: मुकदमा दर्ज करने के लिए थाने में दी तहरीर : उत्तर मध्य सांस्कृतिक केन्द्र, इलाहाबाद के निदेशक के खिलाफ भी शिकायत : पहले से ही विवादित रहे कॉमनवेल्थ आर्गेनाइजिंग कमेटी पर एक और आरोप लगा है. यह आरोप लगाया है इलाहाबाद के फोटो जर्नलिस्ट राजेश कुमार सिंह ने. राजेश ने इलाहाबाद के सिविल लाइंस में दिए गए तहरीर में आरोप लगाया कि उनके साथ धोखाधड़ी की गई है.
उन्होंने इसके लिए उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, इलाहाबाद के निदेशक आनंद वर्धन शुक्ल एवं कॉमनवेल्थ आर्गेनाइजिंग कमेटी के चेयरमैन ललित भनोट के खिलाफ तहरीर दिया है तथा दोनों पर उनके द्वारा खीची गई फोटोग्राफ्स का बिना उनकी अनुमति एवं धोखे से इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है.जानकारी के अनुसार राजेश सिंह से उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र इलाहाबाद के निदेशक आनंद वर्धन शुक्ल, जो मूल रूप से राजस्थान के आईपीएस अधिकारी हैं, ने जुलाई 2009 में यूनिसेफ के फ़्रांस में हो रहे एक समारोह के लिए कई सारे फोटोग्राफ खिंचवाने का कांट्रैक्ट दिया.
आनंद वर्धन शुक्ल ने उक्त फोटोग्राफ का अपने उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के प्रचार-प्रसार के लिए अनुबंध किया था. इन फोटो का कांट्रैक्ट के टर्म कंडीशन के अतिरिक्त किसी भी अन्य प्रकार से उपयोग नहीं किया जाना चाहिए था. लेकिन बाद में जब राजेश कुमार सिंह 12/08/2010 को इलाहाबद से दिल्ली जाने के लिए स्टेशन पहुंचे तो इलाहाबाद स्टेशन पर उनके द्वारा खींचे गए एक फोटो पर नजर पड़ी. ये फोटो कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए लगाए गए एक पोस्टर पर नज़र आया.
उन्होंने जब इसे और गौर से देखा तो उन्हें पोस्टर में अपना नाम कहीं भी नहीं दिखा. इसके बाद राजेश समझ गए कि उनके साथ धोखाधड़ी की गयी है. और उनके द्वारा लिए गए फोटोग्राफ्स का गलत इस्तेमाल लाभ कमाने के लिए उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, इलाहाबाद के निदेशक आनंद वर्धन शुक्ल और कॉमनवेल्थ गेम्स ओर्गेनाइजिंग कमिटी के डाइरेक्टर जनरल तथा सचिव ललित भनोट ने मिल कर किया है. यह सीधे-सीधे बौद्धिक सम्पदा के नियमों का खुला उल्लंघन था. साथ ही यह कॉपीराइट एक्ट के नियमों का भी उल्लंघन है.
27/08/2010 को जब राजेश सिंह नई दिल्ली से आकर उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, इलाहाबाद के कार्यालय में पहुंच कर इस सम्बन्ध में जानकारी लेनी चाही तो यहां के लोगों ने इस बारे में पूरी अनभिज्ञता जताई. ज्यादा पूछताछ करने पर वहां मौजूद अधिकारियों ने पहले राजेश को डराने-धमकाने का प्रयास किया, लेकिन जब राजेश नहीं माने तो उन्हें काम दिलाने का लालच दिया गया. राजेश सिंह इस बात से संतुष्ट नहीं हुए.
इस मामले में कोई अन्य विकल्प ना होने के चलते राजेश ने 18/10/2010 को प्रभारी निरीक्षक, थाना सिविल लाइंस, इलाहाबाद को एक लिखित तहरीर दी. जिसमे उन्होंने उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र इलाहाबाद के निदेशक आनंद वर्धन शुक्ल तथा कॉमनवेल्थ गेम्स ओर्गेनाइज़िन्ग कमिटी के डाइरेक्टर जेनेरल तथा सचिव ललित भनोट के खिलाफ उचित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने का अनुरोध किया है. अभी तक पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं किया है. इस मामले में पूछे जाने पर राजेश सिंह ने उनके साथ हुए धोखाधड़ी पर कड़ी आपत्ति जताई और न्याय के लिए अंत तक संघर्ष करने की बात कही.
राजेश द्वारा सिविल लाइंस थाना, इलाहाबाद में दी गई तहरीर नीचे है.
लखनऊ से डा. नूतन ठाकुर की रिपोर्ट
सेवा में,
प्रभारी निरीक्षक
थाना सिविल लाइन्स, इलाहाबाद.
महोदय,
प्रार्थी राजेश कुमार सिंह, पेशे से एक फोटो जर्नलिस्ट है, सरकारी/गैर सरकारी संस्थाओं में प्रार्थी से फोटोग्राफी कराने के अनुरोध पर प्रार्थी भुगतान प्राप्त कर फोटोग्राफी का कार्य करता है. जिस उद्देश्य से फोटोग्राफ प्रदान की जाती है, उसके अतिरिक्त अन्य किसी प्रयोजन में मेरे द्वारा प्रदान की गई फोटोग्राफ को फोटो बिना मेरी अनुमति के प्रयोग में नहीं लाई जाती है. मेरे द्वारा की गई फोटोग्राफी पर मेरा सर्वाधिकार सुरक्षित रहता है. यदि किसी व्यक्ति द्वारा बिना मेरे संज्ञान में लाये अथवा धोखाधड़ी कर अवैध लाभ अर्जन करने की कोशिश अथवा कार्य किया जाता है, तो वह विधिक मान्यताओं का सर्वथा उल्लंघन होता है. वह व्यक्ति/संस्था द्वारा ऐसा करके मेरे साथ धोखाधड़ी करते हुए अपने लाभ के उद्देश्य से मेरे कॉपीराइट अधिकारों का हनन करते हुए मेरी बौद्धिक सम्पदा का अवैधानिक तरीके से अपने लाभ में, प्रयोग करने का दण्डनीय आपराधिक कृत्य करता है.
अवगत कराना है कि विगत जुलाई 2009 में उत्तर मध्य सांस्कृतिक केन्द्र, इलाहाबाद के निदेशक श्री आनन्द वर्धन शुक्ला द्वारा अपने कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार करने के उद्देश्य से यूनेस्को (फ्रांस) में भेजने हेतु मुझसे फोटोग्राफी करायी गई. इन फोटोग्राफ्स का कहीं अन्य प्रयोग मेरी अनुमति के बिना किया जाना सर्वथा दण्डनीय अपराध है.
मैं दिल्ली जाने के लिए दिनांक 12.08.2010 को रेलवे स्टेशन इलाहाबाद के प्लेटफार्म नम्बर एक पर गया था, वहां देखा उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृति केन्द्र, इलाहाबाद में जुलाई 2009 में तैयार की गई फोटोग्राफ कामनवेल्थ गेम्स 2010 के प्रचार हेतु लगाए गए पोस्टर में लगा हुआ है. इसे देखकर मैं भौचक्का रह गया कि मेरे द्वारा तैयार की गई फोटोग्राफ में उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र, इलाहाबाद के सौजन्य से अथवा फोटोग्राफ लेने वाले व्यक्ति यानी कि मेरा भी नाम नहीं है.
मैं यह समझ गया कि मेरे द्वारा उत्तर मध्य सांस्कृतिक केन्द्र, इलाहाबाद हेतु जुलाई 2009 में मेरे द्वारा तैयार की गई फोटोग्राफ्स, इस केन्द्र के निदेशक द्वारा कामनवेल्थ गेम्स, नई दिल्ली के डीजी (डाइरेक्टर जनरल) एवं सेक्रेटरी ललित भनोट, आर्गेनाइजिंग कमेटी कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 को बिना मेरी अनुमति के अपने अवैध लाभ के लिए उपलब्ध कराई गई है. जिसका इस प्रकार से दुरुपयोग किया जा रहा है. उस दिन मैं दिल्ली चला गया, रेलवे स्टेशन नई दिल्ली के प्लेटफार्मों सहित नई दिल्ली के कई हिस्सों में कई जगह उक्त फोटोग्राफ्स के पोस्टर लगाए गए हैं. पोस्टर लगाए जाने के पूर्व डीजी कॉमनवेल्थ गेम्स नई दिल्ली द्वारा इसके कापी राइटस के संदर्भ में अवश्य ही जानकारी कर लेनी चाहिए थी, जबकि उन्होंने ऐसा न करके मुझे धोखे में रखकर तथा अनुचित लाभ लेकर मेरे कापी राइटस अधिकारों का हनन, मेरी बौद्धिक सम्पदा का अपने लाभ हेतु प्रयोग किये जाने और मेरे साथ धोखा देने आदि का आपराधिक कृत्य किया जा रहा है. (फोटो संलग्न)
मैं वापस इलाहाबाद आकर दिनांक 27.08.2010 को कार्यालय निदेशक उत्तर मध्य सांस्कृतिक केन्द्र गया, वहां पर उपस्थित स्टाफ से अपनी आपत्ति जताई तो वहां उपलब्ध स्टाफ ने इस संदर्भ में अपनी अनभिज्ञता जाहिर करते हुए संभावना जताया कि निदेशक महोदय द्वारा कदाचित ऐसा किया गया हो.
महोदय निवेदन है कि मेरे साथ श्री आनंद वर्धन शुक्ल, निदेशक उत्तर मध्य सांस्कृतिक केन्द्र (NCZCC), इलाहाबाद एवं डीजी (डाइरेक्टर जनरल) कॉमनवेल्थ गेम्स व सेक्रेटरी जनरल ललित भनोट, आर्गेनाइजिंग कमेटी कॉमनवेल्थ्ा गेम्स 2010, नई दिल्ली मेरे द्वारा ली गई फोटोग्राफ्स का प्रयोग मुझसे धोखाधड़ी करके, मेरी अनुमति के बिना, मेरा क्रेडिट (बाइ लाइन) यानी मेरा नाम मुद्रित किए बिना तथा फोटोग्राफ्स के एवज में बिना कोई भुगतान किए, कॉमनवेल्थ गेम्स नई दिल्ली 2010 के प्रचार सामग्री एवं पोस्टर इत्यादि में देश भर में किया जा रहा है. अत: आपसे निवेदन है कि उपरोक्त व्यक्तियों पदाधिकारियों द्वारा किए गए आपराधिक कृत्य के संबंध में यथा वांछित विधिक कार्यवाही करने का कष्ट करें. अन्यथा प्रार्थी को व्यवसायिक-बौद्धिक एवं मानसिक क्षति पहुंचेगी. प्रार्थी आपका आभारी रहेगा.
दिनांक- सितम्बर 18, 2010
प्रार्थी
राजेश कुमार सिंह (फोटो जर्नलिस्ट)
निवासी- ए-4 अग्निपथ कालोनी
टीबी सप्रू रोड
थाना-सिविल लाइन्स, इलाहाबाद
मोबाइल 0915215920
प्रतिलिपि–
1- श्रीमान पुलिस उप महानिरीक्षक जनपद इलाहाबाद को सूचनार्थ एंव आवश्यक कार्रवाई हेतु.
2- पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश सरकार को आवश्यक कार्रवाई हेतु.












gyan swami lko
October 5, 2010 at 1:37 am
rajesh bhai lage raho
gyan swami lko
October 5, 2010 at 1:37 am
lage raho rajesh bhai
gyan swami lko
Dr. Priyamvad
October 8, 2010 at 6:34 pm
kpuc zindabad.
tushaar sharma
October 9, 2010 at 10:35 pm
राजेश जी आप ने जो हिम्मत दिखाई है वह तारीफ के काबिल है .बस अब हिम्मत मत हारीएगा.अपने मेहनत का पैसा और नाम लेकर रहिएगा.हमेशा से फोटोग्राफरों के साथ इसी तरह का होता आया है .हम सभी आप के साथ है.तुषार शर्मा S1 न्यूज़ चैनल 9145223300