हिस्सेदारी बेच यारी खत्म करने की बारी

जेपीएन-आईएनएमजागरण प्रकाशन लिमिटेड और इंडिपेंडेंट मीडिया एंड न्यूज के बीच गठजोड़ खत्म होने की ओर : प्रसार और पाठक संख्या के मामले में देश का नंबर वन अखबार दैनिक जागरण प्रकाशित करने वाली कंपनी जागरण प्रकाशन लिमिटेड (जेपीएल) इन दिनों बेहद दबाव में है। जेपीएल में 20 फीसदी हिस्सेदारी रखने वाली आयरिश मीडिया कंपनी इंडिपेंडेंट न्यूज एंड मीडिया (आईएनएम) अब अपने सभी शेयरों को बेचने पर उतारू हो गई है। इसके पीछे वजह इंडिडेंटेड ग्रुप का कर्ज के बोझ से दबे होना है।

देनदारी चुकता करने के लिए और दिवालिया होने के खतरे से निपटने के लिए इंडिपेंडेंट ग्रुप ने विदेशों की अपनी संपत्ति को बेचना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में यह ग्रुप जेपीएल में अपने 20 फीसदी शेयर को टुकड़ों-टुकड़ों में बेच कर पैसे बटोर रहा है। सूत्रों के अनुसार गुरुवार के दिन आईएनएम ने तीन फीसदी शेयर बेच डाले। ये तीन फीसदी शेयर करीब 61 करोड़ रुपये मूल्य के छे। इन शेयरों को आईएनएम ने बाजार में प्रति शेयर 68 रुपये के दाम पर बेचा। इसके अगले दिन आईएनएम ने जेपीएल में अपने स्टेक का 2 प्रतिशत तक बेच डाला।

ज्ञात हो, आईएनएम ने वर्ष 2005 में जेपीएल की 26 फीसदी हिस्सेदारी खरीद ली थी। उस समय आईएनएम ने यह स्टेक खरीदने के लिए जेपीएल को 150 करोड़ रुपये दिए थे। बाद में (2006 में) जब जेपीएल अपना आईपीओ लेकर बाजार में उतरा तो आईएनएम की हिस्सेदारी घटकर 20.8 फीसदी रह गई। आईएनएम पर करीब 200 मिलियन पौंड की देनदारी है जिसे उसे 24 जुलाई तक हर हाल में चुकता करना है। इसी कारण आईएनएम दुनिया भर की कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी को बेचकर पैसे जुटा रहा है। सूत्रों का कहना है कि अगर वह जेपीएल में अपनी पूरी 20 फीसदी की हिस्सेदारी को बेचता है तो करीब 350 करोड़ रुपये से लेकर 400 करोड़ के बीच मिलेंगे। सूत्रों का कहना है कि जागरण से आईएनएम का जो नाता बना था, अब वह पूरी तरह टूटने के कगार पर है। आईएनएम अपनी संपूर्ण हिस्सेदारी बेचने के मूड में है। इसके चलते जागरण समूह बाजार में दबाव में आ चुका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *