सुब्रत राय सहारा, आपके मीडियाकर्मियों को भी फोर्स की जरूरत है

सुब्रत राय बड़ा दाव खेलना जानते हैं. वे छोटे मोटे दाव नही लगाते. इसी कारण उन्हें अपने छोटे-मोटे तनख्वाह पाने वाले मीडियाकर्मी याद नहीं रहते. और जिन पर इन मीडियाकर्मियों को याद रखने का दायित्व है, उन स्वतंत्र मिश्रा जैसे लोगों के पास फुर्सत नहीं है कि वे अपनी साजिशों-तिकड़मों से टाइम निकालकर आम सहाराकर्मियों का भला करने के बारे में सोच सकें. इसी कारण मारे जाते हैं बेचारे आम कर्मी.

सीबीआई को उपेंद्र राय के खिलाफ नहीं मिला कोई साक्ष्य!

सहारा समूह में फिलहाल बनवास झेल रहे उपेंद्र राय के लिए खुशखबरी है. सीबीआई को अभी तक जो प्रमाण-साक्ष्य मिले हैं, उससे उपेंद्र राय पर कोई मामला नहीं बनता है. 2जी मामले और ईडी के अफसरों को धमकाने-रिश्वत देने की कोशिश करने के प्रकरण में सीबीआई ने पिछले दिनों अपना जवाब सुप्रीमकोर्ट में सीलबंद लिफाफे में पेश किया. इसमें कहा गया है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने संबंधित सभी से पूछताछ की.

सहारा ने अपनी ही खबर का खंडन क्यों छापा? शिवराज ने गद्दार सिंधिया को क्यों बचाया??

आज दो अखबारों में दो ध्यान देने वाली खबरें छपी हैं. राष्ट्रीय सहारा में प्रथम पेज पर जोरदार खंडन व खबर है. यह खंडन व खबर उन अफसरों को खुश करने के लिए प्रकाशित किया गया है जिससे उपेंद्र राय के राज में सीधे-सीधे पंगा लिया गया था. तब भड़ास4मीडिया ने संबंधित दो खबरें प्रकाशित की थीं, जिन्हें इन शीर्षकों पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं- एक आईपीएस को निपटाने में जुटा राष्ट्रीय सहारा और सहारा से भिड़े राजकेश्वर की बहन हैं मीनाक्षी.

स्वतंत्र मिश्रा ने आते ही सहारा में फेरबदल शुरू किया

सहारा मीडिया से खबर है कि स्वतंत्र मिश्रा ने मीडिया डिवीजन का हेड बनते ही फेरबदल शुरू कर दिया है. सहारा नोएडा कैंपस के सर्विस डिविजन के सर्वेसर्वा विजय वर्मा, ट्रांसपोर्ट डिविजन के हेड सैफुद्दीन, सहारा टीवी के ट्रांसपोर्ट इंचार्ज वली और सहारा के नोएडा कैंपस के सिक्योरिटी इंचार्ज कुलदीप शर्मा को तत्काल प्रभाव से एचआर डिपार्टमेंट से अटैच कर दिया गया है. सहारा में एचआर से अटैच किए जाने को डिमोशन और पनिशमेंट के तौर पर लिया जाता है.

उपेंद्र राय वाकई ग्‍लोबल हो गए!

सहारा में उपेंद्र राय का कद वाकई बढ़ा दिया गया है. सूत्रों का कहना है कि उपेंद्र राय सचमुच में ग्‍लोबल हो गए हैं. वे अब सहारा मीडिया का साम्राज्‍य फैलाने के लिए विदेशों में संभावनाओं की तलाश करेंगे. वे अब नोएडा की बजाय लंदन में बैठेंगे तथा वहीं से सारा कामकाज संभालेंगे. बताया जा रहा है कि उपेंद्र के नेतृत्‍व में सहारा के ग्‍लोबल एक्‍सपेंशन की शुरुआत इंग्‍लैंड से होगी. भारत में सहारा मीडिया का प्रभार संभालने वाले स्‍वतंत्र मिश्रा उपेंद्र राय को रिपोर्ट करेंगे.

अंतत: उपेंद्र राय पर गिरी गाज, स्‍वतंत्र मिश्रा को सहारा मीडिया का प्रभार

: अपडेट : सहारा से बड़ी खबर आ रही है कि उपेंद्र राय की जगह स्‍वतंत्र मिश्रा को सहारा मीडिया का हेड बना दिया गया है. अब से वो सहारा मीडिया का पूरा कामकाज देखेंगे. उपेंद्र राय को सहारा मीडिया के ग्‍लोबल मीडिया का हेड बना दिया गया है. माना जा रहा है कि प्रबंधन अब उपेंद्र राय को साइड लाइन करने की कोशिश में जुट गया है. इसी के तहत उन्‍हें नए सृजित पद का मुखिया बनाया गया है, जहां करने के लिए कुछ भी नहीं है. गोविंद दीक्षित को पूरे नोएडा कार्यालय का प्रभार सौंपे जाने की भी चर्चा है.

सहारा समूह से भिड़े राजकेश्वर की बहन हैं मीनाक्षी!

पिछले दिनों भड़ास4मीडिया पर एक खबर प्रकाशित हुई थी, ”एक आईपीएस को निपटाने में जुटा राष्ट्रीय सहारा अखबार” शीर्षक से. इस खबर के प्रकाशित होने के बाद कुछ सुधी पाठकों ने महत्वपूर्ण जानकारियां और फीडबैक भड़ास4मीडिया को उपलब्ध कराया है. नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर मीडिया के एक दिग्गज ने बताया कि आईपीएस राजीव कृष्ण को को निशाना बनाकर सहारा समूह ने राजकेश्वर सिंह को परेशान करना शुरू किया है.

सहारा से स्वतंत्र मिश्रा और अनिल अब्राहम सस्पेंड

: उपेंद्र राय एंड कंपनी की ताकत बढ़ी : सहारा ग्रुप से दो बड़ी खबरें हैं. स्वतंत्र मिश्रा और अनिल अब्राहम को सस्पेंड कर दिया गया है. स्वतंत्र मिश्रा के बारे में पता चला है कि उन्हें 19 मई को ही सस्पेंड कर दिया गया था. उनके सहारा के किसी भी आफिस में प्रवेश करने पर पाबंदी लगा दी गई है. स्वतंत्र के पास कंपनी का जो कुछ सामान था, सभी ले लिया गया है.

उपेंद्र राय को लेकर अफवाहों का दौर जारी

सहारा मीडिया के डायरेक्टर न्यूज उपेंद्र राय के बारे में तरह-तरह की अफवाहें कई दिनों से उड़ रही हैं. कभी इनको सहारा से निकाले जाने की चर्चा उड़ती है तो कभी सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किए जाने की. कभी चर्चा उपेंद्र राय के अंडरग्राउंड हो जाने की होती है. लेकिन अब तक सारी अफवाहें झूठ साबित हुई हैं. ताजी चर्चा उपेंद्र राय के डिमोशन की है. चर्चा के मुताबिक सहारा मीडिया के सर्वेसर्वा उपेंद्र राय को सहाराश्री के एमसीसी (मैनेजिंग वर्कर्स कारपोरेट कोर) से अटैच कर दिया गया है.

सहारा का संकट और शिवराज का विज्ञापन

सहारा के संकट के दिनों में शिवराज सरकार के एक विज्ञापन ने उसके निवेशकों को सावधान कर दिया है. कहते हैं कि संकट आए तो अपने भी मुंह फेर लेते हैं. ऐसा ही हाल सहारा ग्रुप का है. मध्य प्रदेश में सहारा को राज्य सरकार हर महीने करीब पचास लाख का विज्ञापन देती है. और इतना ही विज्ञापन छत्तीसगढ़ से भी मिल जाता है.

सहारा ने खुद को बेदाग बताया

: ईडी अधिकारी पर दबाव बनाने का मामला : राजेश्वर सिंह से पत्रकार सुबोध जैन ने पूछे थे 25 सवाल : सहारा इंडिया के कॉरपोरेट कम्युनिकेशन्स का कहना है कि वह सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का सम्मान करता है। मामले से संबंधित प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी के खिलाफ वह तब तक कुछ कहने की स्थिति में नहीं है जब तक कि सुप्रीम कोर्ट से उसे इसकी इजाजत न मिल जाए। कॉरपोरेट कम्युनिकेशन्स की ओर से लखनऊ में जारी एक बयान में यह भी कहा गया है कि इस मामले में सहारा बेदाग है।

13 को सुप्रीम कोर्ट में होगी उपेंद्र राय के खिलाफ सुनवाई

: सीपीआईएल ने दायर की याचिका : सहारा मीडिया के डायरेक्‍टर न्‍यूज उपेंद्र राय की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं. 2जी मामले में याचिका डालने वाली स्‍वयं सेवी संस्‍था सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्‍ट लेटिगेशन (सीपीआईएल) ने इस मामले में उपेंद्र राय को भी कोर्ट में खींचा है. संस्‍था ने कोर्ट में आरोप लगाया है कि सहारा न्‍यूज नेटवर्क के निदेशक न्‍यूज उपेंद्र राय ने ईडी अधिकारी को नीरा राडिया का पक्ष लेने के लिए रिश्‍वत देने की कोशिश की थी.

मैं सिर्फ एक बार ईडी के अधिकारी राजेश्वर सिंह से मिला : उपेंद्र राय

प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई के चक्कर में बुरी तरह घिर चुके सहारा मीडिया के डायरेक्टर न्यूज उपेंद्र राय ने कहा है कि उनकी मुलाकात प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारी राजेश्वर सिंह से सिर्फ एक बार हुई है और वह भी कुछ मिनटों के लिए. बात जुलाई-अगस्त 2010 की है. तब तक नीरा राडिया के पास कोई नोटिस नहीं भेजा गया था. इस एक मुलाकात के अलावा मेरी कोई मुलाकात किसी प्रवर्तन निदेशालय अधिकारी से नहीं हुई है, इसलिए रिश्वत देने का सवाल ही नहीं उठता.

तीन महीने में हो जाएगा उपेंद्र राय की किस्मत का फैसला

सहारा न्यूज़ नेटवर्क के डायरेक्टर (न्यूज़) उपेन्द्र राय के विरुद्ध मिली शिकायत पर देश की सर्वोच्च जांच एजेंसी सीबीआई ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है. ज्ञात हो की उपेन्द्र राय के विरुद्ध प्रवर्तन निदेशालय ने सीबीआई की शिकायती पत्र लिखा था, जिसमे यह कहा गया था की कॉरपोरेट दलाल नीरा राडिया को बचाने के लिए सहारा न्यूज़ के उपेन्द्र राय ने निदेशालय के अधिकारियों को दो करोड़ बतौर रिश्वत का ऑफर दिया था ताकि मामले को प्रभावित किया जा सके.

काम न आया जोड़तोड़, उपेंद्र राय के खिलाफ सीबीआई ने केस दर्ज किया

अपनी जोड़तोड़ और काम कराने की मेधा के कारण सहारा मीडिया के सर्वेसर्वा बनकर आए उपेंद्र राय ने ये सपने में भी न सोचा होगा कि एक दिन वे ही कठघरे में खड़े कर दिए जाएंगे और ऐसा होने से रोकने की उनकी तमाम कोशिशें नाकाम हो जाएंगी. जी हां. केंद्रीय जांच ब्यूरो ने उपेंद्र राय पर केस दर्ज कर लिया है और छानबीन शुरू कर दी है. प्रवर्तन निदेशालय के एक बड़े अधिकारी को दो करोड़ रुपये का रिश्वत आफर करके उपेंद्र राय ने नीरा राडिया का कोई काम कराने का अनुरोध किया था.

ईटी में रोहिणी ने ”राडिया-राय रैकेट” का राजफाश किया

: दो करोड़ रुपये रिश्वत की पेशकश करने वाला पत्रकार : दी इकोनोमिक टाइम्स की पत्रकार रोहिणी सिंह ने उपेंद्र राय के चेहरे से पर्दा उठा दिया है. ईटी में रोहिणी की बाइलाइन छपी खबर में विस्तार से बताया गया है कि कैसे प्रवर्तन निदेशालय के अधिकारियों को रिश्वत का लालच देकर राडिया के अनैतिक काम कराने की कोशिश की गई. और राडिया की तरफ से काम कराने में जुटे ये सज्जन कोई और नहीं बल्कि सहारा मीडिया के सर्वेसर्वा हैं उपेंद्र राय.

राडिया से रिश्ता रखना महंगा पड़ रहा, उपेंद्र राय के खिलाफ सीबीआई जांच शुरू!

उपेंद्र राय: खुलने लगी पोल : ईडी ने सीबीआई को लिखा था पिछले साल पत्र : राडिया का काम कराने के लिए ईडी अधिकारी से मांगा था फेवर और बदले में दो करोड़ देने का किया था आफर : ईडी ने उपेंद्र राय के खिलाफ शिकायती पत्र फिर भेजा सीबीआई के पास : उपेंद्र राय ने आरोपों से इनकार किया और इसे विरोधियों की साजिश करार दिया :

लंबी छुट्टी से लौटकर आफिस आ सकेंगे बर्नी साहब?

: क्या कभी लौट पाएंगे अजीज बर्नी के अच्छे दिन : सहारा मीडिया में एक बड़ी तेज चर्चा है. वो ये कि अजीज बर्नी के दिन गए. अब उनके नीके दिन, अच्छे दिन न लौटेंगे. सहारा मीडिया के उर्दू अखबारों-मैग्जीनों के ग्रुप एडिटर के रूप में कार्यरत अजीज बर्नी के बुरे दिन उपेंद्र राय के न्यूज डायरेक्टर बनने के बाद शुरू हुए. ताजी सूचना है कि उन्हें लंबी छुट्टी पर जाने को कह दिया गया है.

27 दिसंबर, उर्दू चैनल और उपेंद्र राय

: 27 तारीख उपेन्द्र राय के लिहाज से ज्यादा महत्वपूर्ण है या फिर मिर्जा गालिब के लिहाज से : मीडिया में ये जो नया खेल शुरू हुआ है, वो आने वाले समय में एक बेहूदा ट्रेंड को जन्म देगा : मीडिया में तारीखें ऐसी ही बदलती है, मीडिया अपना कैलेंडर इसी तरह से बदलता है :

ये जो प्रदीप राय है, वो यही तो काम करता है…

आउटलुक मैग्जीन ने इस बार (27 दिसम्बर) वाले अंक में आईएएस अधिकारी सुनील अरोड़ा और सुपर दलाल नीरा राडिया के बीच बातचीत के एक टेप का विवरण प्रकाशित किया है. इस बातचीत को आप भड़ास4मीडिया पर भी पढ़-सुन चुके हैं. लेकिन इसके एक महत्वपूर्ण अंश की तरफ आप सभी का ध्यान दिलाना रह ही गया था.  इस बातचीत के दौरान उपेंद्र राय और प्रदीप राय का भी जिक्र एक जगह आता है, नीरा राडिया के श्रीमुख से.

उपेंद्र राय और नीरा राडिया के बीच बातचीत का टेप

Upendra Raiपांच मिनट 12 सेकेंड के इस आडियो टेप में नीरा राडिया और सहारा मीडिया के न्यूज डायरेक्टर उपेंद्र राय के बीच बातचीत है. इस टेप में ज्यादातर वक्त उपेंद्र राय बोलते हैं. शुरुआती अभिवादन कुछ इस तरह होता है. उपेंद्र का फोन राडिया के पास जाता है.

उपेंद्र राय ने भी की थी नीरा राडिया से बातचीत

उपेंद्र रायनीरा राडिया से बातचीत के नए टेप जारी होने के बाद मीडिया जगत के कई नए रहस्यों पर से परदा उठता जा रहा है. कई नई परतें खुलती जा रही हैं. ताजा नाम उपेंद्र राय का आया है. जिस टेप में नीरा राडिया आईएएस अधिकारी और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया के परसनल सेक्रेट्री रहे सुनील अरोड़ा से बात कर रही हैं, उसमें जिस शख्स उपेंद्र का नाम आ रहा है, वह कोई और नहीं बल्कि सहारा मीडिया के डायरेक्टर न्यूज उपेंद्र राय ही हैं. मेल टुडे में आज इस बारे में एक स्टोरी प्रकाशित की गई है, JOURNALIST FIGURED IN TALKS WITH IA EX-CHIEF शीर्षक से.

उपेन्‍द्र जी, मेरी सेलरी दिलवाइए

सेवा मे, माननीय श्री उपेन्द्र राय जी, सहारा इंडिया मीडिया, एडिटर एवं न्यूज डाइरेक्टर, विषय- मुंबई ऑफिस की बदउन्वानी और बार-बार शिकायत करने के बाद भी मेरी सेलरी का चेक ना दिए जाने के सन्दर्भ में.

दर्शकों के साथ सहारा का बड़ा धोखा!

सहारा के भस्मासुर की बात सामने आ ही गई है, अब मैं इलेक्ट्रानिक मीडिया में अब तक का सबसे बड़ा फ्राड और इन भस्मासुरों की करतूत की एक बानगी बताता हूं। सहारा के नए निजाम की टोली कैसे सहारा के टॉप मैनेजमेंट को झूठ का आईना दिखाकर और टेलीविजन मीडिया के दर्शकों खासकर बिहार के लोगों को कैसे मूर्ख बना रहे हैं, इसकी भी एक बानगी बता रहा हूं।

राजेश कौशिक को यूपी-उत्तराखंड का हेड बनाया गया

सहारा समय न्यूज चैनल से सूचना है कि पिछले दिनों स्टार न्यूज से इस्तीफा देकर सहारा समय के हिस्से बने राजेश कौशिक को उपेंद्र राय ने सहारा समय, यूपी-उत्तराखंड का चैनल हेड बना दिया है. अभी तक चैनल हेड की जिम्मेदारी संभाल रहे राव बीरेंद्र सिंह को सहारा समय, एनसीआर की कमान सौंपी गई है. उधर, मनीषा शेरान का इस्तीफा सहारा समय प्रबंधन ने कुबूल कर लिया है. मनीषा लंबे समय से बतौर एंकर सहारा समय न्यूज चैनल में कार्यरत थीं. उन्होंने सीएनईबी का रुख किया है.

सहारा उर्दू ई-पेपर और मैगजीन लांच

सहारा इंडिया मॉस कम्युनिकेशन ने अपने उर्दू संस्करणों, उर्दू दैनिक ‘रोजनामा’, साप्ताहिक पत्रिका ‘आलमी सहारा’ व मासिक पत्रिका ‘बज्म-ए-सहारा’ के ई-संस्करणों का आगाज कर दिया है। अब सहारा इंडिया मॉस कम्युनिकेशन का उर्दू संस्करण इंटरनेट पर भी उपलब्ध होंगे। उर्दू संस्करणों के ई-वर्जन का शुभांरभ सहारा इंडिया न्यूज नेटवर्क के डायरेक्टर उपेन्द्र राय ने किया।

अजीज बर्नी को भी निपटा दिया उपेंद्र राय ने!

: शीत युद्ध अब खुली जंग में तब्दील : सहारा उर्दू का चेहरा बन चुके अज़ीज़ बर्नी को उपेन्द्र राय ने पूरी तरह किनारे कर दिया है. इससे पूर्व यह काम कोई नहीं कर सका था. अब उपेन्द्र राय ने सहाराश्री के चहेते समझे जाने वाले बर्नी को मात देने में सफलता प्राप्त कर ली है. बर्नी से उन्होंने सारे अधिकार ले लिए हैं. बर्नी के किनारे कर दिए जाने की सूचना दीवारों पर चिपका दी गयी है. उपेन्द्र राय जल्द ही उर्दू का टीवी चैनल शुरू कर रहे हैं जो बर्नी की वजह से रुका हुआ था.

शीतल बने राष्ट्रीय सहारा देहरादून के एडिटर

: राष्ट्रीय सहारा में कई बड़े फेरबदल : दयाशंकर राय लखनऊ के एडिटर : अमर सिंह बनारस के यूनिट हेड : स्नेह रंजन बनारस के संपादक : प्रोडक्शन हेड एलएस भाटी लखनऊ से बनारस भेजे गए : सहारा मीडिया के प्रिंट सेक्शन में कई बदलावों की खबर है. राष्ट्रीय सहारा, लखनऊ यूनिट का स्थानीय संपादक दयाशंकर राय को बना दिया गया है. दयाशंकर अभी तक देहरादून यूनिट के स्थानीय संपादक थे. देहरादून में आरई पद पर एलएन शीतल को लाया गया है जो अभी तक ग्वालियर के अखबार आदित्याज के सीईओ व एडिटर इन चीफ हुआ करते थे.

सहारा में फिर होगी छंटनी?

टीवी व इंटरनेट के 11 लोग प्रिंट में भेजे गए : सहारा मीडिया में फिर से छंटनी की तैयारी शुरू हो गई है. इसके तहत सहारा के नोएडा स्थित आफिस में टीवी और इंटरनेट सेक्शन में कार्यरत करीब 11 लोगों को प्रिंट सेक्शन में भेज दिया गया है. सूत्रों का कहना है कि प्रबंधन ने सहारा मीडिया के टीवी, प्रिंट व इंटरनेट सेक्शन में करीब तीन सौ से ज्यादा लोगों को ‘फालतू’ कैटगरी के तहत शिनाख्त की है.

सहारा में बहुत कुछ बदल रहा है

‘हस्तक्षेप’ मंगल की बजाय शनिवार को मिलेगा : टैबलायड परिशिष्ट अब ब्राडशीट शेप में आएंगे : कुछ बंद परिशिष्ट फिर शुरू होंगे : बीबीसी हिंदी से पाणिनी आनंद इस्तीफा देकर सहारा आएंगे : सहारा मीडिया की प्रिंट व टीवी की वेबसाइटों का विलय होगा : संजीव श्रीवास्तव ने बैठने का स्थान बदला : सहारा मीडिया में नए संपादकीय नेतृत्व के आने से बह रही बदलाव की बयार धीरे-धीरे तेज हो रही है.

उपेंद्र राय बने राष्ट्रीय सहारा के प्रिंटर-पब्लिशर

प्रिंटलाइन में प्रिंटर-पब्लिशर के रूप में स्वतंत्र मिश्र का नाम हटाकर उन्हें समूह संपादक (वेब पोर्टल) के रूप में दर्ज किया गया : लखनऊ यूनिट में रणविजय सिंह और स्वतंत्र मिश्र की केबिनों में मनोज तोमर और अमर सिंह को बिठाया गया : गज़ब का मीडिया घराना है सहारा. यहां कब क्या हो जाए, कोई नहीं ठिकाना. आज का ‘राष्ट्रीय सहारा’ अखबार उठाकर प्रिंट लाइन देखिए. संपादकीय पेज पर हर रोज प्रकाशित होने वाले प्रिंटलाइन में आमूल-चूल बदलाव दिख जाएगा. प्रिंटर और पब्लिशर के रूप में कई वर्षों से जाने वाला स्वतंत्र मिश्रा का नाम हटा दिया गया है. उनका स्थान ले लिया है उपेंद्र राय ने जो अभी हाल-फिलहाल स्टार न्यूज से ग्रुप न्यूज डायरेक्टर के पद पर सहारा में लौटे हैं. स्वतंत्र मिश्रा को समूह संपादक (वेब पोर्टल) बनाकर प्रिंट लाइन में रणविजय सिंह के बाद स्थान दिया गया है. दिल्ली में राष्ट्रीय सहारा की प्रिंट लाइन में प्रबंध संपादक जयव्रत राय के नाम के बाद मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुशांतो राय हैं. फिर एडिटर इन चीफ के रूप में संजीव श्रीवास्तव विराजमान हैं. इनके बाद समूह संपादक रणविजय सिंह का नाम है. फिर समूह संपादक वेब पोर्टल स्वतंत्र मिश्र का नाम प्रिंट किया गया है. इसके बाद स्थानीय संपादक के रूप में खबरों के चयन के लिए जिम्मेदार विनोद रतूड़ी का नाम स्टार लगाकर दिया गया है. प्रिंटलाइन में सिर्फ संपादक श्रेणी में पांच पद और पांच नाम विराजमान हैं.

सहारा मीडिया में पुराने आदेश रद, 6 सदस्यीय टीम बनी

संजीव के आने के बाद माहौल सुधरा : बड़े-बड़े लोग भी चेंबर से बाहर निकल कर काम करते दिख रहे : सहारा मीडिया में संजीव श्रीवास्तव और उपेंद्र राय के पहुंचने से कई तरह के बदलाव की खबरें हैं. इनके आने के बाद शीर्ष स्तर से एक आदेश जारी कर पहले जारी किए गए सभी नोटिसों को रद्द किए जाने की सूचना दी गई है. इसका आशय यह लगाया जा रहा है कि यूनिट हेड बनाए गए विजय कौल फिर अपनी खोल में वापस लौटा दिए गए हैं.

रजनीकांत ने स्टार न्यूज छोड़ा, सहारा समय में बने ईपी

[caption id="attachment_16680" align="alignleft"]रजनीकांत सिंहरजनीकांत सिंह[/caption]स्टार न्यूज के सीनियर प्रोड्यूसर रजनीकांत सिंह ने इस्तीफा दे दिया है. वे नई पारी की शुरुआत सहारा समय के साथ करने जा रहे हैं. ज्ञात हो कि उपेंद्र राय ने स्टार न्यूज से इस्तीफा देकर पिछले दिनों न्यूज डायरेक्टर पद पर सहारा समय ज्वाइन किया. इसके बाद अब वे अपनी टीम बनाने के काम में लग गए हैं. इसी के तहत रजनीकांत सिंह को लाया गया है. रजनीकांत का सहारा समय में पद होगा एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर का. वे स्टार न्यूज में सात वर्षों तक कार्यरत रहे. तीन साल से दिल्ली में हैं. चार वर्षों तक मुंबई में स्टार न्यूज की लांचिंग टीम के साथ रहे.

संजीव और उपेंद्र ने सहारा मीडिया ज्वाइन किया

[caption id="attachment_16623" align="alignleft"]संजीव श्रीवास्तवसंजीव श्रीवास्तव[/caption]बीबीसी को गुडबाय बोल चुके संजीव श्रीवास्तव ने कल सहारा मीडिया के सीईओ और एडिटर के रूप में कल ज्वाइन कर लिया। रविवार होने के बावजूद संजीव श्रीवास्तव की कल ज्वायनिंग करा दी गई। उनके साथ स्टार न्यूज से इस्तीफा देने वाले उपेंद्र राय ने भी ज्वाइन किया। उपेंद्र न्यूज डायरेक्टर के पद पर आए हैं। प्रबंधन ने इन लोगों को सहारा के वरिष्ठों से इंट्रोड्यूस करा दिया है।