्तीफा क्यों दिया, यह पता नहीं चल पाया है पर सूत्रों का कहना है कि प्रबंधन ने सुभाष का इस्तीफा अभी स्वीकार नहीं किया है और बातचीत जारी है.

सुभाष गु्प्ता ने वीओआई छोड़ा, जी ज्वाइन करेंगे

सुभाष गुप्तावीओआई के उत्तराखंड राज्य हेड सुभाष गुप्ता ने संस्थान से इस्तीफा दे दिया है. खबर है कि वे जी न्यूज के यूपी-उत्तराखंड चैनल के उत्तराखंड प्रभारी के रूप में ज्वाइन करने वाले हैं.

काम करा के पगार तो देते नहीं, भीख क्या देंगे

[caption id="attachment_16679" align="alignleft"]सुभाष गुप्तासुभाष गुप्ता[/caption]यशवंत भाई, यूं तो रहीम दास ने ऐसा कुछ कहा था…रहिमन वे नर मर चुके जे कहूं मांगन जाएं… उनसे पहले वे मरे जिन मुख निकसत नाही…. लेकिन आपको सलाम करने का दिल चाहता है, इसका कारण कोई लम्बा चौड़ा नहीं है। सीधी-सी वजह है कि आपने जो कुछ किया, उसे स्वीकार करने का माद्दा आपमें है। यही पत्रकार, बल्कि असली और बहादुर इंसान वाली बात है। आपने मसूरी में भीख मांगकर गरिमामयी अंदाज में ये कबूलनामा लिखकर इस गलीच पेशे को सम्मानित अंदाज दे दिया है।

वीओआई : बडे़ झटके से बचा मीडिया जगत

सुभाष गुप्तावीओआई के मालिक बदल गए हैं। मित्तल बंधुओं ने अमित सिन्हा को ये चैनल बेचने की फाइनल डील पर आखिर हस्ताक्षर कर ही दिए। कुछ महीने पहले तक वीओआई के आला पदाधिकारी और स्टाफ को बदला जा रहा था। अब मालिकों में बदलाव आ गया है। इससे करीब दो महीने से बंद इस चैनल से जुडे रहे लोगों के चेहरे पर खुशी लौटी है। अंधेरे में दिवाली गुजारने की पीड़ा के बाद की ये खुशी दरअसल, कई उम्मीदों से जुड़ी है। हालांकि वीओआई के नोएडा मुख्यालय का तकरीबन पूरा स्टाफ इस्तीफे देकर अपना फुल एंड फाइनल पेमेंट ले चुका है। राज्यों के ब्यूरो के स्टाफ को अभी ये भुगतान नहीं मिला है। वीओआई के स्टाफ ने दिन रात की मेहनत के बाद ऐसा बहुत कुछ सहन किया है, जिसे यातना की श्रेणी में रखा जा सकता है। वो ज्यादा दिन पुरानी बात नहीं है, जब पगार मांगने पर बार-बार झूठे वायदे मिला करते थे।

‘वीओआई ने मुझे कई सबक दे दिए हैं’

[caption id="attachment_15784" align="alignleft"]सुभाष गुप्तासुभाष गुप्ता[/caption]वीओआई यानि एक बड़ा सबक : वॉयस ऑफ इण्डिया चैनल में जो कुछ हुआ, वह इस चैनल से सीधे तौर पर जुड़े देश के सैकड़ों पत्रकारों के लिए एक दर्द भरी दास्तान और हजारों पत्रकारों के लिए एक सबक बन गया है। वॉयस ऑफ इंडिया की दास्तान छल फरेब की बुनियाद पर टिकी एक ऐसी दुखद कहानी है, जिसने झूठे सपनों की तिजारत के कड़वे सच को बेनकाब कर दिया है। वीओआई से सीधे तौर पर प्रभावित होने वाले सारे लोग इस घटनाक्रम को किस तरह देखते और कैसे सोचते हैं, ये उनके नजरिये पर निर्भर कर सकता है…. लेकिन मुझे इस कहानी ने कई सबक दे दिए हैं। मसलन ऊपर वालों के गधे कैसे देशी घी के हलुवे की दावत उड़ाते हैं….

सुभाष गुप्ता वीओआई के उत्तराखंड स्टेट हेड बने

सुभाष गुप्तादेहरादून में वरिष्ठ पत्रकार सुभाष गुप्ता ने सहारा के न्यूज चैनल को अलविदा कह दिया है। वे त्रिवेणी ग्रुप के चैनल वायस आफ इंडिया में बतौर स्टेट हेड बनकर जा रहे हैं। पत्रकारिता के चर्चित नाम सुभाष गुप्ता ने दो दशक तक अमर उजाला को अपनी सेवाएं दीं। वे अमर उजाला के लिए बरेली, मेरठ और देहरादून जैसे शहरों में वरिष्ठ पदों पर कार्यरत रहे। पिछले पांच वर्षों से वे इलेक्ट्रानिक मीडिया में सहारा ग्रुप के न्यूज चैनल के साथ बतौर ब्यूरो चीफ के रूप में कार्यरत थे।

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