मृणाल पांडे प्रसार भारती की नई चेयरपर्सन

मृणाल पांडेएक बड़ी खबर है. शशि शेखर के चीफ एडिटर बनकर ‘हिंदुस्तान’ अखबार आने के कारण एचटी ग्रुप को टाटा-बाय-बाय करने को मजबूर हुईं मशहूर पत्रकार और लेखिका मृणाल पांडे को प्रसार भारती का नया चेयरपर्सन बना दिया गया है. अभी तक प्रसार भारती के सीईओ बीएस लाली चेयरमैन का अतिरिक्त काम भी देख रहे थे. पिछले साल मई महीने में चेयरमैन पद से अरुण भटनागर के इस्तीफा देने के बाद सरकार ने उनसे कुछ समय के लिए पद पर बने रहने का अनुरोध किया था. भटनागर का इस्तीफा दिसंबर में स्वीकार कर लिया गया था. उसके बाद से लाली ही चेयरमैन का काम देख रहे थे. सूत्रों का कहना है कि शुक्रवार को यूपीए सरकार ने मृणाल पांडे के नाम पर मुहर लगा दी. सरकार ने प्रसार भारती के सदस्य के रूप में तीन लोगों की नियुक्ति को भी फाइनल कर दिया है. इनके नाम हैं श्याम बनेगल, मुजफ्फर अली और सुमन दुबे. श्याम बेनेगल और मुजफ्फर अली जाने-माने फिल्म निर्माता हैं तो सुमन दुबे पत्रकार. प्रसार भारती की नई टीम दूरदर्शन और आकाशवाणी के संचालन के लिए जिम्मेदार होगी.

ज्ञात हो कि प्रसार भारती के सीईओ लाली, जो कि एक आईएएस अधिकारी हैं, प्रसार भारती बोर्ड के सदस्यों द्वारा वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपों के चलते विवादों से घिरे रहे. इस्तीफा देने वाले चेयरमैन अरूण भटनागर भी आईएएस अधिकारी हैं. वे कांग्रेस के नजदीकी के कारण एमवी कामथ की जगह चेयरमैन बनाए गए थे. एमवी कामथ को एनडीए सरकार के कार्यकाल में चेयरमैन बनाया गया था. प्रसार भारती बोर्ड के दो सदस्यों एसके बिसारिया और सुनाल डंग ने भी छह साल का कार्यकाल पूरा हो जाने के कारण इस्तीफा दे दिया.

मृणाल पांडे के प्रसार भारती के चेयरपर्सन के रूप में नियुक्त किए जाने से उनके बारे में लगाए जा रहे कयासों का अंत हो गया है. कोई उन्हें आज समाज और इंडिया न्यूज समूह का सीईओ बना रहा था तो कोई नवजीवन और नेशनल हेराल्ड का चीफ एडिटर बनने की भविष्यवाणी कर रहा था. कोई मृणाल के रिलायंस में जाने की चर्चा कर रहा था तो कोई किसी बड़े न्यूज चैनल का नाम ले रहा था. पर मृणाल इन सारे अफवाहों से दूर अपनी मां और मशहूर साहित्यकार शिवानी की ग्रंथावली के संपादन में जुटी रहीं. उन्होंने अपने नजदीकी लोगों से हमेशा यही कहा कि वे कहीं नहीं जा रही हैं और फिलहाल लेखन के अधूरे काम को पूरा करने में जुटी हुई हैं.

सूत्रों का कहना है कि मृणाल और उनके परिवार के कुछ लोगों का हमेशा से कांग्रेस से करीबी रिश्ता रहा है. सोनिया गांधी जिस तरह से कांग्रेस के प्रति सदभाव रखने वाली महिलाओं को बड़े पदों पर बिठाने की हिमायती रही हैं और समय-समय पर बिठाती रही हैं, उसी के तहत मृणाल को प्रसार भारती का चेयरपर्सन बनाने का फैसला लिया गया. इस फैसले से कांग्रेस को दोहरा फायदा हुआ है. एक तो महिलाओं को आगे बढ़ाने की कांग्रेस व केंद्र सरकार की छवि और मजबूत हुई है, दूसरे मृणाल के साहित्यिक और पत्रकारीय बैकग्राउंड के चलते उनके नाम पर कहीं से विरोध की आवाज उठने की आशंका निर्मूल हुई है.

राजनीतिक हलके में भले ही मृणाल एक बेदाग और चर्चित शख्सियत हों पर पत्रकारिता में उनकी मिश्रित छवि है. मृणाल पांडे हिंदुस्तान में प्रधान संपादक रहते हुए कई कारणों से विवादित और चर्चित हुईं. हिंदुस्तान अखबार को नए तेवर और कलेवर में लाकर हिंदी पट्टी में स्थापित करने का श्रेय उन्हें और उनकी टीम को जाता है. प्रबंधन ने उनके कार्यकाल में कंटेंट की आधुनिकता और अखबार के प्रसार को लेकर कई तरह के सफल प्रयोग किए. नए जमाने का अखबार बनाने की कवायद में मृणाल पांडे ने लंबे समय से हिंदुस्तान में काम कर रहे दर्जनों लोगों को छंटनी का शिकार बनाया. मृणाल ने बड़े पैमाने पर छंटनी के प्रबंधन के फैसले का न सिर्फ समर्थन किया बल्कि फैसले को बेहद अमानवीय तरीके से लागू कराने को अपनी मौन सहमति दी. हिंदुस्तान में होने वाली छंटनी की खबर और छंटनी के शिकार लोगों के बयान व दुख-दर्द प्रकाशित करने के कारण मृणाल पांडे के राजकाज में उनके डिप्टी प्रमोद जोशी ने भड़ास4मीडिया जैसे मीडिया पोर्टल पर मुकदमा भी ठोंका. उम्मीद करते हैं कि प्रसार भारती में मृणाल पांडे अपनी पुरानी गल्तियों से सबक लेते हुए शुभ शुरुआत करेंगी व अपनी अच्छाइयों की थाती को और ज्यादा फैलाव देंगी.

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Comments on “मृणाल पांडे प्रसार भारती की नई चेयरपर्सन

  • very good
    MRINALji k bare m baat wo log kar rahe hai jo unke panw ki juti bhi nahi hai. hi bhawan ye kesa kalyug hai.

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  • Rajesh Tomar says:

    Yashwant ji aap jaise logo ko, jo patrakar hai he nahi, Ms Mrinal ji par tika tipani karne ka adhikar nahi hai. Kyoki aap unke he bare me theek likhte hai jo aapke kuch dete hai. Agar aap itne he bare nirfik evam imandar patrakar hote to aap VOI ke bare me chapte, waha ke halat ke baare me chapte, esa isliye nahi kyo ki Amit Sinha aur Kishore Malviye jaise log aap ko samay samay par kush karte rahte hai, kabhi aapne Focus T V ka jikra nahi kiya. Ab sab aap ko samaj gaye hai. Bhadas4media ab apni chamak khote ja raha hai. Ab to esa lagta hai ki aapke portal ka esa he haal raha to aap phir wahi par pahuch jayenge jaha pahle the. Prayas aapka acha tha lekin aapcarry on nahi kar paye. Mrinal ji ka kad aaj itna uncha hai jaha aap pahunch he nahi sakte. Ye meri choch ya me unki tarafdari nahi kar raha ho. Balki aap isme ek voting karwye, aapne example dekha he hai dainik Hindustan aaj kis kagar me aakar khara ho gaya hai.

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  • 'choch' kumar says:

    Mr, Tomar ji, Appki ‘choch’ bahut achchhi hai. pahle ye bataawo ki tumhe mrinal ne kya diya hai? hindustan ki naukari ya apne ghar ki chaakri?
    dusre, tumne yashwant ke jo ‘tie-up’ ginaaye hain, ve kuchh kam hain, kuchh aur naam note kar lo… CNEB, Maurya TV, chauthi duniya, News11, News24, Hamar TV, p7news, radio misty, sadhna news, Prabhat Khabar, Daily News Activist, Jansatta, Lemon TV, Channel No.1…

    beta, andaaz lagaate raho, ginte raho…

    dusri baat, pahaadan mrinal pandey ne jitno ki naukari li hai, vo chapter teri chamchagiri ke kaaran band nahi hone waala. chhatni ke shikar banaye gaye loag mrinal ka peechha nahi chhodenge. samjhe ‘choch’ kumar. apni ‘choch’ theek karo. tumhara comment yaha publish bhi ho ja raha hai, ye yashwant aur bhadas4media ka paimaana hai. tum jara mrinal ke muh par uski ek burayi karke dikhawo, wo ghamandi tera muh-choch, dono noch legi, samjhe Mr. choch kumar.
    your
    sanjay (Farzi naam hai ye)
    Delhi

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  • राजेश कुमार says:

    राजेश तोमर. ,,, मृडाल पांडेय के बारे में कम लिखा गया है यहां,,, पूछना उन पत्रकारों से जिनको मृडाल ने नौकरी से धकके मारकर निकाल दिया, यह सोचते हुए कि वे हिंदुसतान से कभी नहीं ंिकाली जाएंगी पर उनको भी पल मिला और बाहर कर दी गयी. ांग्रेस सरकार की चाटुकारिता से पद पा लेना कोई बड़ी बात नहीं है. सारे करम करते हुए एनडी तिवारी तो अभी तक राजपाल बने रहे, प्रसार भारती चेयरमेन का पद क्या होता है…
    राजेश कुमार
    फरीदाबाद

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  • sachin yadav says:

    जैसी करनी वैसी भरनी न माने तो कर के देख जन्नत भी हैं और दोजख भी है न माने तोमर कर देख.

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  • तोमर बाबू। अगर यशवंत टिप्पणी नहीं करेगा तो कौन करेगा। वो संपादक है इस पोर्टल का और संपादक टीका टिप्पणी न करे तो क्या करे। आपने कैसे कहा कि यशवंत पत्रकार नहीं है। क्या आप जानते हैं यशवंत के बारे में। वैसे तोमर बाबू आप हो कौन। कहां के पत्रकार हो। क्या करते हो। पत्रकार होते तो प्रतिक्रिया देते। तुम तो यशवंत को गाली देने के मूड में लग रहे हो। गुरु पत्रकारिता के पेशे में हो तो पत्रकार बनो।

    Reply
  • bhai yashwant jee aapne kishore malviya ke natak wali khabar par mili tippani ko kyu hata diya jo tiwari ne likhi thi? kyu nahee voi ki asaliyat likhate ho? aakhir amit sinha aur kishor malviya ki asali surat kyu nahee dikhate ? aaj sekado log rozi roti ko taras rahe hai inhi logo ki vajah se …..thodi insaniyat bhi rakho bhai

    Reply
  • तौमर जी आप खामखा यशवंत जी पर नाराज हो रहे हो, आपको तो ये सोचना चाहिए की इस व्यक्ति ने वो काम किया है जो आज तक किसी मीडिया वाले ने नहीं किया | वो काम ये है की मीडिया सभी की खबर छापता है पर मीडिया में हो रहे काले चिट्ठे को छापने की हिम्मत किसी ने नहीं उठाई है | यशवंत पर आपका नाराज होना ठीक नहीं है,

    Reply
  • Akhilesh Singh says:

    khair jo hua , better hi hua , jo aage hoga , sayad vo bhi achcha hi hoga .mai to yhi kahuga , kyo ki kuchch jane anjane kam ho jate hai. jo kabhi sbak bante hai. to kamhi socham
    e pr majboor karte hai.mai Madalji se yhi ummid kru ga ab aage ka sochiye

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  • dilip yadav mathura says:

    khas log sadev khas hote han.mrdal ji ke mamle me lagay gay kayason ki parinati ne ise siddha kar diya he. pad aur pratistha is star par maine nahi rakhti..Dilip yadav mathura

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  • पत्रकारों में यही बहुत बड़ी कमी है,, कुछ भी बात क्यों ना हो, साले लड़ेंगे जरूर……………………………………………………………………………………………………………………..

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  • tomar ji jara aap apne baare me bataye. aap kiski dukan chalate hai. mranal ji ki chamchgiri kare se aapka koi bhala nahi hone wala.

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  • श्रीमान तोमर जी,
    अगर इतना चमचागिरी करना है ‘तो मर’ जाइये, आप उन लाखों लोगों के बारे में नहीं सोचते जिनकी नौकरी मृणाल पांडे जैसे लोग पलक झपकते ही छीन लेते हैं और आप जैसे लोग चमचागिरी करके ऊपर पहुंच जाते हैं। आप अपने आसपास देखिए जो लोग चमचागिरी नहीं कर पाये वो आप से काबिल होते हुए भी सड़क पर होंगे। आप के बारे में ज्यादा नहीं जानता परन्तु ऐसा लग रहा है कि आप या तो चमचागिरी के बाद मृणाल पांडे ने आप पर कोई एहसान किया है या फिर आप मृणाल पांडे से भविष्य में कोई उम्मीद लगाये हैं। अगर पत्रकार हैं तो निर्भिक बनिये या फिर चमचागिरी बंद करके अपना चोंच बंद रखिए। यशवंत भइया जैसे लोगों पर लांछन लगाने से पहले अपने गिरेबान में झांक कर देखिए अगर आप सचमुच दूध के धुले हैं तो आरोप लगाइये। हम भी कोई दूध के धुले नहीं है परन्तु अभी तक बेइमानी करने का मौका नहीं मिला इसलिये इमानदार बने हुए हैं। आपकी तरह, तो दूसरों पर आरोप लगाना छोड़कर खुद को बेहतर बनाने के बारे में सोचिये, मृणाल पांडे एक बड़ा नाम है, यशवंत सिंह भी बड़ा नाम हो चुका है, आप और हम दोनों पहचान के मोहताज हैं तो पहले चलिए हम दोनों अपनी पहचान बनाये फिर किसी पर आरोप प्रत्यारोप लगाते रहेंगे।
    अनिल सिंह

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  • kitne logon ka gala gonta hai mrinal pandey ne ye to unki aatma jaanti hai.pata nahi wo raat mein so kaise pati hain. uski saza bhi bhugteingi mrinal chahe chairman ban jayein ya pradhanmantri.

    Reply
  • Vinod Varshney says:

    मृणाल जी हार्दिक बधाई, लेकिन प्रसार भारती में वह सब न करना जो हिंदुस्तान में किया. उम्मीद है अब तक कुछ पश्चाताप कर लिया होगा.

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  • Janmesh Jain says:

    मृणाल पांडे पत्रकारिता के नाम पर कलंक रही हैं. जहाँ भी गयीं अखबार बंद कराया. वामा हो या साप्ताहिक हिंदुस्तान. चूँकि हिन्दुस्तान को बढाने के लिए मैनेजमेंट ने एक्सपेंशन में खूब धन लगाया तो मृणाल जी कामयाब हो गयीं. वर्ना सबको पता चल जाता कि वह क्या हैं. असल कम्पटीशन तो उन्हें झेलना ही नहीं पड़ा. वर्ना दिल्ली एडिशन में कुछ कर दिखाती न. रीलोंच मैनेजमेंट करता था, नाम मृणाल जी का होता था. सच तो यह कि हिंदुस्तान को पायदान बना वह अपनी कामयाबी के लिए ही सचेष्ट रहती थीं. जोड़तोड़ में माहिर को कांग्रेस शासन में कुछ पा जाना कोई अचरज की बात नहीं. लेकिन अब प्रसार भारती का भट्ठा बैठना तय है. लेकिन अम्बिका सोनी को इससे क्या लेना-देना.

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  • भाई चोट मेड्की के लगती है शोर गधे मचाते है तोमर साहिब अपना ज्ञान मृणाल पांडे के सताये लोगो से मिल कर बड़ा लो शायद
    प्रतिक्रिया सही करना सीख जायंगे

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  • Sanjay Gupta Orai (Jalaun) says:

    तौमर साहब…
    आप व्यर्थ में ही यशवंत जी पर नाराज हो रहे हो, आपको तो ये सोचना चाहिए कि इस व्यक्ति ने वो काम किया है जो आज तक किसी मीडिया वाले ने नहीं किया | वो काम ये है कि मीडिया सभी की खबर छापता है पर मीडिया में हो रहे काले चिट्ठे को छापने की हिम्मत किसी ने नहीं उठाई है | यहाँ तक की यशवंत जी ने आपका ये पत्र भी प्रकाशित कर दिया, ये उनका बढ़पन्न है| यशवंत जी पर आपका नाराज होना ठीक नहीं है|
    संजय गुप्ता
    उरई (जालौन)

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  • praween kumar says:

    तौमर …
    आप व्यर्थ में ही यशवंत जी पर नाराज हो रहे हो, आपको तो ये सोचना चाहिए कि इस व्यक्ति ने वो काम किया है जो आज तक किसी मीडिया वाले ने नहीं किया | वो काम ये है कि मीडिया सभी की खबर छापता है पर मीडिया में हो रहे काले चिट्ठे को छापने की हिम्मत किसी ने नहीं उठाई है | यहाँ तक की यशवंत जी ने आपका ये पत्र भी प्रकाशित कर दिया, ये उनका बढ़पन्न है| यशवंत जी पर आपका नाराज होना ठीक नहीं है| PRAWEEN KUMAR/ALIGARH#9219129243.

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  • sudheer pal says:

    मृणाल जी हार्दिक बधाई,.. Ye huyi swaabhimaan se samjhauta na karne waali baat…

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  • Dr.pankaj kumar singh 09293176757 says:

    Mrinal pandey ko prasar bharti ka chairman banakar sonia gandhi ne un galtiyon se sabak lene ki kosis ki hain jo pahle ki ja chuki thi,manmohan, pratibha patil aur mira kumar jaisi apatrta nahin rakhtin hain mrinal ji,na hi we apani maa ke name ki wajah se pahuchi hain,20wi hi nahin waran 21wi sadi ke bharat ki we sashaktam kalam ki jadoogar hain,hindustan se unke jane ke baad kaun uska sampadkiy padata hai,mujhe nahin pata,par maine pahle din koshish ki thi nahin pad saka,eska dosh shashi sekhar ko kya dena,jab bharatiyajee hi baap ki kirti ko matiymet karne ko tuli hon, to hum kaun bolne wale?mrinalji ki wajah se prasar bharti ko fayda hoga ya nahin ye to hum nahin kah sakte,magar etna kah sakte hain ki ambikajee ne es faisale se na sirf apna balki madom gandhi ka bhi kad uchha kar diya hai,shayad prasar bharti ke bure dinon ka aant hone hi wala hai,harivansh rai bachchan ko rajya sabha me bhejane ke nehru ke fasale se bada hai yah faisala,esame priyanka gandh wadra ki bhi shayad bhumika rahi ho…jin sabdon ke dwara kuchh sathiyon ne mrinalji ka samarthan kiya hai aur yashvanji par aarop lagaya hai wah nihayat hi ghatiya darje ka hai…mrinal aur yashvant apne karyo ke shirsh par hain,hume unhen aahut karne ka koi adhikar nahin…magar mrinalji ko subhkamna dene ka jo tarika aur style tomarji ne chuna hai uspar daya aati hai,kya yahi 21wi shadi ki ekhani ke sanskar hain?subhkamna sandesh me maine gali esase pahle khanhi aur nahin dekhi,magar bhawi pidi ko hindustan me rahte huye mrinalji ne jo diya hai,uska etihas to 1000 saal baad likha jayega,abhi aap aur hum andaza bhi nahin laga sakte,magar main aub bhi kanhunga ki mrinalji ke liye ye upyukt pad nahin hai,yah sarkar ke liye suwidhajanak ho sakta hai par pandey ke liye nahin…mrinal ke hindustan se jane ke baad hindi ko parishkrit kaun banayega …es sabse bade sawal ka jawab dudhna aasan nahin,chhatani aur niyuktiyon ke liye kya koi sampadak jimmewar hai aaj ke daur me?

    mrinalji hume maph karengi…un galtiyon ke liye jo hamare sathiyon ne aapke sath kiya hai…we unke sankar hain aap wichlit nahi hoeyega,apne saskaron ki rachha kijiyega…kaise? ye hum nahin aap bataeyega?aapki kalam batayegi?aur samay batayega?

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  • rajeev chaturvedi says:

    mrinal ji ko badnam karne main bhadas ne khoob jor lagaya aur laga raha hai. lekin isse mrinal ki nahi bhadas ki viswasniyata per sawal lage. mai poochana chahta hun kya corporate sector mai chatani karne na karne ka sdhikar sampadak ko hai ! tab apke chahete sashisekher hindustan ke patrakaroon ka paisa kyun nahi bada daite.

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  • ABHISHEK RANJAN SINGH says:

    Hanagama kyun varpa………mrinal pandey prasar bharti ki chairmen bani….usske baad yashwant ji ne jo lekh likha….ussi din main samjh gaya ki ab to vabaal machega…..yahan na to main mrinaal ji ki tarafdari kar raha hoon aur na hi unki mazzamat…..balki issi prasang me main kuch aur baaten kahna chahta hoon…..jo mere jehan me pichle kai mahino se chal raha tha…..bitte 1 saal me mandi ke naam per hindustan samet kai akhbaar aur tv chennals se logon ko bahar ka rashta dikhaya gaya……..unki taadaat hazaron me thi…….mujhe hairat iss baat ki jyada hai ki hum sabhi patrakar bhaie iss khabar se vakif rahe……lekin isse lekar kabhi ekjut nahi hua…..bus ek dusre ki baari ka intzar karte rahe ki ab kiski baari hai……jo bach gaya wo sikandar kahlaya……..humsabon ne bandar ya kouwwa ko marte dekha hoga…..ek ke marne per unki koum ke log kafi sankhya me jama ho jate hain…….lekin mandi ki sahteer se hazaron patrakar mare gaye…..vabjood isske hum delhi ki sadkon per ek sath kabhi nazar nahi aaye……..na hi hamne khulkar isska virod kiya………sansad aur sadak per……..phir hame mrinaal ko doshi karar nahi dena chahye…kyunki wahi ek vahid sampadak nahi rahi jisne logon ko bahar ka rashta dikhaya………..mere patrakar mitron…….aaj hum itne buddhijivi ho gaye hain ki hamne phuphkarna bhi chor diya hai……zara kabhi jantar mantar per dekho aur usse sikho ki wo apni demand ko lekar kai saal se anshan kar rahe hain……hamari union aaj itni kamjor kyon hai…….press club of india kya sirf tafrih karne aur gandi rajniti ka aadda matra hai………aaj desh me ek bhikhari ka bhi mazboot union hai…..lekin hamari nahi……..ham sirf boddhik kasrat hi karte rahte hain…………agar kuch karna hai to delhi ki sadak per ek din sare patrakar ekjut hon……..aur apni taqat ka ehsas karayen……….to baat banegi……kyunki vidwa vilap patrakaron ko sobha nahi deta

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  • Mrinal Ji, wish U best of luck for new inning with Prasar Bharti. Every body has success & failure with his career at any step, but I feel that success & failure teaches lesson to that fellow. Here what I am seeing…that few people who are journalist (what I feel) are commenting on such a high class people, who is much more learned, experienced & educated than them. What a class of comments are here……hope Mrinal ji will not take seriously about all this…………….

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  • Janmesh Jain says:

    हज़ार साल बाद भी लोग जातपात के आधार पर भेदभाव को गलत कहेंगे. भगवान् महावीर ने भी कहा, गौतम बुद्ध ने कहा गुरु नानक, कबीर और पैगम्बर मुहम्मद ने भी. भारतीय संविधान की मूल भावना भी यही है. लेकिन क्यों अम्बिका सोनी यह नहीं जानती. हज़ार साल बाद भी कुछ लोग गलत काम करने वालों का तलवा चाटने वाले होंगे.

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  • Kumar Vikas says:

    Dekhiye hai Tomar ji ne hakikat baya ki hai. VOI ne aaj poori media industry me asthirta ki isthiti paide kar di hai, uska yashwant ji ne koi jikra nahi kiya hai aur jaha tak upar ek patrakar sahab ne bhadas par aane wale adds ke baare me likha hai me un so called patrakar ko ye bata doo ki ye sahi hai ki jitne add media house se related bhadas4media me dikhte aap koi muje bata de ki wo media house me kya halat hai waha ke employees ke. ek bhi media house me conditions achi nahi hai. yashwant ji jagiye jo aapki burai nahi pasand karte hai wo so called journalist actual me journalist nahi hai. Aaj media ese hi logo ne barbad kar diya hai. jara sochiye ……………?????????????

    Reply
  • Kumar Vikas says:

    kyo bhaiya yashwant ji mera comment aapne publish nahi kiya, lagta hai bura maan gaye. Me 15 saal se media par analysis kar raha ho aur me jo likhta hooo wo pramanit bhi kar sakta ho. All the best.

    Reply
  • Ritesh Vishwakarma says:

    written by Ritesh Vishwakarma,27january2010
    mai Tomar ji ke jawab se santust hu.mai karib 8 saal se media me hu or asi bato se media ko barbad kar denge.

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