पत्रकारों के सम्‍मान की धज्जियां उड़ाई दैनिक जागरण ने!

हमेशा दूसरे की हक और हुकूक की लड़ाई लड़ने वाली मीडिया आज कहां पहुंच गई है, इसकी बानगी देखने को मिला गाजीपुर में, जहां अपनी बेइज्‍जती और संगठन की लड़ाई में सहयोग देने के बजाय कुछ अखबार अधिकारियों के तलवे चाटने से बाज नहीं आ रहे हैं. जिला पंचायत अध्‍यक्ष पद के लिए नामांकन गाजीपुर कलेक्‍ट्रेट परिसर में हो रहा था. नामांकन को कवर करने के लिए कुछ मीडियाकर्मियों ने अंदर प्रवेश करने की कोशिश की तो वहां तैनात दरोगा ने सीडीओ के आदेश पर किसी को अंदर नहीं जाने दिया. यह बात मीडियाकर्मियों को नागवार लगी. जिसके बाद सभी मीडियाकर्मियों ने उक्‍त नामांकन का बहिष्‍कार करने का निर्णय ले लिया.

जिसमें दैनिक जागरण, हिन्‍दुस्‍तान, अमर उजाला, आज सहित कई अन्‍य अखबारों के पत्रकार एवं फोटोग्राफर शामिल थे. इन पत्रकारों के समर्थन एवं मीडिया के सम्‍मान में जनपद के अन्‍य प्रिंट एवं इलेक्‍ट्रानिक मीडिया के पत्रकारों ने बहिष्‍कार का समर्थन करते हुए नामांकन का कवरेज नहीं किया. लेकिन खुद को सबसे बड़ा अखबार कहने वाला दैनिक जागरण, जो आजकल सरकारी अखबार का खिताब पा चुका है, ने पत्रकारों के सम्‍मान की धज्जियां उड़ा दी. इसके फोटोग्राफर ने अपने सहयोगियों से दगा करते हुए अपने प्रिय अधिक‍ारियों डीएम, सीडीओ एवं सूचना अधिकारी की फोटो नामांकन कराते हुए व जांच करते हुए अपने अंक में छापा डाला. एक तरफ तो उक्‍त फोटोग्राफर बहिष्‍कार में समर्थन दिया वहीं दूसरे रास्‍ते अपने साथी के सहयोग से अंदर घुसकर अपने प्रिय अधिकारियों को भी खुश कर दिया कि हम पैसे के लिए कुछ भी कर सकते हैं. कुछ भी.

जानकारों के अनुसार उक्‍त अखबार को प्रतिमाह लाखों का सरकारी विज्ञापन मिलता है. जिसके चक्‍कर में ये आज अपना मान-सम्‍मान भी चौराहे पर बेच डाले. आगे ये विज्ञापन और अधिकारियों की चाटुकारिता के लिए क्‍या-क्‍या कर सकते हैं, कहने की जरूरत नहीं है.   जब इसकी जानकारी सुबह दूसरे मीडियाकर्मियों को हुई तो सभी उस बात पर हैरान थे. दूसरी तरफ जिला मुख्‍यालय पर चाय-पान की दुकानों पर कल के बहिष्‍कार की खबर को लोग चटकारे लेते हुए बात करते नजर आए. इन लोगों का कहना था कि आखिर इन मीडियाकम्रियों की क्‍या औकात, जो अपने संगठन का नहीं होगा वो दूसरों की क्‍या मदद करेगा, क्‍या साथ देगा. इनको बस 500-1000 का नोट दिखाओं और जो चाहो करा डालो.

गाजीपुर से एक पत्रकार की रिपोर्ट.

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Comments on “पत्रकारों के सम्‍मान की धज्जियां उड़ाई दैनिक जागरण ने!

  • ek patarkaar says:

    दैनिक जागरण के लिए यह नयी बात नहीं है..पैसे के सामने जागरण को कुछ नजर नहीं आता..भले वोह अपना कोई पत्रकार भाई ही क्यों न हो ….जागरण का एक ही मकसद पैसा कमाना उर अधिकारीयों के तलवे चाटना है ….जालंधर में स्व दो साल पहले एन.दी.टी.वी संवाददाता पर लवली यूनिवर्सिटी द्वारा दर्ज करवाए गए मामले में भी पूरे पंजाब का मीडिया इस संवाददाता के साथ खड़ा था और जागरण ने एकतरफा रिपोर्टिंग कर के पत्रकारिता के मूल्यों की धज्जिय उडाई थी ….जागरण ने उस वक़्त पत्रकार का पक्ष भी छपने की जरुरत नहीं समझी..यही कारण है की पंजाब में इसकी कोई साख्क नहीं है और एक रूपये में भी यह अक्ख्बार नहीं बिकता…

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  • उजाला सुप्रीम says:

    अरे दैनिक जागरण सिर्फ पंजाब में ही नहीं, बल्कि कहीं नहीं बिकता। इसके मैनेजर लोग मालिकों को मूर्ख बनाकर माल चांप रहे हैं। देखिये, कब तक चंपाता है माल।

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  • sikanderhayat says:

    jagran religious fundamantalisam ka atut aang raha ha uske is vayvahar se sabak milta ki ye dharmik cattharpanthi kisi ke sage nahi hote ha jo log inhe majhab sevak ya desh savak samjate ha unse bada murk ya bola koi nahi ha

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  • Rishi Naagar says:

    I am very much with Govind kumar, Ek Patrakaar, Ujala supreme. Ye log bahut bade chor hain…Kans mama jaise hain ye saare log!

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  • khush mijaj says:

    main sochta hoon ki theek kiya kyoki khabar rokne ka adhikaar patarkaar ke paas nahi hota,patarkaar ne apna farj nibhaya or wo patarkaar hi kya jo igo me aakar khabar rok de, agar patarkaaro me dum ho to bahishkaar ki bajaye kalam se adhikariyo ko sabak sikhaye

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  • Aashish Jain,Narsinghpur says:

    भाई ये कोई नयी बात नहीं , मैंने पहले भी कहा है कि आज ज्यादातर मीडिया संस्थानों को पत्रकार कम ब्लेकमेलर ज्यादा चाहिए ! ये उसी का एक उदाहरन है ! जब पत्रकारिता पत्रकारों से नहीं संस्थान मालिक से चलती है तो यही हश्र होता हैं ! उम्मीद करता हूँ कि जल्द हालात बदलेंगे !

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  • Abhishek sharma says:

    waha ke SP subhash dube ne sabki what laga rakhi hai….gajipur ke dalal patrakaro tumhari what bhi jald lagegi…yakin na ho to ajma ke dekh lena.andarkhane ki baat hai ki waha ke patrakar hi apradho ko badhawa de rahe hai..unki LIU report taiyar ho chuki hai.
    Abhishek sharma
    abhishek755@gmail.com

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  • Patrakar banduo samay rahate samhal jao. varna kal tak bahut der ho jayegi. talua chatne se achha hai ki mujare ke kode per baith jao.
    shashikant ghazipur

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  • Adhikariyo ki dalali karne wale patrakar, samaj ko aaena dikhane wale patrakar khud apna chehra aaena me dekho.
    vishwanath dna ghazipur

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  • C.K. TIWARI says:

    Akhbaro me en dino bade dalalo ki talas hoti hai. jo adhikario ko khus rakhna jante ho. chahe uske liye adhikariyo ke talwe hi kyo na chatne pade. unke liye press v assosiation kuchh maine nahi rakhta. Press ke nam per kewal dalali karna hi ek matr uddesya rahata hai. Khabar ke nam per logo ko blackmail karte hai. Sachhai likne ka kabhi sahas nahi dikha pate.
    KALBHAIRO GHAZIPUR

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  • satyaparkash says:

    mere shahar bilaspur {chhattisgarh}me bhi patrakarnumaa dlalo ki kami nhi hai..halat kab tak aese hi rhenge maloom nhi…..

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  • Shudhi Pathak Sujeet Kumar says:

    Bhadhas Ptrakar ko namaskar
    Mai ek Sudhi Pathak hun. Mai ek din Google per kuchh sarch kar raha tha, tabhi mujhe ye website mili.Miane Dainik Jagran ke bare men padha. agar jagran ne aisa kiya hai to achcha nahi kiya hai. lekin mai badhas bhai ap ko bata dun ki Ghazipur men ek Jagran hi news paper hai jise padha ja sakata hai. Mai unki bhayi nahi kah raha hun lekin ye sahi hai. es news paper ke Patrakar Educatade hai. unke pas manner bhi dikhata hai. baki sab masa allah. Ho sakata ho kuchh gadhbadhiya ho lekin mai nahi janta. Bhadhas Bhai mai ek bat ap ko batana chah raha hun. Mai ek din kachahri Baitha tha. ek yuwa turk patrakar aya aur apane kuchh parchit se bataya ki Zee News ke Ptrakar Anil and koyi Surywir Baiya ne ek Bed College ki news rokane ke liye 20,000 rupaye li hai. es per wahan ko logon ne kaha ki. Resp. Anil ji and Resp. Surywir Singh aisa hi karte hain. ye sun kar hame badha dukh hua. bad men mai malum kiya to pata chala ki Resp. Anil kebal opretar tha Bhalo ho Binu Sing Patrakar ki Unho ne use Zee News Pakadha diya. Resp. Anil Padhe likhe Bhi kam hain. Esi tarah enke sanghatan ke Bare men malum kiya pata laga ki es sanghatan men zamen bechane wale, Thekedari karne wale hai. unse news bhejane se koyi matalab nahi hai. bas unko manya prapt ptrakar banana hai. jisse unki bhaukal jari rahe. Jai ho aise Ptrakoro ki. jai ho unke maliko ki.

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  • avinash upadhyay says:

    कब से प्रत्रकार ढुढने लगे सम्‍मान
    हमेशा दुसेर की लड़ाई लड़ने वाले पत्रकार दरोगा से खौफ खा गए। कमाल है, गाजीपुर के पत्रकारों का। भड़ास भी कमाल है, गाजीपुर वालों के लिए। जो चाहा लिखो, सम्‍मान के लिए पत्रकार बनो और कीचड़ फेक शहीद कहलाने का यह स्‍टाइल पसंद आया। मैंने जो सूना जाना है। पत्रकार तो जमाने से जिल्‍ल्‍त क्षेलते आया है। अच्‍छा हो इसके लिए संघर्ष करते आया है। पर दरोगा की दादागिरी के आगे वेवश पत्रकार सम्‍मान की लड़ाई की बात करें तो कैसा लगेगा। वैसा ही हमें लग रहा है यह प्रतिशोध देख। वाह रे गाजीपुर और गाजीपुर के पत्रकार। मैने किसी को सबक देने के लिए नहीं लिखा है। लेकिन याद रहे जिन पत्रकारों ने संघर्ष की बदौलत मीडिया को इज्‍जत बख्‍शी है। उनको अपने सम्‍मान के लिए हम तार तार न करें तो बेहतर होगा।

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  • KABIR SAIFI says:

    ayse harkat karke media jagat ko gaali dena jab sabhi patrkaro ne bahishkar faisla le lya tha to danik jagran ne kyu kya covrege kya
    ab yeh batana chaheye patrkar ke kya aukat hai
    arey patrkarita mai to wo taqat hai jo kise mai nahi iske kadmo mai to jamana hai laykin aaj ke jamaney ke thokar mai patrakar hai
    jago patrkar jago
    MERE COMMENT KISE MAI PATRKAR KI BHAWNA KO THES POHCHANA NAHI HAI .

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