संघियों के दिमाग ठिकाने लगाने की जरूरत

[caption id="attachment_17725" align="alignleft" width="85"]शेषजीशेषजी[/caption]: आजतक वाले सक्षम हैं यह काम करने में : संघियों से पूछें कुछ कठिन सवाल : याद रखें, फासिस्ट ही करते हैं मीडिया पर हमला : आजतक के नयी दिल्ली दफ्तर में आरएसएस के कुछ कार्यकर्ता आये और तोड़फोड़ की. आरएसएस की राजनीतिक शाखा, बीजेपी के प्रवक्ता ने कहा कि इससे टीवी चैनलों को अनुशासन में रहने की तमीज आ जायेगी यानी हमला एक अच्छे मकसद से किया गया था, उम्मीद की जानी चाहिए कि आगे से लोग अनुशासन में रहें तो यह नौबत की नहीं आयेगी.

ये अंगुली कटा कर शहीद कहाने वाले

: हेडलाइंस टुडे पर कथित हमला : भोपाल में एक थे (पता नहीं अब हैं या नहीं) राजा बुन्देला. उनकी एक कथित फिल्म थी ‘प्रथा’. फिल्म में तथाकथित तौर पर हिंदू भावनाओं को भड़काने का मसाला था, जैसा कि बुंदेला जी का स्वयम्भू मानना था. लेकिन सवाल है कि दर्शक का जुगाड कैसे हो? अच्छी-भली फिल्मों को तो दर्शकों का टोटा झेलना पड़ता है या क्या-क्या ना सहना और झेलना पड़ता है तो आखिर ‘बुंदेलों-हरबोलों’ के मुंह कही कहानी सुनने की फुर्सत आजकल किसे?

हेडलाइंस टुडे और राहुल कंवल का उद्धार

SN Vinod: निंदनीय है पत्रकारिता पर हमला, किन्तु…! : खबरिया चैनल ‘आज तक’ कार्यालय पर संघ कार्यकर्ताओं के हमले को जब पत्रकारिता पर हमला निरूपित किया जा रहा है तो बिल्कुल ठीक। पत्रकारों की आवाज को दबाने, गला घोंटने की हर कार्रवाई की सिर्फ भत्र्सना भर न हो, षडय़ंत्रकारियों के खिलाफ दंडात्मक कदम भी उठाए जाएं। दंड कठोरतम हो।

झंडेवालान पर भेड़िया आया….

: बेनामी की टिप्पणी-2 : भेड़िया आया…. शाम को एक एसएमएस आया कि झंडेवालान पर क्या करा दिया…. करा दिया ऐसे जैसे झंडेवालान हमारे दद्दा वसीयत में छोड़ गए थे और वहां कुछ भी हो ज़िम्मेदारी हमारी होगी…. खैर रास्ते में थे… तो घर पहुंच कर टीवी खोला… इतने तो समझदार हैं ही कि जानते हैं कि झंडेवालान में सबसे तेज़ चैनल का दफ्तर है….

हेडलाइंस टुडे के दफ्तर पर संघियों का धावा

दिल्ली से खबर है कि टीवी टुडे ग्रुप के न्यूज चैनल हेडलाइंस टुडे पर एक खबर चलाए जाने से नाराज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने हमला बोल दिया है. हिंदी समाचार चैनल आजतक के सहयोगी अग्रेजी चैनल हेडलाइंस टुडे ने उग्र हिंदुवाद पर स्टिंग आपरेशन का प्रसारण किया था.