अयोध्या कवरेज में आशुतोष ने मिसाल कायम की

: आइए, आईबीएन7 की इस पत्रकारिता का स्वागत करें : तारीख 30 सितम्बर 2010. टेलीविजन मीडिया के लिए एक इम्तिहान का दिन. आमतौर पर भारतीय टेलीविजन मीडिया अपनी अपरिपक्वता और जल्दबाजी के लिए कुख्यात है. परन्तु मामला इस बार बेहद संगीन और फिसलनदार. देश-विदेश के लाखों करोड़ो लोगों की नजर अपने टेलीविजन चैनल के स्क्रीन पर चस्पा थी.

आखिर अयोध्या मुद्दे पर हाईकोर्ट का फैसला जो आने वाला था. साठ साल से चले आ रहे एक क़ानूनी मुकदमे पर फैसला आना था. हिन्दुस्तान जैसे देश में धर्म सिर्फ मजहब और आस्था से जुड़ा हुआ मामला नहीं है बल्कि धर्म एक ऐसा संवेदनशील मामला है जिसके कारण पूरे देश की अखंडता पर खतरा पैदा हो सकता है. शाम के साढ़े चार बजे सभी चैनलों ने अयोध्या मामले पर माननीय उच्च न्यालय के फैसलों को दिखाना शुरू कर दिया. सारे फ्लैश और टिकर चलने लगे. अपने अपने संवाददाताओं से फ़ोनो लिया जाने लगा, फैसलों को अपने-अपने दृष्टिकोण से परिभाषित करने लगे.

जाहिर है मामला जन आस्था से जुड़ा हुआ था और टीआरपी से भी. चैनलों में खबर ब्रेक की ऐसी होड़ लगी मानों यदि इन दस सकेंड में खबर ब्रेक नहीं हुई तो शायद टीआरपी की दौड़ में सबसे पीछे छूट जाएंगे. देश का आम दर्शक फिर से हतप्रभ. इस बीच एक ऐसा चैनल भी था जिसने शायद आज ठान लिया था की भले ही वो टीआरपी की दौड़ में पीछे छूट जाए, भले ही लोग इस चैनल को नहीं देखें मगर आज सनसनी नहीं फैलानी है. वह चैनल है IBN-7. इस चैनल ने आज पत्रकारिता की जो मिसाल कायम की है उसकी जितनी तारीफ की जाय वह कम है. चैनल के स्टूडियो में मौजूद चैनल के मैनेजिंग एडिटर आशुतोष ने अपने स्टूडियो एंकर संदीप चौधरी, राजनीतिक सम्पादक प्रबल प्रताप सिंह (जो इस मामले को सीधे अयोध्या से कवर कर रहे थे) और पैनल में उपस्थित सभी लोगों से साफ़ साफ़ कहा कि जब तक उनके पास न्यायालय के फैसले की कॉपी नहीं आ जाती है तब तक किसी भी तरह से इस फैसले को ना माना जाय, ना ही पढ़ा जाय और ना ही लोगों को इस बारे में बताया जाय.

टीआरपी की दौड़ से खुद को दूर रखते हुए आज IBN-7 के आशुतोष ने खुद को आज की पत्रकारिता में मिसाल के तौर पर पेश किया. ऐसी भावना पत्रकारिता में कम होती जा रही है. आइए पत्रकारिता की इस परम्परा के निर्वाह के लिए आशुतोष को तहे दिल से शुक्रिया कहें, धन्यवाद दें और उनकी भावना का स्वागत करें.

अनंत झा की रिपोर्ट

Comments on “अयोध्या कवरेज में आशुतोष ने मिसाल कायम की

  • लगता है आपकी कोई व्यक्तिगत आस्था आशुतोष नाम के व्यक्ति के साथ जुडी है…..वर्ना और भी कोई है जिसने आज सारे दिन ही क्या ….बल्कि विगत दो दिनों से अयोध्या के नाम पर कोई सनसनी नहीं फेलाई……..अप्पेल है की अपनी आस्था के ढोल का ढिंढोरा न पीते..बल्कि सच को जाने…आप जैसे लोग …हमेशा अशोक के पेड को देखकर जीते है…आम के छोटे पेड को नहीं ..जो फल देता है…आशा है अपने ज्ञान को दुरुस्त कर लेंगे….

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  • यशवंत says:

    अरविंद सिंह जी, आपसे अनुरोध है कि आप अपनी मूल बात बतायें. आईबीएन7 के अलावा अगर किसी अन्य न्यूज चैनल ने ऐसी मिसाल पेश की है, तो उसका भी उल्लेख किया जाना चाहिए. अनंत ने जो कुछ देखा और उन्हें जो महसूस हुआ, उसे उन्होंने लिख भेजा. आप क्यों सिर्फ पढ़ना चाहते हैं. अगर आप किसी न्यूज चैनल की अच्छाई के गवाह बने हैं, तो जरूर बताइए. कोशिश हो कि स्वस्थ बहस हो. अगर कहीं कुछ सकारात्मक हुआ है तो उसका जरूर वेलकम किया जाना चाहिए.
    आभार
    यशवंत

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  • i also Seen this Ashutosh direct his reporters live on air for not to report without copy of judgement.infact he directed the studio producers to mute the voice of Advocates outside the court when all were claiming victory Sign….Congrats Ashutosh………

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  • jha saheb, main aapko nahi janta par asutosh aur prabal tatha unki rajnitik aur vaicharik line khoob janta hoon. darasal ummed ke khilaf aaye faisale se ye log stabdh ya kahen baukhala gaye. khaskar prabal ki baukhalahat aapke siwa sabne dekhi . warna apnee rai ko chilla kar jahir karne wale sandeep aur jiddee prabal isase ulat faisale par copy ka intezar karne ki bajay KHABAR HAR KEEMAT PAR ki mala jap rahe hote. aap dekh nahi paye jab ashutosh ne kaha-main aam taur par sangh ke khilaf rahta hun par mohan bhagwat ke is bayan par salaam karta hun. khuli pakshdharta ya vidvesh ke bawjood unki nispakshta par aapka nirakhi-nirakhi sukh pana hansata hai.

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  • deepak dudeja says:

    बहुत ही बढिया ख्याल हैं आपके.

    श्रीराम जय राम – जय जय राम

    बधाई हो
    बधाई हो

    दोनों पक्षों को शुभकामनाएं.

    Reply
  • सभी न्यूज़ चैनलो ने बाखूबी अपनी जिम्मेदारी निभाई इसके लिए सभी को तहे दिल से शुक्रिया

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  • अगर तुम देवघर वाले अनंत हो तो तुम्हे इस मंच पर पढ़ कर अच्छा लगा . जहाँ तक आशुतोष की बात है तो हो सकता है तुम्हारी सोच सही हो परन्तु आशुतोष की सोच भी शुद्ध हो इसमें संदेह की गुंजाईश है क्योंकि इस , सनसनी न फ़ैलाने के उनके संकल्प को टीवी पर आकर पूरी दुनिया को बताने की क्या जरूरत थी ? सीधे -सीधे और बहुत पहले ही प्रबलजी और अन्य को बताया जा सकता था . कहीं ये भी टीआरपी बढ़ने का कोई नुस्खा तो नहीं ? आखिर तुम और तुम्हारे विचारों से सहमती रखने वाले अन्य लोगों का एक वर्ग बनाने में तो वो सफल हो ही गए. और तुमलोग भी तो टीआरपी निर्धारित करने वाले घटकों में शामिल हो . वैसे तो मैं वर्तमान भारतीय मीडिया खास कर टीवी पत्रकारिता का आलोचक हूँ परन्तु मेरी राय है कि इस बार अयोध्या मामले में इन्होंने कमोबेश सकारात्मक भूमिका निभाई है. अब मदारी वाली आदत पर चुकी है तो कम से कम डुगडुगी तो बजायेंगे ही!

    वरुण राय

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  • vikram dutt jodhpur says:

    सबसे पहले तो हिन्दोस्थान के बाशिंदों को धन्यवाद जो एकता बनाये रखी, असल में तो पूरी दुनिया की निगाहें बस ये ही ताकती रही की इस देश में भाईचारा ख़त्म कब होगा ? लेकिन हमारे तमाम भाइयों ने इस देश की बांछे खिला दी है इसके लिए शुक्रिया ! दूसरी बात मीडिया की तो सबसे बेहतरीन खबर आई थी वो रही एनडीटीवी की कमाल के राम ! वास्तव में कमाल खान ने हमारी दिलों की आवाज को दुनिया के सामने रख दिया और ये बता दिया की इस देश की अखंडता को कहीं नजर ना लगे ! इसमे आई बी एन ने भी तारीफ बटोरी वहीँ स्टार सरीखे चैनल पर बोरियत भरी रिपोर्टिंग रही और बाकि सारे चैनल एक ही होड़ में लगे रहे की वो सबसे पहले फैसला लोगों के सामने रख देंगे और इसी होड़ ने पत्रकारिता की साख पर बट्टा लगा दिया !

    Reply
  • vakai aaj IBN7 aur ashutosh ji ki team ne patrakarita ki jo misal kayam ki vah kabile tarif hai .

    THANK FOR THE BABRI REPORT

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  • अम्बुज शर्मा says:

    हमाम में सुब नग्गें हैं ! लेकिन मोके पर जो खुद को ढकने में कामयाब रहे वही सिकंदर बाकि बंदर ………….. हम सभी जानतें हैं कि इलेक्ट्रोनिक मीडिया एक ऐसा राक्षस है जिसे हर पल एक नया शिकार चाहिये ! ऐसे में किसे सही कह सकते हैं i

    अम्बुज शर्मा .देहरादून ,उत्तराखंड

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  • jitendraksingh says:

    अनंत तुम्हे ऐसा क्यों लगता है की सिर्फ आशुतोष जी ने ही ईमानदारी पूर्वक पत्रकारिता के धर्म को निभाया है? मेरा तो मानना है की सभी मीडिया वालो ने अयोध्या मामले का कवरेज जिम्मेदारी पूर्वक किया है. इसलिए सभी बधाई के पात्र है.

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  • rajesh kumar says:

    mujhe to aisa kuchh khas nahin laga ibn 7 ki coverage main…..balki mujhe to yeh below average hi lagi……ashutosh vaise bhi abhi mujhe vaicharik star par paripakav nahin lagte……bhadas ko sirf ek hi channel ko dhol nahin ptina chahiye….kal zee, aaj tak, india tv….lagbhag sabhi ne achchi coverage ki

    Reply
  • Maaf kijiye na mai IBN ka virodhi hu na samarthak.Lekin pichale 2 saal se aur khas kar haal ke dino mai jis tarike se IBN aur NDTV ne ektarfa babri ka media trail kar rakha tha aur kisi haal mai use babri masjid sabit karne mai lage thai wo sari duniya ne dekha hai.ab inke paas kuch kahne ke liya kuch nahi bacha hai.sirf hinduo ko gali dene ke naam par bhagwa atankwad ka hauwa khada kar rakha tha.

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  • Etv aur Zee News National Ne bhee kaafi sarahniya bhoomika nibhai hai, Brijesh jee aur Zee News Abhinav Sinha ne Bhee Aise hee kiya hai. Maafi Chahta hun Star News ne masala Kaafi lagaya, India TV to Allah khair kare. Sorry Sabhi ne kaafi achha kiya hai bhai.
    Prem Arora
    9012043100

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  • अनंत झा ji sayad ap ko wo pichla 9 ya 10wa din yaad hai jab ibn7 dikha raha tha ki aaj bhi bharat me mushlimo ko kiraye par makan nahi diya jata aapko yaad hai kuch din pehle ibn dikha raha tha ki wo jagha mazid ho bhi sakti hai meri maniye ye ye sab karte neta ache lagte hai midea wale nahi or ashutush to ek jane mane chahre hai fir ye ochh pana kyu ek wo aapki anchor ipsitha wo bhi chila rahi thi ki aaj bhi ha 21vi sadi me bhi mushlimo ko delhi me makan nahi diya jata are bhai sahab chodo ye bate kuch tarif layak hai to bus aapka ek kam wo hai program zindgi life sayad aap hinduo ke dil mai uss se hai base hai baki to aap ki humko unke………….. admi lagte ho
    mafi chahonga agar kuch jada bol diya ho to par plz kuch to samjho nahi to wo din dur nahi ki ek ki wajha se yaha markat machi hogi or ungliya sab par udhrahi hongi [b][/b][b][/b]

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  • dharam-karam says:

    मीडिया को थप्पड़, राजनीति को अंगूठा.
    इतिहास के सर्वाधिक लंबे और “बेहद जटिल” विवाद को इलाहाबाद उच्च-न्यायालय ने जिस बुद्धिमत्ता से निवारित कर दिया, वह प्रशंसनीय है। इससे एक बार फिर साफ हो गया है कि न्याय-प्रक्रिया कठिन भले हुई हो, असंभव और अप्राप्य नहीं हुई है। उच्च न्यायालय के इस निर्णय से एक बार पुनः भारतीय संस्कृति की समृद्ध न्याय परम्परा स्थापित हुई है। इस फैसले ने छद्म धर्मनिरपेक्षतावादियों, धर्म के नामपर ओछी राजनीति के कर्त्ताधर्त्ताओं को करारा थप्पड़ मारा है। वे लोग, जिन्होंने कभी रामसेतु के प्रति भारतीय आस्था को गाली देते हुए यह हलफनामा दाखिल किया था, कि यह रामसेतु नहीं है और कहा था कि राम “हुए हैं”, इसका कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं मिलता, उन्हें शर्म से डूब मरना चाहिए। पुराणपुरुष को इतिहास पुरुष न मानने वाले इन दावेदारों की मंशा सदैव इस देश की आध्यात्मिक विरासत की खिल्ली उड़ाने की रही है। यह कम शर्मनाक नहीं था कि अयोध्या-मथुरा-काशी जैसे पौऱाणिक तीर्थ, गंगा-यमुना-सरस्वती जैसी पुण्यसलिला नदियां और वेद-पुराण-उपनिषद्-गीता-भागवत जैसे धर्मग्रंथों के प्रतिस्थापक इस देश में यहां के प्रणेतापुरुषों के अस्तित्व को प्रमाणित करने के लिए इतनी मशक्कत करनी पड़ी। फिर भी, संतुष्टि इस बात की है कि तेजी बढ़ रही नास्तिकता और मानवीय मूल्यों के पतन के प्रबल दौर में साबित करने से भी अगर कोई दैवी अस्तित्व को स्वीकार कर लेता है, तो बड़ी बात है। उच्च न्यायालय के इस निर्णय ने न केवल रामलला के जन्मस्थान को प्रामाणिकता दी है, बल्कि अयोध्य़ा की ऐतिहासिक धरोहर के प्रति सत्तासीन बुद्धुओं की आंख पर पड़ा परदा भी फाड़ दिया है। इस तवारीखी फैसले ने उन पापमूर्तियों के कान के छेद थोड़ा ही सही, खोले जरूर होंगे, जो पुण्यस्थल पर औषधालय-शौचालय-क्लब-पब-पार्क-श्मशान-कब्रिस्तान जैसे निर्माण कर दिए जाने की बकवास कर रहे थे। कुछ पागल किस्म के लोगों ने कुछ भी हाथ न आते देख गंगा-जमुनी तहजीब का राग अलापना शुरू कर दिया था। ये वे ही लोग हैं, जो अपनी धर्म एवं आचरणगत शुद्धता बनाए नहीं रख सकते। जिन्हें क्रासबीड होने और रहने में ही मजा आता है। चरित्र एवं नैतिकता का अंतिम वस्त्र उतर गया, तो अपने पतन को तहजीबी घाघरा पहनाने की कोशिश करने वाले ऐसे लोग इस बार मुंह की खाए। इस फैसले ने सबसे जोरदार थप्पड़ मीडिया के मुंह पर मारा। कुत्ते की तरह निवाले की छोटा सा टुकड़ा झपटकर भागने और अपने-अपने सरपरस्त राजनीतिक पार्टियों के आइने के अनुसार छवि पेश करने वाली वेश्यायी मानसिकता की मीडिया इस बार खिंसियानी बिल्ली रह गई। कुछ भी ब्रेक करने को न मिला, न ही कुछ सनसनाने को। हालांकि, कुछ बड़े चैनलों ने अपने टुटपुंजियायी मानसिकता के आलंबरदारों को बकवाद छांटने के लिए आमंत्रित कर लिया था, परंतु उनकी किसी को सुनने की न तो फुर्सत थी, न सुनी गई। सबको पता था कि ये कंडीशंड माइंड के लोग अल्ल-बल्ल टिप्पणिया देंगे। अदालत का फैसला इतना लोकतांत्रिक था कि, एकपल को धर्मनिरपेक्षता का राग अलापने वाले इसपर भरोसा कर ही नहीं सके। वे निरपेक्षता का ढोंग रचते रहे, यहां दो धर्मों को ऐतिहासिक मान्यता मिल गई। धर्म पर उंगलियां उठाने वालों का देश की विरासत से खेलने का सपना टूट गया। जो दंगे-फसाद की इंतजार कर रहे थे, उनकी भी लुटिया डूबी। अब उनकी राज एवं समाजनीति का आधार ही खत्म हो गया, जो पहले घाव देते थे, बाद में उसपर मरहम लगाने के नामपर जनसेवक बनते थे। पहले टूट पड़ो का नारा देते थे, बाद में गले मिलो का संदेश सुनाकर महान बनने की कवायद करते थे। इस फैसले से देश की न्यायतंत्र में आस्था बढ़ेगी, राजनीति से उम्मीदें कम होंगी, लोकतांत्रिक भावना आएगी, देश की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परम्परा में जनविश्वास बढ़ेगा।

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  • sanjay kumar sharma says:

    ye patrakarita ki anokhi peshkash hai….aap ne is chhetra me mahanta haasil ki hai ye har koi maanega ya fir use maan na padega..with best wishes

    Reply
  • bhimmanohar says:

    jai shri ashutosh ki, ek traf jai ho,desh ke bhagwan shri ram dusari taraf media ke sri ashutosh ram… ki maza aa gaya ahshutosh jee real me bahut kuch shikhne ko mila ashutosh jee………
    bhim maanohar
    Died voi tv channel.

    Reply
  • Rajesh Singh says:

    It is classic case of sycophancy. This gentleman ( Anant Jha) is either blind & deaf or he has simply decided to act like one. All those who watched IBN 7 yesterday know very well that IBN 7 ‘s Ex Editor cum political expert Prabal pratap singh was acting as a loud speaker for the lawyers belonging to Hindu Mahasabha to convey to the world what they thought was the judgment. If Ashutosh ( who was sitting in the studio at that time) diktat was followed why Prabal conveyed this half truth to the world ? The copy of the judgment came after 40 minutes of Prabal announcing this half truth. This was not enough to say that we are a responsible channel and will not say anything with finality till we get the copy of the judgment. This is nothing but a moral hypocrisy.

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  • bhupendr thakur sagar says:

    30 tharik ko sabhi news channel ne sahi artho me patrikarita ke nai paribhasha gari hai. sabhi ko badhai

    Reply
  • SANTOSH KUMAR says:

    I donot think that Mr.Ashutosh has that kind of depth for analysing serious issues. It was an average programme. Infact one day earlier, the programme on Ayodhya by Kamal Khan on NDTV was much much ahead of all the programmes.

    Ashutosh needs more maturity.

    Reply
  • खबर पर प्रतिक्रिया देने के लिए सभी मित्रों को शुक्रिया!
    मुझे ये पता नहीं था कि लोग मुझे इतनी गम्भीरता से लेंगे.मेरे विचारों से सहमति या असहमति किसी का निजी मामला हो सकता है,परन्तु मेरा ऐसा मानना है कि विचारों पर आम राय नहीं बनायीं जा सकती है.विचार अपनी अपनी बौद्धिक स्तर की वस्तु है.खैर चलिए मैं अभी भी अपने उसी राय पर कायम हूँ कि मीडिया में आज जो गैर जिम्मेदारी और हडबडाहट का माहौल है,टीआरपी को लेकर जैसी चिंता और भय का माहौल है,उस स्थिति में IBN-7 और चैनल के आशुतोष ने निःसंदेह काबिले तारीफ काम किया है.
    आपका भाई -अनंत झा.

    Reply
  • कमेन्ट देने वाले सभी मित्रों का शुक्रिया!
    मुझे ये पता नहीं था कि लोग मुझे इतनी गम्भीरता से लेंगे…..
    मेरे विचारों से सहमति या असहमति किसी का निजी मामला हो सकता है,परन्तु मेरा ऐसा मानना है कि विचारों पर आम राय नहीं बनायीं जा सकती है.विचार अपनी अपनी बौद्धिक स्तर की वस्तु है.खैर चलिए मैं अभी भी अपने उसी राय पर कायम हूँ कि मीडिया में आज जो गैर जिम्मेदारी और हडबडाहट का माहौल है,टीआरपी को लेकर जैसी चिंता और भय का माहौल है,उस स्थिति में IBN-7 और चैनल के आशुतोष ने निःसंदेह काबिले तारीफ काम किया है.
    आपका अपना भाई
    अनंत.

    Reply
  • Alam Khan Editor says:

    अयोध्या फैसले पर संयम बरतने वाले सभी मीडिया साथियों का तहे दिल से शुक्रिया।
    प्यारे दीपक भाई को “वालैकुम जय राम”
    09839372709

    Reply
  • seems he has not watched all the channels carefully or maybe he is linked with IBN7 in a way…thats why he is all praises for them…In my opinion Zee News and NDTV presented in the best way…..

    Reply
  • bhimmanohar says:

    kamal ki anchoring aur jounalist approching thi ashutosh jee, mere sabdho me ashutosh jee hi the usdin media ke ram jai bole ashutosh jee…. jai ashutosh jee

    Reply
  • Bullshit!! Bite kai dino se jo kryakram ye channel chala raha tha ye verdict uspar karara tamacha tha us tamache ko unhone apne gal par padne se kuch der tak (faisale ki copy ka bahana kar) roke rakha. Aur antataha jub jordar thappad pad hi gaya wo bhi nyay ki uchha sanstha ke hath ka to sahanubhooti ke liye khemebaj kalamghissu in aalekho aur comments ke madhyam se marham patti kiye ja rahe hain. Sudhar jao bhaiyyon nahi to netao ke bad is desh me ab ptrakaro ko hi kosnewali hai janta. Aamen

    Reply
  • ye bhi bhadas4media ki pichhali khabar ka asar hai jisme sathi yashwant ne aashutosh or rajdeep ki class lagai thi…..thankx

    Reply
  • mohan prakash says:

    यशवंत जी अच्छा लगा की आप ने सलाह दी और एक स्वस्थ बहस के लिए आमंत्रित किया। चलिए मैं आपको कुछ कमियां बताता हूं जहां पर आशुतोष जी गलत साबित होते हैं।
    नंबर एक आशुतोष की जुबान कुछ बोल रही थी और फैसले पर चैनल में फ्लैश और बम्पर के जरिए फैसला दिखा दिया था। वह भी उन वकीलों के हवाले से खबर दे दी थी जो सबसे पहले बाहर आए थे। कहने का तात्पर्य यह है कि कथनी और करनी में किसी को फर्क देखना हो तो वह वहां साफ दिखाई दे रहा है।
    दूसरी बात भाई अनंत झा के लिए कि वह चैनल और आशुतोष की बातों में इतना खो गए थे शायद कि वह यह देखना भूल गए कि प्रबल प्रताप सिंह लखनऊ से लाइव थे न कि अयोध्या से।
    एनडीटीवी ही एकमात्र, नहीं कह सकता क्योंकि सारे चैनल तो देखे नहीं थे, चैनल था जिसने वाकई में आदेश की कॉपी आने तक इंतजार किया होगा। यहां पर भी होगा लिखा क्योंकि मैं स्वयं आजतक और आईबीएन 7 पर नजर गड़ाए बैठा था। हां एक मित्र से (एनडीटीवी वाले से) इसी दौरान बात की थी जिसने कहा कि हमारे यहां अभी कुछ नहीं दिखा रहे हैं।
    धन्यवाद….

    Reply
  • bb goyal barnala says:

    ayodhya masle mein reporting per ek baat to khaas rahi. pehle agar koi aisa issue hota tha to sabhi reporters mein bhagm bhaag hoti thee, koi kuch keh raha hota tha, koi kuch. sub apne apne dhang se interpretation ker rahe hote the. but in ayodyha verdict, faisle ke copy 4.30 per milni thee. so sabhi reporters shaant baithe the. yahan tak trp increase ka maamla hai, i think, mostly sabhi channels per same hee matter aa raha tha jo parties ke advocates ko bolte hue dikha rahe the.
    B.B. [url=http://www.bbgoyal.com]Goyal[/url], Barnala

    Reply
  • 30 tharik ko sabhi news channel ne sahi artho me patrikarita ke nai paribhasha gari hai. sabhi ko badhai
    [b][/b][b]amresh srivastava star news reporter 9235143418[/b]

    Reply
  • Basant Nigam 'Bebaak' says:

    ji haan ye sahi baat hai ki jo kaam Ashutosh aur unki team ne kiya wo wakai me kabil-e-tareef hai. main uss din khud sare channel dekh raha ttha apne channel ke staff ke sath lekin jo jimmedari jo gambhirta IBN ke telecast me dikhi wo wastav me swagat yogya hai.
    jiss taraf se jab samandhit parties ke wakeel court se bahar aaye aur apni apni baat kah rahe tthe uss samay Ashutosh ka ye kahna ki main apne producers se appeal karta hun ki wo iss awaaj ko kam kar dey ya ho sake tto band kar deyn kyunki isse darshak gumraah ho sakte hain aur faisle ki copy abhi tak nahi aayee hai ,wastav me ye baat Ashutosh ki iss ghantna ki gambhirta, desh aur darshko ke prati jimmedari ko darsha rahi tthi,
    Ashutosh ji aap iss baar wastav me badhai ke patra hain.

    Reply
  • Ashutosh Sir is really great…
    There are lot of Examples which makes – today’s journalism proud like this…
    and for this reason only…He is my IDOL….
    Saud

    Reply
  • IBN7 KA DOOSARA NAAM SIRF SANSANI HAI HUM TO SAALO SE SIRF TAHI DEKHTE AA RAHE HAI. YE TAARIF KISI EK KHAAS MAMLE KO LEKAR HAI TO KOI BAAT NAHI VARNA IBN7 KA KHABARO KI SACCHI SE KAHBI DOOR KA BHI KOI RISHTA NAHI RAHA . IBN7 KI ITNI TAARIF TO KOI CHANNEL KA STAFFER YA PHIR KOI NOUKARI CHAHANE WALA HI KAR SAKTA HAI. KHIR PARMATMA AISE CHANNELO KO SADBUDHI DE. KHARA KHARA BOLNE KO LEKAR IBN WALO SE MAAFI CHAHATA HU.

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  • rajesh kumar input head p7 news says:

    dear yashwant ji
    ayodhya mamle me home affairs aur brodcasting minisrty ne sabhi channel ko bata diya thaa ki 30 sep ko koi aisee cheej telicast na ho nahi to channel ki khair nahi isliye sirf IBN-7 hi nahi sabhi channel ne yahi kiya thaa to sirf ashutosh ki taarif karna bhi sahi nahi hai iska matlab ye hua ki ek samooh hai jo ashutos ki taarif karna chahta hai sach baat to ye hai wo taarif k kabil hai nahi ‘jo dikhta hai wahi bikta hai’ aaj kal isi baat ko saabit karne k liye sabhi channel lage hai TRP k liye kuch bhi karega apana rahe hai lekin mr. ashutosh se poochiye kya wo apane dil par haath rakh apane aks se ye pooch sakte hai? ki wo jo samaj ko paros rahe hai (kisi bhi mamle ki khabar) usme kitni sacchai hai???? bhagwaan unko aur unki team ko sadbuddhi de …..

    Reply

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