Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

Bhadas4Media.com

सुरेश नीरव सुरेश नीरव

बातों बातों में

गिरिराजजी बड़े ही विचित्र नस्ल के जीव हैं। मैं जितना सम्मान गिरिराजजी का करता हूं तय मानिए उतना सम्मान उनके घरवाले भी नहीं करते।...

पंकज झा पंकज झा

मीडिया मंथन

छत्तीसगढ़ के सन्दर्भ में कुछ साल पहले ‘विकास बनाम संस्कृति’ पर चर्चा करते हुए डा. रमन सिंह ने एक बड़ी अच्छी बात कही थी....

राजनीति-सरकार

अक्सर कहा जाता है कि क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है और राजनीति भी इससे जुदा नहीं है। राजनीति में भी कई बार अनिश्चितताओं के...

राजनीति-सरकार

कांग्रेस शासित राजस्थान पुलिस के आतंकवाद निरोधी दस्ते (एटीएस) ने अजमेर धमाके की जाँच पूर्ण किए बिना ही इन्द्रेश कुमार का नाम उछाल दिया...

फिल्‍म फिल्‍म

संगीत-सिनेमा

: तीसरा लखनऊ फिल्‍म उत्‍सव : गिरीश तिवाड़ी गिर्दा को समर्पित : आज जनजीवन और सामाजिक संघर्षों से जुड़ी ऐसी फीचर फिल्मों और वृतचित्रों...

बातों बातों में

बदलते समय के साथ पत्रकारिता और साहित्य के क्षेत्र में कई बदलाव आए हैं और बाजार में जब से पत्र-पत्रिकाओं की बाढ़ आई है,...

समाज-सरोकार

गांवों के बच्चे बड़ी संख्या में मजदूर बनते जा रहे हैं. अगर बच्चों की संख्या स्कूलों की बजाय काम की जगहों पर ज्यादा मिल...

मीडिया मंथन

कांग्रेस के युवराज एवं राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी बैतूल आकर चले भी गये, लेकिन उनके आगमन के दौरान पत्रकारों पर लगे दाग आज तक...

सीबी सिंह त्‍यागी सीबी सिंह त्‍यागी

समाज-सरोकार

मां मेरी हो या मायावती की, मुफलिस की हो या महाजन की। मां प्रत्येक दशा मे पूज्य, सम्मानित और स्तुत्य है लेकिन उत्तर प्रदेश...

कविता पाठ कविता पाठ

साहित्य जगत

: निज़ामाबाद की एक रात कवियों के नाम : निज़ामाबाद. 24 अक्टूबर की रात निज़ामाबाद के राजस्थान भवन के प्रांगण मे गीत पूर्णिमा एवं...

मेरी भी सुनो

अरुंधति रॉय जी, प्रणाम, एक लेखिका के तौर पर हम आपका सम्मान और आदर करते हैं। एक आम आदमी का दर्द आप महसूस करती...

राघवेन्‍द्र सिंह राघवेन्‍द्र सिंह

तेरा-मेरा कोना

वर्ष 2007 में चीन द्वारा वास्तविक नियंत्रण रेखा पर अतिक्रमण या उससे मिलती जुलती लगभग 140 घटनायें हुई, वर्ष 2008 में 250 से भी...

राजनीति-सरकार

जम्मू-कश्मीर में आत्मनिर्णय या जनमत संग्रह कराने की मांग का कहीं कोई औचित्य नहीं है। ये मांगें किसी भी प्रकार से न तो संवैधानिक...

समाज-सरोकार

यह दृश्य बार-बार घटने से अब साधारण लगता है- मुंबई के मशहूर लियोपोर्ड की संगीतभरी रातों के सामने भीख मांगते 10 से 12 साल...