‘आईबीएन-लोकमत’ स्टाफ पर फिर होगा ‘हमला’!

‘आईबीएन-लोकमत’ में छंटनी के लिए हरी झंडी का इंतजार : ‘सीएनएन-आईबीएन’ और ‘आईबीएन7’ में भी री-स्ट्रक्चरिंग संभव : अभी स्टाफ शिवसेना के हमले से उबरा नहीं है कि एक और हमले की चेतावनी इस चैनल के मीडियाकर्मियों तक कानोंकान पहुंच रही है। यह हमला कोई और नहीं बल्कि खुद प्रबंधन ही अपने लोगों पर करने जा रहा है। शिवसेना वालों ने तो सिर्फ कपड़े फाड़े थे और वार किया भी था तो बिलकुल सामने से लेकिन प्रबंधन गुपचुप ढंग से और पेट पर लात मारने जा रहा है। शिवसेना के हमले के खिलाफ पूरे देश में त्राहिमाम मच गया लेकिन प्रबंधन जब अपने मीडियाकर्मियों पर हमले कर रहा है तो कहीं से कोई आवाज नहीं आ रही है।

250 कर्मियों के पेट पर लात मारने के अपराधी हैं ये दो

नीचे के इन दो चेहरों को ध्यान से देखिए। ये टीवी18 ग्रुप के बिजनेस न्यूज चैनलों से करीब ढाई सौ लोगों को बाहर किए जाने के अपराधी हैं। इस देश का कानून इनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता क्योंकि देश की सरकारें अब इन्हीं धंधेबाजों के इशारों पर नीतियां बनाती और बिगाड़ती हैं।

सीएनबीसी के हैदराबाद और कोलकाता आफिस बंद

टीवी18 के बिजनेस चैनलों सीएनबीसी टीवी18 और सीएनबीसी आवाज में छंटनी का क्रम जारी है। इस स्तब्धकारी घटना से मीडियाकर्मी हिले हुए हैं पर सिलसिला बंद नहीं हो रहा है। ताजी सूचना के मुताबिक इन बिजनेस न्यूज चैनलों के हैदराबाद और कोलकाता आफिस बंद कर दिए गए हैं। इन दोनों आफिसों के कुल 8 लोगों को हटाया गया है।

अचानक इतना स्टाफ फालतू क्यों नजर आने लगा?

टीवी18 से जुड़े एक जर्नलिस्ट ने अपने संस्थान के सैकड़ों मीडियाकर्मियों की छंटनी पर दिल का दर्द लिखकर भड़ास4मीडिया के पास भेजा है। हम इसे पूरा का पूरा प्रकाशित कर रहे हैं। जर्नलिस्ट ने अपना नाम न छापने का अनुरोध किया है। -एडिटर, भड़ास4मीडिया

दोनों बिजनेस चैनलों से 125 कर्मी बाहर

मंदी खत्म होने के बाद छंटनी से मचा हड़कंप : सीएनबीसी टीवी18 और सीएनबीसी आवाज के सभी विभागों में बंपर छंटनी : तीन महीने का नोटिस थमाया गया : संजय पुगलिया के भविष्य को लेकर चर्चाएं शुरू : जो आशंका भड़ास4मीडिया ने व्यक्त की थी, वही घटित हो रहा है। बेहद बुरी खबर है। टीवी18 के हिंदी और अंग्रेजी के बिजनेस न्यूज चैनलों ‘सीएनबीसी टीवी18’ और ‘सीएनबीसी आवाज’ के दिल्ली और मुंबई आफिसों से तकरीबन 80 से लेकर 125 लोगों की छंटनी किए जाने की खबर मिली है। दिल्ली में ‘सीएनबीसी आवाज’ के 21 लोगों के स्टाफ में अब सिर्फ 4 लोग बचे हैं। करीब 17 लोगों को तीन महीने का नोटिस दे दिया गया है। तीन महीने बाद इन लोगों को चैनल से बाहर होना पड़ेगा। इसी तरह सीएनबीसी  टीवी18 और सीएनबीसी आवाज के दिल्ली-मुंबई आफिसों में कल से एक-एक कर लोगों को एचआर द्वारा बुलाया जा रहा है और छंटनी किए जाने की सूचना से अवगत कराया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक ‘सीएनबीसी टीवी18’ और ‘सीएनबीसी आवाज’ का संचालन अलग-अलग करने की बजाय एक साथ करने के कंपनी के फैसले के बाद संजय पुगलिया की भावी स्थिति के बारे में भी कयास लगाए जाने लगे हैं।

टीवी18 में बड़े पैमाने पर छंटनी की तैयारी!

अगर बांबे स्टाक एक्सचेंज को नेटवर्क 18 द्वारा भेजी गई कारपोरेट विज्ञप्ति के मर्म को समझें तो यही कहा जा सकता है कि टीवी18 में आने वाले दिनों में बंपर छंटनी की तैयारी चल रही है। 20 नवंबर को बीएसई के पास भेजी गई विज्ञप्ति में कहा गया है कि सीएनबीसी टीवी18 और सीएनबीसी आवाज चैनल चलाने वाली कंपनी टीवी18 खर्चों में कमी के लिए आपरेशनल री-स्ट्रक्चरिंग करने जा रही है। इसके तहत दोनों बिजनेस चैनलों का संचालन अब साझा तौर पर किया जाएगा। इन दोनों चैनलों का अस्तित्व अलग-अलग बना रहेगा।