इंडिया टीवी को रोल माडल न बनाए आजतक

आजतक में कोहराम मचा हुआ है. बाजारू दर्शकों को मापने के बाजारू यंत्र से लैस बाजारू टामियों ने इस न्यूज चैनल को नंबर दो पर क्या पटका, आजतक में बड़े-बड़ों की थूक सरकी हुई है. जिसे देखो वही नंबर दो से एक पर पुनः आसीन होने के नुस्खे आजमा रहा है, सुझा रहा है, समझा रहा है. टैम वालों की टीआरपी की जो 37वें सप्ताह की सूची जारी हुई है, रेटिंग आई है, उसमें फिर उसी इंडिया टीवी को नंबर एक की कुर्सी पर विराजमान दिखाया गया है जिसे देश के संवेदनशील व पढ़े-लिखे लोग सबसे वाहियात चैनल बताते हैं.

वाहियात बनने की होड़ में लगा पड़ा आजतक वाहियात द ग्रेट तो नहीं बन पाया लेकिन हां, अपनी शालीनता, तेवर व ताकत खोकर वाहियात नंबर दो जरूर बन गया है. वाहियात नंबर दो बन तो गया था पहले ही लेकिन टामियों ने अधिकृत रूप से अब माना है. चूंकि टामी जिस पद्धति से रेटिंग करते हैं, उसमें खाऊ-भकोसू-मोटू लोगों के टीवी देखने के अंदाज को मापा जाता है तो जाहिर है, जिनका कोई सरोकार नहीं, सोच नहीं, सपना नहीं, जंगल-जमीन से जुड़ाव नहीं, जिनका एकमात्र नशा येन-केन प्रकारेण पैसा उलीचना है, वे उटपटांग कामेडी, घटिया डांस, भूत-प्रेत, सनसनी देखकर मस्ती मारते रहते हैं. और इन्हीं सड़े-गले सूअरों की भ्रष्ट सोच व घटिया विजन के आधार पर टीवी न्यूज चैनलों की दर्शनीयता की रिपोर्ट बना दी जाती है.

नतीजन, जो अच्छे न्यूज चैनल थे, वे सब मध्यम श्रेणी के मान लिए गए. जो चिरकुट-चूतिया थे, वे सिरमौर बन गए. न्यूज चैनल का मतलब ही हो गया है भ्रष्ट होना, घटिया होना, पतित होना, अनैतिक होना, आपराधिक हद तक भ्रष्ट व जनविरोधी होना. क्या ट्रेजडी है. चौथा खंभा बना उन लोगों के लिए जो हाशिए से बाहर है, दुखी हैं, समस्याग्रस्त हैं, पीड़ित हैं, पर ये टारगेट आडियेंश, टारगेट व्यूवर उन्हें मानने लगे हैं जिनकी जेबें ठसाठस भरी हैं, तोंद बाहर निकले हैं, दिल्ली-मुंबई जैसे शहरों-महानगरों-राजधानियों में रहते हैं, कार और जहाज से नीचे चलते नहीं, सत्ता व प्रशासन में अच्छी खासी दखल रखकर दोनों हाथों से नोट झपटते हैं.

वजह है कि टैम वाले टामी इसी टारगेट व्यूवर की दर्शनीयता की रिपोर्ट बाजार के पितामहों, उत्पाद के जनकों तक पहुंचाते हैं और ये थैलीशाह इसी रिपोर्ट के आधार पर बंदरोचित न्याय न्यूज चैनलों के साथ करते हैं. ज्यादा से ज्यादा बड़ा टुकड़ा हिस्से में आए, इस चक्कर में बिल्लियों रूपी चैनलों ने टांग उपर और सिर नीचे कर शीर्षासन शुरू कर दिया है. सिर के बल चलने लगे हैं. लेकिन बंदर तो बंदर है. वह न्याय अपने अंदाज में करेगा. जिन बिल्लियों पर जिम्मा बंदर को औकात में रखने का था, उन बिल्लियों ने उनके यहां शीर्षासन करना शुरू कर दिया है तो बंदर भी खुश है, बिल्ली भी टुकड़े पा पाकर खुश हैं.

आजतक में होड़ इस बात की शुरू हो गई है कि आखिर कैसे वे नंबर वन बन सकते हैं. इस दिशा में एक अच्छी पहल दिखी जब आजतक के लोगों ने बाबाओं का स्टिंग कर प्रसारित किया. पूरे देश में चर्चा हुई. खूब बवाल मचा. अखबारों ने जमकर छापा. जनता के बीच ढोंगी व पाखंडी बाबाओं की पोल खुली. ये है न्यूज चैनल की ताकत. इसी ताकत ने आजतक को सुपर स्टार बनाए रखा और इसी ताकत के बल पर आजतक सुपरस्टार बना रह सकता है. मैं इस स्टिंग के लिए आजतक को दिल से बधाई देना चाहता हूं. बहुत शानदार काम किया है इन लोगों ने.

ऐसे ही स्टिंग नेताओं मंत्रियों अधिकारियों के भी होते रहने चाहिए. वाहियात खबरें दिखाने वाले चैनलों की देर-सबेर पोल खुलेगी, खुल भी रही है, बल्कि खुल चुकी है,  और कोई न कोई अंकुश जरूर इन चैनलों पर लगेगा लेकिन वाहियात किंतु बाजारू रूप से सफल चैनलों को रोल माडल मानकर काम करना आजतक जैसे चैनल के लिए आत्मघाती साबित होगा. वह अपने इसी तेवर को बरकरार रखे, वह सचमुच लीडर बना रहेगा.

आजतक के पास बेहतरीन टीम है. नकवी जैसे जोरदार लीडर हैं. विचारवान व प्रतिभावान लोगों की भरमार है. जरूरत बस ये है कि बाजार के पीछे भागने की जगह यह टीम जनता व सरोकार के पीछे पागलों की तरह भागे, नतीजे खुद ब खुद आएंगे. पर इसके लिए टीम लीडर में आत्मविश्वास होना जरूरी है. उन्हें यह पता होना चाहिए कि एक न्यूज लीडर का असली काम क्या होता है.

खबर ये भी है कि दूसरे न्यूज चैनल आजतक को पछाड़ने के लिए अपना प्राइम टाइम प्रोग्राम नियम समय से दो-चार मिनट पहले ही शुरू कर देते हैं. आजतक में दसतक कार्यक्रम शुरू होने से ठीक पहले ही दूसरे चैनलों पर 9.55 से 9.58 के आसपास ही कार्यक्रम शुरू हो जाते हैं. यह होड़ है आजतक को पछाड़ने की. ऐसे में आजतक को भी अपने कार्यक्रमों में रणनीतिक लिहाज से उलटफेर करना जरूरी हो गया है और अच्छे कंटेंट, खोजी कंटेंट, जनपक्षधर कंटेंट, देश को दिशा देने वाली नीतियों में गड़बड़झाले से संबंधित कंटेंट, भ्रष्टाचार व भ्रष्ट लोगों के खिलाफ कंटेंट प्रस्तुत करना जरूरी हो चला है.
रही बात टामियों की तो, बाजार न्यूज लीडर चैनल के हिसाब से संचालित होगा, न कि चैनल बाजार के हिसाब से चलेगा. यह माद्दा रखने की जरूरत है.

बाजार को महाबलशाली मानकर हथियार डाल देने वाले लोग दरअसल सही मायने में न्यूज की ताकत को ही नहीं जानते. उनके आगे अंबानी, टाटा, बिड़ला घुटने टेक कर बैठेंगे अगर वे न्यूज की ताकत के साथ समझौता नहीं करेंगे तब. उनके आगे सरकार हार मान जाएंगी अगर वे न्यूज के आगे कंप्रोमाइज नहीं करेंगे तब. लेकिन कई बार न्यूज देने वाली कंपनियां खुद इतने धंधों में उलझी होती हैं, इतनी लायजनिंग करने लगती हैं कि उनका हर जगह समझौता हो चुका होता है और दिखाने पढ़ाने के लिए कुछ बचता नहीं, सिवाय गा गी गे के, और मरने जीने कटने के, और भूत प्रेत सनसनी सेक्स क्रिकेट सिनेमा के.

टामियों ने इस 37वें हफ्ते जो सूची जारी की है, उसमें इंडिया टीवी को 18.3 फीसदी मार्केट शेयर के साथ नंबर वन बताया है. आज तक को 15.8, यानी भारी भरकम अंतर से नंबर दो पर बैठा दिखाया है. इतने ही अंतर से स्टार न्यूज को नंबर तीन (13.1 फीसदी मार्केट शेयर) पर पहुंचाया है. आईबीएन7 को 10.4 के साथ चौथे नंबर पर बताया है. पिछले हफ्ते यह जी न्यूज से पीछे था लेकिन इस बार 1.7 की बढ़त के साथ आगे हो गया है. जी न्यूज 8.4 पर आकर गिरा है. एनडीटीवी हमेशा की तरह सदाबहार 7.7 स्थिति में है. न्यूज 24 एनडीटीवी के साथ 7.7 के जरिए कदमताल कर रहा है. तेज 6.0, लाइव इंडिया 5.5, समय 5.4, डीडी न्यूज 1.7 और सीएनईबी 1.1 पर है. लेकिन टामियों की इस आंकड़ेबाजी का कोई मतलब नहीं है. जब तक दर्शकों का भरोसा न पैदा हो, बाजार के प्रिय बने रहने से न्यूज इंडस्ट्री का कोई हित नहीं है. हां, धंधेबाज मालिकों की तिजोरी जरूर भरी रहेगी लेकिन एक और तिजोरीबाज के इस देश में बढ़ जाने से देश का भला क्या भला हो सकता है.

यशवंत

एडिटर

भड़ास4मीडिया

संपर्क : yashwant@bhadas4media.com, 09999330099

Comments on “इंडिया टीवी को रोल माडल न बनाए आजतक

  • media sply many news chanls r moving twrds negative growth as this industry in not organised and rules/structure friendly. but aajtak shld do same journalism as it was doing at sp singh’s time.i wish all the best to all good news channels including aajtak etc which r very few now.channels now a days r like robots with no intelligent chip,,, only copy paste chips….

    Reply
  • Anurag pathak says:

    Yashwant ji.
    Mujhe to ye jankr hairani hui ki reting m aise chanalo ka naam hi nhi h jo aam aadmi se judi khabare dikhate h ye news chanal h p7news .ndtv. Ko itna piche dikhaya gya h jab ki ye aam aadmi se jude mudde utate rhe h wah re bajarwad aise t.r.p. Btane walon se bhagwan bachaye

    Reply
  • suresh bishnoi says:

    यशवंतजी ठोक कर लिखा है आपने ….बहुत अच्छा लगा … आज तक अब भी संभल सकता है ..लेकिन एक बात तो साफ है कि आज तक अगर इंडिया टीवी की नक़ल करता रहा तो उसका वजूद बेहज कमज़ोर हो जाएगा। और ऐसा देखकर निराशा होगी ।

    Reply
  • Ratan Singh Shekhawat says:

    आप सही कह रहे हैं सर, लेकिन मीडिया की बागडोर ही ऐसे हाथों में है कि वे दलाली ही पसंद करते हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक दोनों ही मीडिया में कितने फीसदी मीडिया मालिक ऐसे होंगे जिनकी रुचि गरीबों और भूखों के दुख में है। वे तो सत्ता की गोद में रहते हैं क्योंकि वहां उनका हित सधता है और जिन लोगों को चैनल या अखबार चलाने की जिम्मेदारी देते हैं उनसे यही कहा जाता है कि नंबर वन रहो, ज्यादा से ज्यादा कमाई करके दो। भले ही इसके लिए कुछ भी दिखाओ कुछ भी छापो। पत्रकार तो बेचारा नौकरी करता था और आज भी करता है। लेकिन बाजार ने उसे भी घसीटकर सड़क पर ला पटका है। या तो बदलो-दलाली करो नहीं तो हाशिये पर रहो। यकीन मानिए आज भी दोनों तरह के लोग पत्रकारिता में हैं। पर इस पेशे की पवित्रता के लिए तो किसी बड़े बलिदान की जरूरत है और वह करने की किसी में भी हिम्मत नहीं।

    Reply
  • Miyaan, pichle do mahine se so rahe the kya? India TV pichle paanch hafton se number one par hai. Aur, Aaj Tak ka honorary content adviser banne par bahut bahut badhai.Yeh mat bhoolo ki is website ke editor ho, aur khud hi ant-shant gaaliyan likh rahe ho, saath hi apne aap ko mahaan buddhijeevi maan rahe ho.Hamama me sab nange hain. Roj dopahar dhai baje aaj tak aur star news khol kar dekh lo, Saas Bahu paroste hain. Star news ki Saas Bahu Saazish to pichle teen saal se number one program tha, ab pit gaya. Yeh sab kyon nahin likhte? Aur Tam news achi tarah dekh lo, Superfast news bulletins ke liye India TV ko number mile hain, bhoot-pret, jyotishi ke liye nahin. Samjhe naa? Apne fundas theek kar lo. Aur apne dost buddhijeeviyon ko bhi yeh baat bata do. Ki GK me baith kar inquilaab ki talwar bhanjne se na to TRP aati hai, na hi inquilab.

    Reply
  • यशवंत मियाँ ,पिछले दो महीने से सो रहे थे क्या ? इंडिया टीवी पिछले पांच हफ़्तों से नम्बर वन पर है और आज तक का होनररी कंटेंट एड्वाईसर बनने पर बहुत बधाई .ये मत भूलो की इस वेबसाईट के एडिटर हो और खुद ही अंट-शंट गालियाँ लिख रहे हो ,साथ ही अपने आप को महान बुध्हिजीवी मान रहे हो .हमाम में सब नागे है .रोज दोपहर ढाई बजे आज तक और स्टार न्यूज़ को देख लो ,सास बहु परोसते है ,स्टार न्यूज़ की सास बहु और साज़िश तो पिछले तीन साल से नम्बर वन प्रोग्राम था ,अब पिट गया .ये सब क्यों नहीं लिखते .क्या आज तक और स्टार न्यूज़ ने ये सब लिखने के लिए कोई आर्थिक लाभ पहुचाया है आपको .और टेम न्यूज़ अच्छी तरह देख लो ,सुपरफास्ट न्यूज़ बुलेटीन्स के लिए इंडिया टीवी को नम्बर वन मिलोया है ,भूत प्रेत और ज्योतिष के लिए नहीं .समझे ना ?अपने फंडे ठीक कर लो ,और अपने दोस्त बुध्हिजीवियों को भी ये बता दो की जीके में बैठकर इन्कलाब की तलवार भांजने से न तो टीआरपी आती है न ही इन्कलाब ………………………………..

    Reply
  • Jhulan Agrawal says:

    यशवंत जी, मैं कभी झूलन के नाम से कमेंट करता हूं, कभी विभाकर के नाम से, यकीन न हो तो मेरी आईपी एड्रेस देख लीजिएगा. आप मेरे कमेंट को एडिट डिलीट और मोडीफाई कर सकते हैं क्योंकि मैं नाम पहचान के साथ सामने आकर लिख नहीं सकता और नौकरी-चाकरी-गुलामी करने के कारण सच्चाई बोल नहीं सकता.
    पर यशवंत जी यह इंडिया टीवी वाले साले बिलकुल चूतिया हैं, सही कहा है आपने. मारो सालों के कपार पर जूते चार….
    झूलन अग्रवाल

    Reply
  • vibhakar mishra says:

    यशवंत जी , फिर दिखा दी अपनी औकात , मैंने जो कमेन्ट दिया था उस कमेन्ट को हटाकर मेरे ही नाम से आपनी चापलूसी करवा दी . है हिम्मत तो मेरे नाम से ओरिजिनल कमेन्ट छप कर दिखाए . यही कमेन्ट और भी पोर्टल पर मै भेज रहा हूँ ताकि आपकी औकात को हर कोई जान जाये , कितने फर्जी हैं आप .

    ———

    प्रिय कमेंट लेखक
    आपने कमेंट करने के पहले लगता है टर्म एंड कंडीशन नहीं पढ़ा. किसी का भी कमेंट डिलीट, मोडीफाइ व एडिट किया जा सकता है. एक बार पढ़ लें.
    बाकी नेट की दुनिया खुली दुनिया है. भड़ास4मीडिया व यशवंत के खिलाफ एक ब्लाग बनाकर इनकी पोल खोलें. हम लोग चाहते हैं कि हम लोगों की पाजिटिव निगेटिव, जैसी भी, लेकिन मुफ्त में पब्लिसिटी करने वाले आप जैसे कार्यकर्ता मिल जाएं.
    लगे रहिए.
    -एडमिनिस्ट्रेटर
    भड़ास4मीडिया

    Reply
  • सच बोलू…बुरा तो नहीं मानोगे….तो सच ये है कि AAJ TAK SABSE FAKE AND FUCKER

    Reply
  • aaj tak aaj ager no. 2 per hai to uske liye uske karta darta hi jimmedar hai..or india t.v. to bilkul bakvas hai…indiya t.v. dekhana yaani apna samay kharab kharna…..

    Reply
  • aaj tak hamesha logo ki pehli pasand rahi hai aur hamesha number one hi rahega…..india TV ko to top par bithana broadcast media ke naam par badnuma daag hai…..

    Reply
  • vibhakar mishra says:

    यशवंत जी, इंडिया टीवी व रजत शर्मवा की ऐसे ही ऐसी-तैसी करिये. ये साले इसी लायक हैं. मैं फर्जी नाम से कमेंट कर रहा हूं क्योंकि मुझे नौकरी करनी है, गुलामी करनी है इंडिया टीवी की. पर मैं आपकी बहादुरी व साफगोई की दाद देता हूं.
    लगे रहिए सर.

    Reply
  • log kehte hai mein sharabi hu,,,,,,,,,,magar koi humse b puche ki mein sharab peeta b hu ya nahi,,,,,,,,,,,,,,,meine bahut se senior logoh ke comment padey hai mein un respected senior ko kehna chahta hu jo log india tv ko gali dete hai aap jaise log hi ghar par beth kar india tv dekhna pasand karte hooo,,,,,agar india tv ki trp no. 1 hai usme aap jaise respected logoh ki den hai,,,,,,,,,,,,india tv no. 1 tha ,,no. 1 hai aur no. 1 rahenga,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,aap kisi b aadmi se puch lo woh kis ancor ko sabse zyaada pasand karte hai unme 3 logoh ka naam aata hai,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,aur woh respected person hai :- RAJAT SHARMA{INDIA TV},,,,,,RAJDEEP JI{CNN-IBN},,,, & PRANOY ROY{NDTV},,,,,,,,,,,AAJTAK ka toh dur dur tak kisi b ancor ka naam nahi hai,,,,,,,,,,,,,,,,,,,mein kisi ka dil dukhana nahi chahta meri baat ka bura mat manana,,,,,,,,,,,,,,,,pehle aap apne ghar mein dekho phir kisi aur ke ghar ko gali do,,,,,,,,,,,,,,mr. vibhakar mishra aap apne aap ko bahut samajdar samjte ho,,,,,meri hisab se aap jaise bewkuff ko media se nikal dena chahiye,,,,,,,,,,,,,aur vich chorahe pe khaada karke bejat karna chahiyechahiye,,,,,,,,,,,,jisko apne senior ki respect karni nahi aati,,,,,,,,,,,,woh aadmi zindagi mein kabhi kamjab nahi ho sakta,,,,,,,,,,,,,,,yeh meri garanti hai

    Reply
  • bade bhai….
    chahe kuchch bhi ho….aaj tak ne hamesha sachchi aur sahi khabre dikhayi hain.aur aaj bhi news channel ka matlab AAJ TAK hi hota hai…

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *