खैर मनाएं कि मैंने बरखा दत्त पर चप्पल नहीं फेंका : योगेश शीतल

योगेश कुमार शीतल: इंटरव्यू : बिहार के बेगूसराय के रहने वाले योगेश कुमार शीतल के नाम में भले ही शीतल शब्द जुड़ा है लेकिन हैं वे फायरब्रांड. उनकी कद काठी और चेहरे मोहरे से आप अंदाजा नहीं लगा सकते कि उनके दिल में भ्रष्ट व्यवस्था और भ्रष्ट लोगों के खिलाफ कितनी आग है. योगेश कुमार शीतल ने इंडिया गेट पर करप्शन के खिलाफ जनसैलाब को कवर करने आईं एनडीटीवी की ग्रुप एडिटर बरखा दत्त को भागने पर मजबूर कर दिया.

योगेश ने बरखा मुर्दाबाद के जो नारे लगाए तो उनका साथ देने कई लोग आ पहुंचे.  शुरुआत में पहले सहयोगी के रूप में एक महिला ने नारे में स्वर मिलाना शुरू किया. भड़ास4मीडिया से एक वीडियो इंटरव्यू के दौरान इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मास कम्युनिकेशन में हिंदी पत्रकारिता के छात्र योगेश कुमार शीतल ने उस अनजानी महिला को धन्यवाद दिया जिसने न सिर्फ उन्हें नारे लगाने का काम करने के लिए लिए अपनी सहमति दी बल्कि खुद भी इसमें सहयोगी बनी. योगेश कहते हैं कि शुक्र मनाओ कि मैंने बरखा दत्त पर चप्पल नहीं मारा अन्यथा पहले तो मन में यही था कि चप्पल फेंक दूं उसके उपर. योगेश एनडीटीवी की किसी महिला मीडियाकर्मी को पीटने के कथित आरोपों से इनकार करते हैं. योगेश के मुताबिक वे किसी महिला पर हाथ उठाने जैसी हरकत कभी नहीं कर सकते. उनका मकसद सिर्फ एनडीटीवी की बरखा दत्त को यह बताना था कि वे जब खुद भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी हैं तो वे किसी हैसियत से भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन को कवर करने के लिए आई हैं.

योगेश का स्वास्थ्य ठीक नहीं है. उनके कई संगी-साथी और सहयोगी उनका साथ छोड़ चुके हैं. कई नए लोग उनके समर्थन में आ खड़े हुए हैं. आर्थिक तंगी अलग से घेरे है क्योंकि घर से अभी पैसा नहीं आया है. मीडियावालों से पंगा लेने के कारण उनके संगठन और उनके संगी-साथियों व शिक्षकों का प्रेशर अलग से उन पर है. बावजूद इसके जीवट योगेश शीतल किसी भी प्रकार झुकने या हार मानने के लिए तैयार नहीं है. उन्होंने कहा कि वे आगे भी भ्रष्टाचारियों का विरोध करते रहेंगे, वो चाहे बरखा दत्त हों या कोई और. इंडिया अगेंस्ट करप्शन से जुड़े योगेश शीतल के मुताबिक मीडिया के भ्रष्टाचारियों के खिलाफ भी मुहिम शुरू करने की जरूरत है. दूसरे संगठन सिर्फ इसलिए मीडिया के भ्रष्टाचारियों के खिलाफ चुप्पी साध लेते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे नाराज होकर मीडिया के लोग उनके आंदोलन और अभियान को कवर नहीं करेंगे. इंडिया गेड पर उस दिन क्या क्या हुआ और बरखा दत्त को हूट करने के बाद किस तरह पुलिस के हत्थे योगेश को चढ़ाने की साजिश एनडीटीवी के कुछ लोगों ने रची, इसका तफसील से विवरण योगेश ने इस वीडियो इंटरव्यू में दिया है. वीडियो देखने सुनने के लिए क्लिक करें-

बरखा प्रकरण पर आईआईएमसी के स्टूडेंट और इंडिया अगेंस्ट करप्शन के एक्टिविस्ट योगेश कुमार शीतल का कुबूलनामा

Comments on “खैर मनाएं कि मैंने बरखा दत्त पर चप्पल नहीं फेंका : योगेश शीतल

  • ‘मीडियावालों से पंगा लेने के कारण उनके संगठन और उनके संगी-साथियों व शिक्षकों का प्रेशर अलग से उन पर है’

    mai bhi ise pacha nhi paa raha hu…

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  • Sushil Gangwar says:

    Bhai chappal faik dete to maja hi aa jata ? Kair sheetal ji aapne kaam kiya hai wah kavile tareef hai har kisi me sheetal banne ki himmat nahi hoti hai . Har chourahe par ek patrakar khada hai Magar patrakarita se koso dur hokar sochta hai aakhir kamee kaha se karu . aap apni aag ko thanda na hone de . Hum aapke sath hai

    http://www.sakshatkar.com
    http://www.howareyou.in

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  • अमां यार तुम भी…एक बात जान लो मीडिया का बड़े से बड़ा संस्थान प्रेक्टिकल लाइफ क्या है इसकी ये नहीं सिखाता..जो हुआ उसे भूल जाओ और ज्यादा बयानबाजी न करो क्योंकि आज जो लोग वाहवाही कर रहे है वो मीडिया में काम कर रहे हैं और अभी तुम्हें काम करना है लिहाज़ा अब ज्यादा बोलने की ज़रूरत नहीं है क्योंकि अब जहां तुम काम करने जाओगे वहां तुम्हारे साथ ये इमेज जाएगी जो रास्ते में मुश्किलें ज्यादा खड़ी करेगी क्योंकि विवादित लोगों को लेने में मीडिया संस्थान बहुत कतराते हैं.

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  • विनय नायक, जबलपुर says:

    जाग रहा है हिंदुस्तान, ऐसे ही आग बरसाते रहो शीतल. बधाई

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  • I could not digest this line ‘मीडियावालों से पंगा लेने के कारण उनके संगठन और उनके संगी-साथियों व शिक्षकों का प्रेशर अलग से उन पर है’ Are all teachers of IIMC and his (Yogesh) class-mates are well-wishers of Barakha and therefore they are not supporting Yogesh? or what do you mean by ‘mediawalo’ – is this NDTV group or Barakha and her colleagues or a particular fraction of media industry or entire media industry? I request to Admin of Bhadas4media to explain…

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  • मदन कुमार तिवारी says:

    बधाई हो योगेश । तुम्हारा यह भाई तुम्हारे साथ खडा है । कोई कुछ नही बिगाडेगा तुम्हारा । इस तरह की हिम्मत बहुत कम लोग दिखा पाते हैं। भीड की भेड चाल से हटकर और बिना इस बात की परवाह किये कि लोग क्या कहेंगे , जो काम करता है वही बहादुर है । कभी भी , कहीं भी मैं तुम्हारे साथ रहुंगा ।

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  • ES SAMAY AGAR ALOK TOMAR JI HOTE TO AAP KE PEECHE DATKAR KHADE HOTE……..AAP KE PICHE KHADE RAHANE KI HIMMAT EK BHI BADAA MEDIA PERSONALITIES NAHI DIKHA RAHA HAI…JAANE DO HAM CCHOTE MEDIA KARMI AAP KE SAATH HAI….KUCH NAHI HONGAA DARO MAT….

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  • कुमार सौवीर says:

    शाब्‍बास शीतल
    जमे रहो
    मैं तुम्‍हारे साथ हूं

    कुमार सौवीर, महुआ न्‍यूज, लखनऊ

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  • Sushil kumar Pandey says:

    mr seetal yaar apna career banao pahely phir kuch karo itna he khunga agey aap samajdar hai………..

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  • iimc hj student says:

    बरखा के बारे में एक ही चीज़ कहूंगा—–(ब्रा खा)

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  • som dutt jammu vijaypur says:

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  • jeetnarayan Singh says:

    खैर मनाएं कि मैंने बरखा दत्त पर चप्पल नहीं फेंका : योगेश शीतल
    Yogesh Sital ji, curroption ek mamla hia or aapka chappal fek kar marna alag mamla hia, or wo v barkha Dutt jaise senior journalist hai, or sath me ek female v hai, aapka es tarah se chappal fekne wali baat bhartiye patrkarita pe dhabba hai, yesa karna ya sochna v aapki bhuldili/bewkufi/badtamiji/namardgi ka pratik hoga. or accha kiya ki aapne esa nhi kiya warna mai aapko eski saza jarur deta, aapko khoz kar jute maar maar kar. kyouki muje media me aapke jaisa gatiya ensan kaam kare wo pasand nhi hai.

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