अमित सिन्हा के खिलाफ किशोर मालवीय ने दर्ज कराया मुकदमा

: चारसौबीसी का मुकदमा दर्ज : पुलिस कभी भी कर सकती है गिरफ्तार : क्राइम सेल ने घर पर छापेमारी की : एक था वायस आफ इंडिया. संक्षेप में वीओआई कहा जाता था. अब तो लोग इस नाम, इस शब्द को भी नहीं सुनना चाहते. किसी दुखती रग की तरह है यह नाम. सैकड़ों लोगों की जिंदगियों और करियर को तबाह करने वाला यह नाम. सैकड़ों अरमानों के टूटने का कारण बनने वाला यह नाम. पर इस वीओआई की कहानी खत्म नहीं हुई है.

अमित सिन्हा सात करोड़ रुपये जमा करें!

वायस आफ इंडिया न्यूज चैनल पर कब्जे की लड़ाई तेज हो गई है. त्रिवेणी मीडिया और सर्चलाइट मूवीज के बीच वीओआई पर कब्जे को लेकर चल रही लड़ाई में नया मोड़ तब आ गया जब अदालत ने सर्चलाइट मूवीज के अमित सिन्हा को बकाया चुकाने का आदेश दिया. त्रिवेणी मीडिया को हर महीने जो पैसे देने थे, वह कई महीनों से न दिए जाने के कारण मामला कोर्ट में पहुंचा. 10 अगस्त को अदालत ने इस मामले पर फैसला सुनाया. कोर्ट ने अमित सिन्हा को अब तक की बकाया रकम देने को कहा है. इस आदेश के बाद त्रिवेणी मीडिया की तरफ से मधुर मित्तल ने अमित सिन्हा को एक पत्र लिखकर सात करोड़ रुपये देने को कहा है.

वीओआई मामले में कोर्ट के ये हैं आदेश

सर्चलाइट मूवीज के अमित सिन्हा और त्रिवेणी मीडिया के मित्तल ब्रदर्स के बीच वीओआई पर आधिपत्य को लेकर मचे घमासान में परसों आए कोर्ट के फैसले की आधिकारिक प्रति सामने आ गई है. दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस विपिन संघई की कोर्ट ने जो फैसला दिया, वो यूं है…

40 करोड़ चुकाएं, शेयर दें मित्तल : अमित सिन्हा

वीओआई के मालिकाना हक को अमित सिन्हा का ट्रांसफर किए जाने को लेकर मित्तल ब्रदर्स के साथ जो समझौता हुआ था, उसमें तय हुआ था कि वीओआई की जितनी भी लायबिलिटी है, उसे मित्तल चुकाएंगे और अमित सिन्हा जो पैसे देंगे, उसी अनुपात में उन्हें वीओआई के शेयर ट्रांसफर किए जाएंगे. पर ऐसा अब तक नहीं हुआ. यह कहना है अमित सिन्हा का. भड़ास4मीडिया को उन्होंने इस बाबत लिखे पत्र की एक कापी दी है, जिसे यहां प्रकाशित किया जा रहा है. -एडिटर

कोर्ट ने अमित सिन्हा के हाथ-पांव बांधे

वायस आफ इंडिया उर्फ वीओआई का मामला उलझता जा रहा है. मित्तल बंधुओं की त्रिवेणी मीडिया और अमित सिन्हा की सर्चालाइट मूवीज के बीच वीओआई को लेकर जो समझौता हुआ था, उसको लेकर मित्तल बंधुओं ने कोर्ट में केस दायर कर दिया है. आज दिल्ली हाईकोर्ट ने एक आदेश जारी कर अमित सिन्हा से त्रिवेणी मीडिया लिमिटेड के दफ्तरों-ब्यूरो आफिसों में स्थित सामानों, उपकरणों आदि को किसी को हस्तांतरित करने, नुकसान पहुंचाने आदि पर रोक लगा दी है.

‘वीओआई’ ठप, कब्जे की लड़ाई शुरू

: बुरे फंस गए हैं अमित सिन्हा : कई करोड़ बकाया, कई चेक बाउंस : मित्तल बंधुओं का भरोसा टूटा : चैनल वापस लेने के लिए कोर्ट गए : वायस आफ इंडिया (वीओआई) का उद्धार करने के बड़े-बड़े दावों के साथ सामने आए जर्नलिस्ट टर्न्ड अंटरप्रिन्योर अमित सिन्हा बुरी तरह फंस चुके हैं. नोएडा स्थित वीओआई मुख्यालाय में न बिजली है न पानी है. कोई स्टाफ नहीं है. सिर्फ सिक्योरिटी गार्ड टहल रहे हैं. चैनल पूरी तरह ब्लैकआउट है. पूरी तरह बंद है. मित्तल बंधुओं से चैनल खरीदने के दावे के बाद चैनल री-लांच में जितने लोग जुड़े थे, अब सब वीओआई छोड़ चुके हैं.

दो मामलों में फंसे अमित सिन्हा

अमित सिन्हावायस आफ इंडिया उर्फ वीओआई न्यूज चैनल के निदेशक अमित सिन्हा बुरे फंस चुके हैं. चैनल चला पाने में असफल दिख रहे अमित दो संगीन मामलों में भी फंसते नजर आ रहे हैं. उनके खिलाफ नोएडा के सेक्टर 58 थाने में वीओआई के कुछ कर्मियों ने सेलरी मांगने पर जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई. मुंबई में एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी के कर्ताधर्ता ने आरोप लगाया है कि एक सहायतार्थ मैच में दो करोड़ की स्पांसरशिप लाने के लिए अमित सिन्हा ने दस लाख रुपये लिए पर मैच से ठीक पहले कह दिया कि कोई स्पांसर नहीं मिल रहा. बात करते हैं जान से मारने की धमकी वाले एफआईआर की. नोएडा के सेक्टर 58 थाने में वीओआई के एक एंकर फसाहत ने अमित सिन्हा के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है.

वीओआई : फाइनल डील पर साइन, कोर्ट से मुकदमें वापस

वीओआई से जुड़ी खबरें भड़ास4मीडिया पर लंबे समय से न आने से परेशान और ताजी खबर के लिए बेकरार मीडियाकर्मियों के लिए खुशखबरी है। कई दौर की बैठकों, कानूनी दांवपेंचों, मतभेदों, सहमतियों-असहमतियों के दौर से गुजरते हुए अमित सिन्हा और मित्तल ब्रदर्स ने अंततः वीओआई की बिक्री को लेकर फाइनल डील पर दस्तखत कर दिए हैं। इस तरह मित्तल ब्रदर्स की त्रिवेणी मीडिया ने वीओआई को अमित सिन्हा की कंपनी को अब लिखित रूप में बेच दिया है। डील पर दोनों पक्षों ने दो दिनों पूर्व हस्ताक्षर किए। सूत्रों के मुताबिक मधुर मित्तल और सुमित मित्तल ने वीओआई से संबंधित सभी मुकदमों को भी वापस लेने की घोषणा कर दी है। ये मुकदमें उन्होंने वीओआई से जुड़े कई लोगों पर किए थे। साथ ही आंदोलन के दिनों में कोर्ट से आदेश लेकर मित्तल बंधुओं ने वीओआई को सील करा दिया था ताकि कोई अंदर घुस न सके।

अमित सिन्हा ने वीओआई खरीद लिया

[caption id="attachment_15771" align="alignleft"]अमित सिन्हाअमित सिन्हा[/caption]तेजी से बदले घटनाक्रम के तहत वायस आफ इंडिया को लेकर मित्तल ब्रदर्स और अमित सिन्हा के बीच टूट चुकी डील फिर से हो जाने की खबर मिली है। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार अमित सिन्हा ने मित्तल ब्रदर्स से त्रिवेणी ग्रुप के सभी न्यूज चैनलों को पूरी तरह खरीद लिया है। वीओआई के सभी कर्मचारियों को फिर से काम पर ले लिए जाने का ऐलान भी कर दिया गया है।  बताया गया है कि ग्रुप एडिटर के रूप में किशोर मालवीय पहले की तरह कामकाज देखते रहेंगे! बन्द वीओआई का कामकाज कल से फिर शुरू हो जाएगा। पता चला है कि  त्रिवेणी ग्रुप के मालिक और वीओआई के कर्ताधर्ता रहे मधुर मित्तल और सुमित मित्तल चैनल की अभी तक की सभी लायबिलटीज को खुद वहन करेंगे। अमित सिन्हा ने वीओआई को कितने में खरीदा है, इसकी पुष्टि नहीं हो पायी है। लेकिन अपुष्ट सूत्रों का कहना है कि करीब 83.5 करोड़ में बातचीत पक्की हुई है।

वीओआई न कभी मरा और न मरेगा : मित्तल

[caption id="attachment_15751" align="alignleft"]मधुर मित्तलमधुर मित्तल[/caption]वायस आफ इंडिया के बंद होने के बाद इस चैनल की मौत का लेकर मीडिया इंडस्ट्री में काफी कुछ कहा-सुना जा रहा है लेकिन वीओआई के कर्ताधर्ता नहीं मानते की चैनल की मौत हो चुकी है। इनका साफ कहना है वे लोग जल्द इस दौर (विवाद और आंदोलन) से निकल कर चैनल को आन एयर कराएंगे। त्रिवेणी इनफ्रास्ट्रक्चर और त्रिवेणी मीडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर व सीईओ मधुर मित्तल का कहना है कि वायस आफ इंडिया बंद नहीं किया जाएगा। इसे पंद्रह दिन से लेकर एक महीने के अंदर आन एयर कर दिया जाएगा। भड़ास4मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में मधुर मित्तल ने कई बातें कहीं।

वीओआई : अमित सिन्हा के साथ धोखा हुआ?

[caption id="attachment_15723" align="alignleft"]अमित सिन्हा : उलटी पड़ गईं सब तदबीरें....अमित सिन्हा : उलटी पड़ गईं सब तदबीरें….[/caption]मई महीने में जब अमित सिन्हा ने वीओआई का कामधाम संभाला था तो वे पूरे उत्साह में थे। एक संकटग्रस्त चैनल को रिवाइव करने की चुनौती उन्होंने स्वीकार की थी। समझौता और डील हुए बिना ही सिर्फ भरोसे के रिश्ते पर वे इस चैनल में पैसे लगाते चले गए। वीओआई का संचालन स्मूथ रखने के लिए चैनल के जिस भी हिस्से में आर्थिक संकट पैदा हुआ, उन्होंने अपनी तरफ से पैसा लगाया। कर्मचारियों की सेलरी से लेकर चैनल की ब्रांडिंग करने तक में उन्होंने करोड़ों रुपये खर्च किए। उन्होंने अपने पर्सनल रिश्ते के चलते विज्ञापन की दुनिया से करोड़ों रुपये वीओआई को विज्ञापन के रूप में दिलवाए। बीच में जब कर्मचारी तनख्वाह की मांग को लेकर चैनल बंद करते हुए हड़ताल पर चले गए तो उन्होंने मुंबई से ही लाखों रुपये का भुगतान कर्मचारियों के एकाउंट में करा दिया।

वीओआई : अगले कुछ दिन बेहद संवेदनशील

अमित सिन्हा बोले- डील साइन होने के मुद्दे पर अबकी आर या पार : वीओआई कर्मियों के एकाउंट में बकाया सेलरी जाने के बाद आंतरिक विवाद फिलहाल शांत : सभी कर्मचारियों को बकाया सेलरी दे दिए जाने से वायस आफ इंडिया का आंतरिक संकट तो फिलहाल दूर हो गया है लेकिन चैनल की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। चैनल के किस्मत का फैसला होना बाकी है। वीओआई के लिए इस महीने के शेष बचे आखिरी कुछ दिन निर्णायक साबित होने जा रहे हैं। भड़ास4मीडिया को उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मित्तल बंधुओं और अमित सिन्हा के बीच चैनल के संचालन को लेकर जो समझौता होना बाकी है, उस पर आखिरी सहमति या असहमति अगले कुछ दिनों में होने वाली है। जिस डील की चर्चा पिछले कई महीनों से है, उस पर कई दौर की मीटिंग के बावजूद सहमति न बनने के कारण दोनों पक्षों की ओर से हस्ताक्षर अभी तक नहीं हो सका है।

वीओआई का उद्धार कर पाएंगे अमित सिन्हा?

[caption id="attachment_14922" align="alignleft"]अमित सिन्हा, निदेशक, वीओआईअमित सिन्हा, निदेशक, वीओआई[/caption]त्रिवेणी ग्रुप के न्यूज चैनल वायस आफ इंडिया के नए कर्ता-धर्ता हैं अमित सिन्हा। निदेशक और सीईओ के रूप में अमित वीओआई को पटरी पर लाने, इसके कंटेंट को सुधारने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की कवायद में जुट गए हैं। कौन हैं ये अमित सिन्हा?  त्रिवेणी ग्रुप के साथ इनकी किस तरह की सहमति बनी है?  किसने लगाया है वीओआई में पैसा?  वीओआई का क्या है भविष्य?  अमित की क्या है रणनीति?  त्रिवेणी के मालिक मित्तल बंधु वीओआई के रोजाना के कामधाम में कितना करेंगे हस्तक्षेप?  इन कई सवालों को लेकर भड़ास4मीडिया के एडिटर यशवंत सिंह ने वीओआई के निदेशक अमित सिन्हा से बातचीत की। पेश है इंटरव्यू के कुछ अंश-