ये है अमर सिंह – शांति भूषण – मुलायम सिंह यादव की बातचीत का टेप, आडियो प्लेयर पर क्लिक करके सुनें

जिस टेप ने भूषण पिता-पुत्र की नींद हराम कर रखी है, पुलिस में शिकायत दर्ज करने को मजबूर किया, फोरेंसिक एक्सपर्ट्स से जांच करवाना पड़ा, और जिस टेप ने अन्ना हजारे की टीम में विभेद पैदा करने की कोशिश की, उस टेप को पहली बार पब्लिकली प्रसारित किया जा रहा है. और यह प्रसारण भड़ास4मीडिया पर आप यहीं सुनेंगे.

नीचे दिए गए आडियो प्लेयर को क्लिक करके सुनें, उसके पहले आडियो प्लेयर के साउंड को फुल कर लें. यहां हम कहना चाहेंगे कि टेप को पब्लिक करने के पीछे मंशा केवल पारदर्शिता का है. अगर कोई टेप देश के सियासी माहौल में सरगर्मी पैदा करने का कारण बना है तो उस टेप को सभी को सुनना चाहिए. दूसरे, टेप में क्या बातचीत हुई है, इसे आज दैनिक भास्कर ने प्रकाशित कर दिया है. अगर बातचीत को प्रकाशित किया जा सकता है तो फिर टेप क्यों नहीं सुनाया जा सकता.

मुझे नहीं पता, किसी न्यूज चैनल ने टेप को अभी प्रसारित किया है या नहीं. पर हम यह करने जा रहे हैं. अपने देश के पढ़े लिखे लोगों और जनता को पता चलना चाहिए कि नेता व अन्य लोग कैसे बातचीत करते हैं  और किस तरह की बातचीत करते हैं और यह भी कि तूफान मचाने वाले सीडियों में आखिर होता क्या है, यह भी सबको जानना चाहिए.

यहां स्पष्ट कर दें कि इस टेप को लेकर कहा गया है कि  बातचीत का क्रम ओरीजनल नहीं है. टेप के बारे में भूषण ने प्रेस कांफ्रेंस करके पहले ही कह दिया है कि इस टेप में जो बातचीत है, उसमें छेड़छाड़ है. यह भी कहा गया कि अमर सिंह के फोन टैप की जो सीडी बनी थी, उसी सीडी के कुछ अंशों को कंपाइल करके इरादतन और साजिशन अलग से इस मौके पर रिलीज किया गया, वितरित किया गया ताकि अन्ना के आंदोलन में फूट पड़े और अन्ना के सिपहसालारों को बदनाम किया जा सके. लेकिन अन्ना ने भी चाल को समझते हुए शांति भूषण को पूरा सपोर्ट किया.

सीडी के मार्केट में आने की जानकारी मिलते ही शांति भूषण ने सक्रियता दिखाते हुए सीडी की निजी प्रयासों से फोरेंसिक जांच करा दी और इसकी रिपोर्ट सभी को दिखा दी. उन्होंने बताया कि सीडी में जो बातचीत है, वह संपादित है, अलग अलग टुकड़ों को एक जगह इकट्ठा कर ऐसा कंपाइल कर दिया गया है कि लग रहा है कि पूरी बातचीत कांटीन्यूटी में हो रही है. लेकिन यह बातचीत क्रमबद्ध नहीं है. कई जगह की बातचीत को कंपाइल किया गया है.

गृह मंत्री पी चिदंबरम ने भी कह दिया है कि शांति भूषण से संबंधित कथित फर्जी सीडी से जुड़े मामले की ‘स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं गहरी’ जांच कराई जाएगी. चिदंबरम ने कहा, ‘दिल्ली पुलिस ने मुझे आश्वस्त किया है कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और गहरी जांच की जाएगी. अलग-अलग रिपोर्ट के लिए सीडी की कम से कम दो विभिन्न प्रयोगशालाओं में कराई जाएगी.’ ज्ञात हो कि भूषण के पुत्र प्रशांत ने संवाददाता सम्मेलन में दावा किया था कि उनके पिता, समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव और सपा के पूर्व महासचिव अमर सिंह के बीच कथित बातचीत की सीडी संयुक्त मसौदा समिति में शामिल समाज के प्रतिनिधियों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए बनाई गई.

लीजिए, सीडी सुनिए… आडियो प्लेयर पर क्लिक करिए… अमर सिंह – शांति भूषण – मुलायम सिंह यादव के बीच बातचीत (अगर आप किसी वजह से सीडी सुन नहीं पा रहे हों तो बातचीत क्या हो रही है, इसे पढ़कर जानने के लिए इस पर क्लिक करें- बातचीत का सार)

There seems to be an error with the player !


अपने मोबाइल पर भड़ास की खबरें पाएं. इसके लिए Telegram एप्प इंस्टाल कर यहां क्लिक करें : https://t.me/BhadasMedia

Comments on “ये है अमर सिंह – शांति भूषण – मुलायम सिंह यादव की बातचीत का टेप, आडियो प्लेयर पर क्लिक करके सुनें

  • madan kumar tiwary says:

    भाई इस टेप की आवाज तो मिलती जुलती लगती है , रह गई फ़ोरेंसिक लैब की जांच की बात तो वह आवाज की वेब के माध्यम से हीं पता लगाता है कि किसकी आवाज है । ईस सीडी में किसी अन्य स्टोरेज डिवायस से डाटा ट्रांसफ़र किया गया है , आवाज फ़ोन पर की गई बात की रेकार्डिंग है । दुसरी बात आवाज के डाटा का दो-तीन बार ट्रासंफ़र किया गया है इसलिये कोई भी फ़ारेंसिक एक्सपर्ट दावे के साथ यह नही कह सकता की आवाज उन्हीं तीनो की है या नही । अच्छा होता शांतिभुषण जी फ़ारेंसिक एक्सपर्ट की रिपोर्ट को सबके सामने लेकर आते/। यह असंभव है बताना की आवाज उन तीनो की है या नही । जो लोग वकालत के पेशे में हैं उन्हें पता है हैंडरायटिंग से लेकर फ़ोन की आवाज तक की जांच कैसे की जाती है ।

    Reply
  • Binay kumar singh says:

    jab se anna hajare ji jan lok pal bill ke lie andolan suru kiya hai tabse neta logo ka nind haram ho gaya hai. ye jo baat chit ki CD rilis ki gayi hai yeh pahle kyon nahi ki gayi .

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *