मैनेजिंग एडिटर से 500 करोड़ का हर्जाना मांगा

दो न्यूज चैनल टीआरपी होड़ में एक दूसरे से इस कदर लड़ पड़ेंगे, अंदाजा न था. खुद को नंबर वन  बताने की होड़ में एक दूसरे की चड्ढी उतारने का दौर चला फिर कोर्ट-कचहरी की नौबत आ गई है. सीएनबीसी टीवी18 के मैनेजिंग एडिटर उदयन मुखर्जी को ब्लूमबर्ग-यूटीवी की तरफ से 500 करोड़ रुपये की मानहानि का नोटिस भेजा गया है. दोनों चैनलों में लड़ाई इस बात की है कि बजट वाले दिन नंबर वन बिजनेस चैनल कौन था. टैम वाले टामियों ने सीएनबीसी टीवी18 को नंबर वन बताया है जबकि ए-मैप ने ब्लूमबर्ग-यूटीवी को. ब्लूमबर्ग-यूटीवी के लोगों ने ए-मैप की रेटिंग को आधार बना नंबर वन का गान शुरू किया.

इस गान को दुनिया सुने-देखे, इसीलिए ईकानामिक टाइम्स में नंबर वन होने का फुल पेज विज्ञापन प्रकाशित करा दिया. भला सीएनबीसी टीवी18 वाले कहां चुप रहने वाले थे.  ब्लूमबर्ग-यूटीवी के दावे को देखकर इनकी तो पूरी तरह सुलग गई. तब सीएनबीसी टीवी18 के लोगों ने अपने ही चैनल पर एक कार्यक्रम प्रसारित कर खुद की शेखी बघारनी शुरू कर दी. कार्यक्रम में खुद को नंबर वन बताया और ब्लूमबर्ग-यूटीवी का उपहास उड़ाया, इसलिए क्योंकि वह खुद को नंबर वन बताता फिर रहा है. उसे चोर, झूठा, छलिया… जाने क्या क्या कह डाला.

ब्लूमबर्ग-यूटीवी की तरफ से जो नोटिस उदयन मुखर्जी को भेजा गया है, उसकी एक प्रति भड़ास4मीडिया के भी पास है. हम इस संपूर्ण नोटिस को नीचे प्रकाशित कर रहे हैं. नोटिस के सभी बिंदु पढ़ते जाइए. समझ में आ जाएगा कि टीवी के ये बंदर रेटिंग के लिए किस कदर उछलकूद मचा रहे हैं, किस कदर नीचता पर उतारू हो गए हैं और किस कदर एक दूसरे के कपड़े -चड्ढी -बनियान नोंच रहे हैं. चलो, इसी बहाने मीडिया की कारपोरेट दुनिया का कालापन, कारपोरेट दुनिया के रोबोटिक प्रोफेशनल्स का घटियापन भी जनता के सामने आ गया है.

नोटिस पढ़कर प्राथमिक तौर पर तो यही लग रहा है कि गलती सीएनबीसी टीवी18 वालों ने ही की है. नोटिस के मुताबिक सीएनबीसी टीवी18 पर 4 मार्च को ‘बाजार’ नामक कार्यक्रम में होस्ट उदयन मुखर्जी और मिताली मुखर्जी ने 2 मिनट तक ब्लूमबर्ग-यूटीवी के बारे में गलतबयानी की.  उदयन ने अपने चैनल को महान बताने-जताने में प्रतिद्वंद्वी चैनल के बारेर में आपत्तिजनक बातें कह डाली. अमर्यादित आरोप लगाते गए. ब्लूमबर्ग-यूटीवी को नकलची, छलिया, झूठा जैसे तमगे दे डाले. यह सब सिर्फ इसलिए क्योंकि ब्लूमबर्ग-यूटीवी ने बजट वाले दिन की टीवी व्यूवरशिप के मामले में ए-मैप की रेटिंग के आधार पर खुद को नंबर वन बताया और इसका चहुंओर विज्ञापन किया.

नोटिस में ब्लूमबर्ग-यूटीवी की तरफ से सीएनबीसी टीवी18 के मैनेजिंग एडिटर उदयन मुखर्जी से कहा गया है कि 48 घंटे में बिना शर्त माफीनामा का प्रसारण अपने टीवी चैनल पर करा दो अन्यथा 500 करोड़ रुपये का हर्जाना भरने के लिए तैयार रहो. 48 घंटे का वक्त तो जाने कबका निकल गया. जाहिर है, दो बड़े बिजनेस न्यूज चैनलों की लड़ाई कोर्ट पहुंचेगी और वहीं फैसला होगा. चलिए, अब आप ब्लूमबर्ग-यूटीवी की ओर से सीएनबीसी टीवी18 के मैनेजिंग एडिटर उदयन मुखर्जी को भेजे गए नोटिस के सभी चारों पन्नों को पढ़िए…

पढ़ लिया आपने. तो ये है न्यूज चैनलों का चेहरा. नंबर वन बनना इनके लिए जीवन-मरण का सवाल है. इनके एजेंडे में जनहित दूर-दूर तक नहीं है. जनता का नाम ले-लेकर तो ये सिर्फ धंधा करते हैं. इनका चेहरा मानवीय होता है, इनकी बातें मानवीय होती हैं. पर मंजिल और मकसद धंधा होता है. लक्ष्य होता है मुद्रा मोचन करना. धंधा करने के लिए इन्हें सबसे बड़ा बाजारू बनना होता है. इस बाजारूपने की लड़ाई में सब यही बताने-दिखाने में लग जाते हैं कि तेरे से बड़ा बाजारू मैं हूं.

नंबर वन बाजारू बनने-बताने की इस जंग के रेफरी-अंपायर हैं टैम और ए-मैप जैसी निजी कंपनियां जिनके कामकाज का तरीका बेहद रहस्यमय और अपारदर्शी है. इनके टीआरपी मीटर्स को आज तक भगवान भी नहीं देख पाए हैं. पैसे के बल पर चैनलों को उपर-नीचे करने के इनके खेल के बारे में दुनिया जानती है लेकिन बेदम सरकारों की नपुंसक चुप्पी से इन बाजारू गणिकाओं के धतकरम दिन-ब-दिन बढ़ते ही जा रहे हैं. पैसे लेकर टीआरपी ज्यादा दो, पैसे लेकर बेस्ट चैनल का पुरस्कार दो, पैसे लेकर खबरें छापो-दिखाओ…. बस पैसा बनाओ…. नैतिकताएं और मूल्य अब गरीब व कमजोर लोगों के लिए छोड़ दिए गए हैं. समरथ को नहीं दोष गुसाईं…

बाजार के रेफरियों-अंपायरों में से कोई किसी को नंबर वन बता रहा है तो कोई किसी को. इस बाजारू नाप-तोल पद्धति से उपजे आंकड़ों का हर कोई अपने-अपने तर्क-गणित के आधार पर अपने हित में भाष्य-टीका पेश कर रहा है और खुद को नंबर वन और दूसरे को धोखेबाज बता रहा है.

सीएनबीसी टीवी18 के मैनेजिंग एडिटर उदयन मुखर्जी ने जो हरकत की है, वह वाकई शर्मनाक है, जैसा कि नोटिस में बताया गया है और अगर यह बात सच है तो. दूसरों को छोटा बताकर खुद को महान बनने का बाजारू दौर है यह. ब्लूमबर्ग-यूटीवी के साहस की हम सभी को सराहना करनी चाहिए कि उसने पूरे मामले को इगनोर करने की बजाय जोरशोर से उठाया और कोर्ट तक ले जाने की तैयारी की. सीएनबीसी टीवी18 के लोगों के पास इस मामले में है कोई जवाब?

-यशवंत

एडिटर, भड़ास4मीडिया

yashwant@bhadas4media.com

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Comments on “मैनेजिंग एडिटर से 500 करोड़ का हर्जाना मांगा

  • kya haal ban gaya hai news world ka…

    mandi and now TRP’s…..

    news channel mein kaam karne apraadh ban gaya hai…

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  • yashwant bhai meri samajh se comment wala column band hi kar do to achha hai kyunki aap sirf wahi comment chhapte ho aapke ya fir bhadas 4 media ke favour me ho..koi shhak??????????????

    Reply
  • Sahi hai bidu, abhi to dekhtey jaeye aagye aur kitna nichta dikhaney wale hain ye khabariya channalon ke thikedar

    Reply
  • neeraj karan singh says:

    hamaam main sub nangay hai. balki ek dusre ko apne hi hamaam main tatol- tatol lar dekh rahe hai ki kaun kitne paani main hai. 🙁

    Reply

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