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समाज-सरोकार

बेईमान उद्योगपति, भ्रष्ट राजनेता, भ्रष्ट आधिकारी, क्रिकेटर, अभिनेता-अभिनेत्री, गैर-क़ानूनी व्यापार और संरक्षित वन क्षेत्र में काम करने वाले व्याक्ति या फिर सरकार में बैठा...

सतीश सतीश

समाज-सरोकार

राष्ट्रध्वज को फहराने का अधिकार नागरिकों के मूलभूत अधिकार और अभिव्यक्ति के अधिकार का ही एक हिस्सा है। यह अधिकार केवल संसद द्वारा ऐसी...

बीपी बीपी

राजनीति-सरकार

गणतंत्र दिवस के मौके पर कश्मीर के लालचौक पर तिरंगा फहराने के निर्णय से भाजपा के रणनीतिकारों की बुद्धि पर तरस आ रहा है,...

आरके सचान आरके सचान

साहित्य जगत

[caption id="attachment_2565" align="alignleft" width="94"]आरके सचान[/caption][caption id="attachment_2432" align="alignright" width="85"]रिजवान[/caption]लोगों की भावनाओं को छूने और उनके विचारों को आंदोलित करने वाली कविता भले ही आज दुनिया...

मेरी भी सुनो

तो भारतीय जन को अब दान-दया का मोहताज रहना पड़ेगा? लोकतंत्र में लोक के धन पर काबिज, मौज मस्ती उड़ाते दलीय रजवाड़े, कारपोरेट बांकुरे...

युवा युवा

समाज-सरोकार

: बनारस में दूसरा युवा सम्‍मेलन आयोजित : अघोराचार्य बाबा कीनाराम अघोर शोध एवं सेवा संस्‍थान, वाराणसी के तत्‍वावधान में आयोजित दो दिवसीय युवा...

प्रमोद प्रमोद

संगीत-सिनेमा

भारतीय सिनेमा में वैजयंती माला नया इतिहास लेकर आती हैं। दक्षिण भारत का नमकीन पानी रग-रग में समाये वैजयंती माला नृत्य में थिरकते हुए...

मेरी भी सुनो

जब कभी हमारे परिवार में कोई परेशानी आती है तो हम एड़ी-चोटी लगा कर उसको दूर कर देते हैं, परन्तु आज हमें क्या हो...

राजनीति-सरकार

विदेश में जमा रकम वालों का नाम बताना विदेशी बैंकों के साथ हुये एकरारनामें का उल्लंघन है। विदेशी बैंकों से प्राप्त सूचना का उपयोग...

साहित्य जगत

काश मैं एक दिन का मुख्यमंत्री बन जांऊ, प्रदेश में प्याज़ के लिए नई-नई नीतियां बनाऊं, जगह-जगह विशाल पार्कों का निर्माण कराऊं, उसमे फुलवारी...

साहित्य जगत

दिव्या नाम था उसका,दिव्य थी ज्योति सी,कक्षा छह की छात्रा,अभी आगे लंबा भविष्य,अपनी माँ का सपना,अपने पिता की धरोहर,औकात से बढ़ कर,

अंकुर अंकुर

मेरी भी सुनो

[caption id="attachment_2558" align="alignleft" width="94"]अंकुर[/caption]“26 जनवरी को मैंने सोचा है कि आराम से सुबह उठूंगा, फिर दिन में दोस्तों के साथ फिल्म देखने जाना है,...

हरिगोविंद हरिगोविंद

संगीत-सिनेमा

[caption id="attachment_2557" align="alignleft" width="145"]हरिगोविंद [/caption]मनोरंजन टेलीविज़न चैनलों पर आने वाले धारावाहिकों की एक्स्ट्रामैरिटल अफ़ेयर और चाइल्ड-लेबर जैसे मसले पर चाहे जितनी आलोचना की जाए...

संजय संजय

समाज-सरोकार

‘लोक’ मीडिया के लिए एक डाउन मार्केट चीज है। ‘लोक’ का बिंब जब हमारी आंखों में ही नहीं है तो उसका प्रतिबिंब क्या बनेगा।...

संजय संजय

समाज-सरोकार

: सिमोन बैक की आत्महत्या से उठे कई सवाल : सोशल नेटवर्किंग साइट्स के सामाजिक प्रभावों का अध्ययन जरूरी : संचार क्रांति का एक...