Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

कहिन

सिंह साहब, शर्म तो आपको आनी चाहिए

उदय शंकर खवारेप्रिय यशवंत जी, आज अपने अखबार का काम ख़त्म करके रात को ग्यारह बजे बी4एम को देखा. लेखक शेष नारायण सिंह, वरिष्ठ पत्रकार, का आलेख पढ़ा, पढ़कर खुशी नहीं, मायूशी हुई. उन्होंने लिखा है कि “मोदी एक ऐसी जमात से ताल्लुक रखते हैं जो मुसलमानों को तबाह करने की राजनीति पर काम करती है।”  बहुत ही गलत लिखा उन्होंने। फिर आगे लिखा है- ”1925 में अपनी स्थापना के बाद आरएसएस. ने 1927 में नागपुर में योजनाबद्ध तरीके से पहला दंगा करवाया था। तबसे मुसलमानों के खिलाफ इनका ‘प्रोग्राम’ चल रहा है। गुजरात में सरकार बनी तो गोधरा कांड करके राज्य में मुसलमानों को तबाह करने की योजना पर अमल किया गया। जब अफसरों ने देखा कि मुख्यमंत्री मुसलमानों के खून से खुश होता है तो उन्होंने भी निरीह सीधे-साधे और गरीब लोगों को आतंकवादी बताकर मारने का सिलसिला शुरू कर दिया।”

उदय शंकर खवारेप्रिय यशवंत जी, आज अपने अखबार का काम ख़त्म करके रात को ग्यारह बजे बी4एम को देखा. लेखक शेष नारायण सिंह, वरिष्ठ पत्रकार, का आलेख पढ़ा, पढ़कर खुशी नहीं, मायूशी हुई. उन्होंने लिखा है कि “मोदी एक ऐसी जमात से ताल्लुक रखते हैं जो मुसलमानों को तबाह करने की राजनीति पर काम करती है।”  बहुत ही गलत लिखा उन्होंने। फिर आगे लिखा है- ”1925 में अपनी स्थापना के बाद आरएसएस. ने 1927 में नागपुर में योजनाबद्ध तरीके से पहला दंगा करवाया था। तबसे मुसलमानों के खिलाफ इनका ‘प्रोग्राम’ चल रहा है। गुजरात में सरकार बनी तो गोधरा कांड करके राज्य में मुसलमानों को तबाह करने की योजना पर अमल किया गया। जब अफसरों ने देखा कि मुख्यमंत्री मुसलमानों के खून से खुश होता है तो उन्होंने भी निरीह सीधे-साधे और गरीब लोगों को आतंकवादी बताकर मारने का सिलसिला शुरू कर दिया।”

अब देश के वरिष्ठ पत्रकार इसमें मीडिया को गाली देंगे, शोभा नहीं देता. सिंह साहब वही बात कह रहे हैं, जैसे अगर स्टेज पर चढ़ कर कोई हमको गाली दे तो हम उस गाली देने वाले को तो बाद में कुछ कहेंगे, पहले साउंड बॉक्स को गाली दें, कि इसी ने गाली की आवाज़ निकाली  थी. सिंह साहब ये भूल रहे हैं कि जिस मीडिया ने इनकाउन्टर को हाई-लाइट किया, उसी मीडिया ने ये भी जनता को बताया कि ये इनकाउंटर नकली था. रोजाना बुखारी जैसे देशद्रोही कितनी बाते कहते हैं, सिंह साहब कभी ये नहीं कहते कि, बुखारी को या फिर जो भी राष्ट्र को नुकसान पहुंचा रहा है, उसको फांसी दो. नहीं, वे ऐसी मांग नहीं करेंगे. क्या कभी आपने या देश के किसी व्यक्ति ने सुना है कि संघ के विद्यालयों में ये सिखाया जाता हो कि राष्ट्र गीत नहीं गाना है, क्या सिंह साहब ये नहीं जानते की बंटवारा क्यों हुआ और पूर्वी पकिस्तान और पश्चिमी पाकिस्तान क्यों बना? मतलब जहां भी मुस्लिम ज्यादा हो जाते हैं, वे अपने आप को अलग रहने की मांग करने लगते हैं.

पता नहीं ये धर्मनिरपेक्ष लोग बात को किस तरह से परिभाषित करना चाहते है. जहाँ तक रही मीडिया को माफी मांगने की बात, तो मीडिया नहीं, उन व्यक्तियों को माफी मांगनी चाहिए जो चार मुस्लिम युवकों को मारे जाने को धर्मनिरपेक्षता से जोड़ते हैं. एस.पी. तमांग के जाँच आयोग की बात तो ठीक है, पर बाबरी मस्जिद आयोग कहां गया? मुंबई दंगों को लेकर कहा गया कि कसाब 170 लोगों को मारने के बाद जेल में बासमती मांग रहा है, उसकी जाँच की क्या हुआ? अफजल की फांसी की क्या हुआ? कहां है धर्मनिरपेक्षता की बात करने वाला? सिंह साहब, पत्रकारिता में हम जैसे बच्चों से ऐसी बात सुनेंगे तो अच्छा नहीं लगेगा, लेकिन जब कश्मीर में हिन्दू को मार कर भगा दिया गया…गोधरा में जला दिया गया..और ना जाने देश में कितनी हिन्दू लड़कियों को जबरन या बलात्कार कर मुस्लिम बनाया गया तो आप कहां थे? ऐसी खबरें अक्सर मीडिया मीडिया में आती हैं तो सिंह साहब जैसे लोगो का कोई बयान नहीं आता…लेकिन इशरत जहाँ पर तुरंत बोलना शुरू कर दिया…..शर्म आनी चाहिए उनको जो ऐसी बात करते हैं….

उदय शंकर खवारे

न्यूज़ एडिटर, डेली अभी अभी, रोहतक 

[email protected]

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

0 Comments

  1. Manish Mishra,

    February 8, 2010 at 11:20 am

    i agree with u, udai

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास तक खबर सूचनाएं जानकारियां मेल करें : [email protected]

भड़ास के वाट्सअप चैनल से जुड़ें और नवीनतम खबरें पाएं : Bhadas Whatsapp

भड़ास लीगल टीम : किसी किस्म की लीगल हेल्प के लिए संपर्क करें- Bhadas Legal Team

You May Also Like

Uncategorized

भड़ास4मीडिया डॉट कॉम तक अगर मीडिया जगत की कोई हलचल, सूचना, जानकारी पहुंचाना चाहते हैं तो आपका स्वागत है. इस पोर्टल के लिए भेजी...

Uncategorized

भड़ास4मीडिया का मकसद किसी भी मीडियाकर्मी या मीडिया संस्थान को नुकसान पहुंचाना कतई नहीं है। हम मीडिया के अंदर की गतिविधियों और हलचल-हालचाल को...

हलचल

[caption id="attachment_15260" align="alignleft"]बी4एम की मोबाइल सेवा की शुरुआत करते पत्रकार जरनैल सिंह.[/caption]मीडिया की खबरों का पर्याय बन चुका भड़ास4मीडिया (बी4एम) अब नए चरण में...

Uncategorized

मीडिया से जुड़ी सूचनाओं, खबरों, विश्लेषण, बहस के लिए मीडिया जगत में सबसे विश्वसनीय और चर्चित नाम है भड़ास4मीडिया. कम अवधि में इस पोर्टल...