पारदर्शिता क्रांति में नेता, अफसर, व्यवसायी बाधक

: पर अब रोके न रुकेगा यह महाभियान : भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम से कांग्रेस के अंदर भी खदबदाहट मची है. कोई कांग्रेसी चाहकर भी रामदेव और अन्ना के आंदोलन को सपोर्ट नहीं कर पा रहा क्योंकि देश में भ्रष्टाचार की जमनोत्री-गंगोत्री कांग्रेस को ही माना जाता है, और, बाबा व अन्ना का आंदोलन कांग्रेस के राज करने के तौर-तरीके के खिलाफ है जिसके कारण लाखों करोड़ रुपये विदेश में ब्लैकमनी के रूप में जमा है.

लेकिन कुछ कांग्रेसी नेता इशारों-इशारों में कांग्रेस आलाकमान तक संदेश पहुंचा रहे हैं. रक्षा मंत्री एके एंटनी का कल दिया गया एक बयान चौंकाने वाला है. उन्होंने अपने बयान में कहा कि राजनेता और नौकरशाह नहीं चाहते पारदर्शिता. एंटनी के मुताबिक पारदर्शिता क्रांति के दौर से गुजर रहा है देश. गोपनीयता की दीवार धीरे-धीरे हर क्षेत्र में टूट रही है जिसमें राजनीति, कारोबार, प्रशासन और न्यायपालिका शामिल है.

सामाजिक कार्यकर्ताओं की ओर से चलाई जा रही भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम की पृष्ठभूमि में रक्षा मंत्री एके एंटनी ने बुधवार को कहा कि राजनीतिज्ञ, नौकरशाह और महत्वपूर्ण पदों पर बैठे लोग पारदर्शिता के लिए तैयार नहीं हैं. इससे समस्याएं पैदा हो रही हैं. एंटनी ने कहा कि देश ‘ पारदर्शिता क्रांति’ के दौर से गुजर रहा है जिसे बीच में रोका नहीं जा सकता है. देश नए दौर की क्रांति से गुजर रहा है-पारदर्शिता क्रांति. गोपनीयता की दीवार धीरे-धीरे हर क्षेत्र में टूट रही है जिसमें राजनीति, कारोबार, प्रशासन और न्यायपालिका शामिल है. एक बार जब यह चलन शुरू हो जाता है तब आप इसे बीच में नहीं रोक सकते.

एंटनी ने कहा कि बदलाव के इस दौर में समस्याएं सामने आ रही हैं, क्योंकि भारत तैयार नहीं है. भारत के राजनीतिज्ञ, नौकरशाह, कारोबारी, सशस्त्र बल और महत्वपूर्ण पदों पर बैठे लोग इस बदलाव के लिए तैयार नहीं हैं. महत्वपूर्ण पदों पर बैठे लोग बदलाव के लिए तैयार नहीं हैं, इसलिए परिवर्तन में कुछ समस्याएं आ रही हैं. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने इसे भारतीय लोकतंत्र का हिस्सा बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि कुछ वर्षों के बाद ऐसा होगा. बदलाव होंगे. प्रेस क्लब आफ इंडिया के नए सम्मेलन कक्ष का उद्घाटन करने के बाद एंटनी संवाददाताओं से बात कर रहे थे.

अन्ना हजारे समेत समाज के प्रबुद्ध लोग सरकार और संस्थाओं के कामकाज में पारदर्शिता बरतने और कार्यों की निगरानी के लिए आंदोलन कर रहे हैं. देश में बढ़ती पारदर्शिता का श्रेय संसद को देते हुए उन्होंने कहा, ‘इसके (पारदर्शिता) लिए आपको भारत की मीडिया, एनजीओ और सामाजिक कार्यकर्ताओं को श्रेय देना चाहिए, लेकिन अंतत: भारत की संसद ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) कानून बनाया.’ मंत्री ने कहा, ‘पीछे जाने की बजाए मैं समझता हूं कि आने वाले समय में आरटीआई नए क्षेत्रों में फैलेगा. मैं समझता हूं कि जीवन का प्रत्येक क्षेत्र पारदर्शी बन जाएगा. भारत में यह कानून के तहत हो रहा है.’ राष्ट्र निर्माण में मीडिया की भूमिका की सराहना करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि मीडिया को निहित स्वार्थी तत्वों के बहकावे में नहीं आना चाहिए.

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