माखनलाल पत्रकारिता विवि में प्रवेश हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 5 जून तक बढ़ाई गयी

भोपाल । माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में शैक्षणिक सत्र 2011-12 में संचालित होने वाले विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश हेतु आवेदन करने की अंतिम तिथि 5 जून, 2011 तक बढ़ा दी गयी है। पूर्व में यह तिथि 25 मई निर्धारित की गयी थी। प्रवेश परीक्षा पूर्व घोषित तिथि 12 जून, 2011 को सम्पन्न होगी। विश्वविद्यालय द्वारा मीडिया मैनेजमेंट, विज्ञापन एवं विपणन संचार, मनोरंजन संचार, कॉर्पोरेट संचार तथा विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी संचार में एम.बी.ए. पाठ्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं।

माखनलाल पत्रकारिता विवि में कई पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रारंभ

भोपाल : माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में शैक्षणिक सत्र 2011-12 में संचालित होने वाले विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ हो गई है। विवि द्वारा मीडिया मैनेजमेंट, विज्ञापन एवं विपणन संचार, मनोरंजन संचार, कॉर्पोरेट संचार तथा विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी संचार में एम.बी.ए. पाठ्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। 2 वर्षीय स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के अंतर्गत एम.जे. (पत्रकारिता स्नातकोत्तर), एम.ए.-विज्ञापन एवं जनसंपर्क, एम.ए.-जनसंचार, एम.ए. प्रसारण पत्रकारिता, एम.एससी. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं।

इलेक्‍ट्रानिक मीडिया में अच्‍छे लोगों की कमी

: मनोज मनु ने की जनसंचार के विद्यार्थियों से बातचीत : बेशक इलेक्ट्रानिक मीडिया में चुनौतियां तो बढ़ी हैं, पर अभी भी इस क्षेत्र में अच्छे लोगों की कमी है। मीडिया के विद्यार्थियों को चाहिए कि वह इस कमी को दूर करें। ये विचार प्रख्यात एंकर एवं सहारा समय-छत्तीसगढ़ -मध्य प्रदेश के चैनल प्रमुख मनोज मनु ने माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग के विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए।

पत्रकारिता में संवेदना जरूरी : रमेश शर्मा

: राष्‍ट्रीय पत्रकारिता दिवस पर गोष्‍ठी आयोजित : माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल में राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश राष्ट्रभाषा प्रचार समिति के अध्यक्ष कैलाशचंद्र पंत तथा मुख्यवक्ता वरिष्ठ पत्रकार रमेश शर्मा रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. बृजकिशोर कुठियाला ने की।

मीडिया की आचार संहिता बनाएगा पत्रकारिता विवि

: माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल की महापरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले : डा. नंदकिशोर त्रिखा, प्रो. देवेश किशोर, रामजी त्रिपाठी और आशीष जोशी बने प्रोफेसर : भोपाल, 1 नवंबर, 2010। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, भोपाल की पिछले दिनों सम्पन्न महापरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। महापरिषद के अध्यक्ष और प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुयी इस बैठक का सबसे बड़ा फैसला है मीडिया के लिए एक आचार संहिता बनाने का।

वरिष्ठ पत्रकार राघवेंद्र सिंह और सौरभ मालवीय माखनलाल विवि में

भोपाल। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से खबर है कि इसके प्रकाशन विभाग से दो लोग जुड़े है।  ये हैं वरिष्ठ पत्रकार राघवेन्द्र सिंह और सौरभ मालवीय। राघवेन्द्र सिंह को प्रकाशन प्रभारी बनाया गया है और सौरभ मालवीय प्रकाशन अधिकारी के रूप में कामकाज देखेंगे। इससे पहले राघवेन्द्र सिंह पीपल्स समाचार, भोपाल …

तोड़फोड़ से तय होगा प्राध्‍यापक!

: माखनलाल प्रकरण में महिला आयोग नहीं पुरुष राहत आयोग की तर्ज पर निर्णय : गत सप्ताह राज्य महिला आयोग सुर्खियों में रहा. महिला आयोग के कार्यक्षेत्र पर भी प्रश्न चिन्ह लग गये और कार्यप्रणाली हास्यास्पद हो गई. माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्व विद्यालय की एक व्याख्याता ने पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष के विरुद्ध मानसिक उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई. महिला आयोग ने शिकायत को रूझान लेकर पत्रकारिता विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष एवं अन्य अधिकारियों को सुनवाई हेतु बुलाया.

माखनलाल में कैम्पस प्लेसमेंट का आयोजन

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय भोपाल में  दिनांक 03.10.2010 को ईटीवी द्वारा कैम्पस प्लेसमेंट का आयोजन विश्वविद्यालय के विकास भवन परिसर में किया गया। कैम्पस प्लेसमेंट में विश्वविद्यालय के समस्त विभागों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बी.के. कुठियाला ने कैम्पस का निरीक्षण किया एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर …

पीपी बहाल हो गए, छात्रों से मुकदमा हटेगा

भोपाल से सूचना है कि माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीयय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में अब पूरी तरह शांति बहाल हो गई है. छात्रों का आंदोलन आखिर रंग लाया. कुलपति प्रो बीके कुठियाला ने बुधवार शाम विभागाध्यक्ष पुष्पेंद्र पाल सिंह को फिर से पत्रकारिता विभाग का विभागाध्यक्ष बहाल कर दिया. कुलपति की ओर से रजिस्ट्रार एसके त्रिवेदी ने विवि परिसर में चल रहे धरनास्थल पर पहुंचकर इस बात की घोषणा की. रजिस्ट्रार ने कहा कि श्री सिंह को सम्मान सहित उनके पद पर बहाल किया जाता है. इसके साथ ही छात्रों के खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमे भी विवि प्रशासन वापस ले लेगा. यह प्रक्रिया गु़रुवार सुबह से शुरू हो जाएगी. कुलपति के ताजा रुख के बाद छात्रों का कामयाब आंदोलन अपनी पूर्णता को पहुंच गया. यह सारा घटनाक्रम रात 8 बजे के बाद विवि परिसर में मीडिया की मौजूदगी में हुआ.

पत्रकार नहीं क्‍लर्क बनाने की साजिश

माखनलाल विवि छोड़े हुए करीब सात साल हो गए हैं और इस बीच केवल एक बार ही पूर्व छात्र की हैसियत से विवि कैम्पस में जाने का मौका मिला। करीब चार साल पहले मैं और संदीप विवि के नए परिसर में गए। बहुत खुशी हुई जब देखा कि हमें जो चीजें नहीं मिल पाईं वो हमारे बाद आने वाले छात्रों को मिल रही हैं। करीब सात-आठ साल से पेशेवर व अन्य जिम्मेदारियों के चलते पुरानी चीजें गौण होती गईं, लेकिन जब कभी भी वहां का कोई छात्र टकराता है सारी यादें एक झटके में ताजा हो जाया करती हैं।

कुठियाला जी, हम सब आपके इरादे जानते हैं

भोपाल से आ रही आवाज़ें यहां दिल्ली से लेकर देहरादून, कोलकाता से कानपुर और रांची से रायपुर तक हम सभी पूर्व छात्रों के कानों में पिघलते लोहे सी भर रही हैं। इस बात से हममें से कम लोग ही असहमत होंगे कि हम सब पूर्व छात्रों के लिए भोपाल दूसरी मातृभूमि और माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय दूसरे घर सरीखा है। एक परिवार में हमने जीवन का आरम्भ किया।

माखनलाल में थमेगा बवाल, पीपी होंगे बहाल

भोपाल से सूचना है कि पीपी सिंह को बहाल किया जा रहा है. उन्हें फिर से माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग का अध्यक्ष बना दिया जाएगा. पुष्पेन्द्र पाल सिंह को पद से हटाए जाने के बारे में महिला आयोग ने कहा कि ऐसा करना गलत है. आयोग ने एक कंप्लेन पर पीपी सिंह व कुलपति कुठियाला, दोनों को नोटिस जारी किया. दूसरे, आज सुनवाई के दौरान शिकायत करने वाली ज्योति वर्मा नहीं पहुंचीं.

माखनलाल : हंगामों की पौधशाला : लाइव रिपोर्ट

: भोपाल स्थित पत्रकारिता विश्वविद्यालय में हो रहे हंगामे की लाइव रिपोर्ट, एक पत्रकार द्वारा : दिनांक 25 सितंबर 2009 रात 11 बजे तक… गुलाम अली की चंद पंक्तियों पर गौर फरमाइये- हंगामा है क्यूं बरपा… थोड़ी सी जो पी ली है… ड़ाका तो नहीं ड़ाला… चोरी तो नहीं की है… अब इन पंक्तियों को माखनलाल के परिप्रेक्ष्य में देखिये- हंगामा है क्यूं बरपा…. छोटा सा आदेश जो आया है… नौकरी से तो नहीं हटाया… पद ही तो छीना है… असल में इन पंक्तियों का असर देखने को मिल रहा है माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग में। कुलपति बी. के. कुठियाला के आने के बाद से लगातार माखनलाल में हंगामों का दौर जारी है!

शिक्षकों का अपमान न हो, हस्ताक्षर अभियान

: पत्रकारिता विभाग के विद्यार्थियों ने मांगी शिक्षक से माफी : माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल के सभी विभाग के विद्यार्थियों द्वारा सोमावार को विश्वविद्यालय में जनसंचार विभाग के अध्यक्ष संजय द्विवेदी के साथ पत्रकारिता विभाग के विद्यार्थियों द्वारा किए गए अशिष्ट व्यवहार के विरुद्ध व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाया गया।

खंडन-मंडन का टैग लगाकर हर माल समेटो!

: क्या माखनलाल से भी बड़े पत्रकार है मैदान में? : भाषा का संयम बनाए रखें, यदि वही खो दिया तो पत्रकारिता किस काम की : ‘भडास4मीडिया’ क्या भड़ास निकालने का मंच बन कर रह गया है। जिसको जो उल्टा सीधा लिखना है, यहां से लिख सकता है? किसी ने श्रीकांतजी और पुष्पेन्द्रजी के खिलाफ एक पक्षीय रिपोर्ट लिखी, आपने छाप दिया। किसी ने नए कुलपति की तलाश शुरू जैसी मूर्खतापूर्ण खबर भेज दी, आपने झट से छाप दिया। कल को कोई आपको लिख कर भेज देगा, दोनों गुटों में समझौता, आप उसे भी देर किए बिना छाप देंगे। कोई यह लिख देगा कि अपने बचाव के लिए पीपी संघ के अधिकारियों से लगातार संपर्क कर रहे हैं, तो आप देर किए बिना उसे भी छाप देंगे।

माखनलाल विवि के नए कुलपति की तलाश शुरू!

भोपाल। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय में कुलपति बीके कुठियाला के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन में छात्रों का पलड़ा भारी होता नजर आ रहा है। भोपाल से खबर आ रही है कि मुख्यमंत्री कार्यालय कुठियाला कल्प समाप्त करने के मूड में आ गया है। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री के निर्देश पर नए कुलपति के चयन के लिए चार लोगों का पैनल बनाया गया है, और इसी पैनल में से किसी एक व्यक्ति को विश्वविद्यालय का नया कुलपति बनाया जा सकता है। विश्वविद्यालय के नए कुलपति के संभावति नामों में चार लोगों के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं।

श्रीकांत व पुष्पेंद्र पाल ने लगाई है आग!

माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय इन दिनों आंतरिक उठापटक व अस्थिरता के दौर से गुजर रहा है। देश का एकमात्र पत्रकारिता विश्वविद्यालय होने के बाद भी 20 वर्षों में विश्वविद्यालय के स्तर का कोई प्रशासनिक ढांचा नहीं बन पाया था। इस कारण अकादमिक स्थिति काफी लचर बनी हुई थी। विश्वविद्यालय में अभी तक कोई रजिस्ट्रार नहीं था। न ही अधिनियम में इसका प्रावधान रखा गया था। मध्यक्रम में भी उप कुलसचिव तथा सहायक कुलसचिव जैसे पदों का प्रावधान आवश्यकता से काफी कम थी। तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के कर्मियों की अंधाधुंध भर्ती की गई थी।

पीपी सिंह हटाए गए, संजय को प्रभार

माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय में एक बड़ा उलटफेर होने की सूचना है. कुलपति बीके कुठियाला ने विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष पी. पी. सिंह उर्फ पुष्पेंद्र पाल सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है. उनके स्थान पर जनसंचार विभाग के विभागाध्यक्ष संजय द्विवेदी को प्रभार सौंपा गया है. सूत्रों के मुताबिक पीपी सिंह के खिलाफ महिला आयोग से एक नोटिस आई है.  विश्वविद्यालय की एक महिला ने पीपी सिंह पर आरोप लगाते हुए महिला आयोग में शिकायत की थी. इसीलिए पीपी सिंह को अल्प समय के लिए पद से बर्खास्त किया गया है.

हिन्‍दी दीन-हीन नहीं, प्रभावशाली भाषा

: माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्‍वविद्यालय में हिन्दी दिवस पर कार्यक्रम आयोजित : भोपाल। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय के जनसंचार विभाग में हिन्दी दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जनसंचार विभाग के अध्यक्ष संजय द्विवेदी ने इस अवसर पर कहा कि हिन्दी भाषा को दीन-हीन मानना एक गलत सोच है।हिन्दी भाषा दीन-हीन नहीं बल्कि दिन-ब-दिन प्रभावशाली और सम्पन्न हो रही है।

‘संघी’ होना पाप तो नहीं!

अभी कुछ दिन पहले भड़ास4मीडिया पर माखनलाल के ‘संघी कुलपति’ की पोल खुली खबर पढ़ी. आरोप है कि विश्वविद्यालय की भर्ती परीक्षा में संघ से जुड़े सवाल पूछे गए. आरोप लगाने वाले हैं कांग्रेसी. मेरा पूछना है कि क्या संघी होना पाप है. प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी विचारधारा से प्रभावित है. देश का बड़ा वर्ग संघ की विचारधारा से परोक्ष-अपरोक्ष रूप से इत्तेफाक रखता है.

माखनलाल में बिना प्रवेश परीक्षा प्रवेश!

कुलपति का तुगलकी फरमान : भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय इस मायने में अनूठा संस्थान रहा है कि एक तो ये अकेला पत्रकारिता को समर्पित विश्वविद्यालय है, और दूसरा कि यहां से निकले पत्रकार देसी खुशबू लिए होते हैं. उन्हें भाषा के साथ साथ आम आदमी के मुद्दों और सरोकारों की समझ होती है। वर्तिका नंदा के शब्दों में कहें तो यहां परीकथा के किरदार…गुड्डे और गुड़िया पढ़ने नहीं आते हैं जैसा कि दिल्ली स्थित संस्थानों में आपको मिलेगा।