पत्रकार/यूट्यूबर श्याम मीरा सिंह एक नई डॉक्यूमेंट्री लेकर हाजिर हुए हैं। इस डॉक्यूमेंट्री में बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के उदय की पूरी कहानी दिखाई गई है। इसमें बताया गया है कि कैसे साइकिल से घर-घर च्यवनप्राश बेचने वाले रामकिशन यादव उर्फ बाबा रामदेव ने संस्कार, आस्था व एक अन्य चैनल खरीद लिया। रामदेव और उनके सहयोगी बालकृष्ण ने मिलकर दिव्य फार्मेसी की शुरुआत की और बाद में पतंजलि को ब्रांड बना दिया। डॉक्यूमेंट्री में यह भी दिखाया गया है कि कैसे कांग्रेस सरकार में चमके रामदेव ने 2014 में मोदी सरकार आने के बाद अपने गुरू शंकर देव के गायब होने के मामले में क्लीन चिट पा ली।
डॉक्यूमेंट्री में बाबा रामदेव के भाजपा (BJP) से गहरे राजनीतिक रिश्तों की भी पड़ताल की गई है। तहलका और इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के हवाले से परत दर परत बाबा के फर्जीवाड़े की पूरी कहानी सामने लाइ गई है। यह डॉक्यूमेंट्री कारोबारी विस्तार, राजनीतिक प्रभाव, योग की ताकत और सत्ता के समीकरण—चारों पहलुओं को जोड़कर बाबा रामदेव की यात्रा को एक gripping narrative के तौर पर प्रस्तुत करती है।
37 कंपनियों के मालिक बने बैठे बालकृष्ण ने शेल कंपनियों के जरिए कैसे सरकारी टेंडर लेने का लाभ उठाया। 2014 के बाद बाबा और बालकृष्ण ने दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की की। इसी तरक्की की रफ्तार ने बालकृष्ण को भारत के अरबपतियों में शामिल कर दिया। इसमें हैरानी की बात यह की पतंजलि का रेवेन्यू हर अगले साल डबल होता था, जबकि कंपनी पर कई गड़बड़झाले के आरोप लगे।
डॉक्यूमेंट्री देखते हुए साफ तौर पर कहा जा सकता है कि श्याम ने इसे बनाने में काफी मेहनत की है। और पूरे साम्राज्य को उधेड़कर रख दिया है। 2 अक्टूबर को रिलीज की गई इस डॉक्यूमेंट्री को अब तक 2,65,835 से ज्यादा लोग देख चुके हैं।
श्याम कहते हैं कि इसे डिलीट कराया जा सकता है इससे पहले उनके चैनल पर जाकर बाबा की कलाकारी देख लीजिए…



Sanjay
October 4, 2025 at 12:02 pm
दूसरे की निंदा करने के बजाय आप यह काम इमानदारी से स्वयं करके दिखा दें जिससे लोग आपका अनुसरण करें।
शिव नारायण मेवाड़ा
October 4, 2025 at 5:58 pm
राजीव दीक्षित जी को भूल गए हैं आप
Shambhoo Prasad
October 5, 2025 at 9:01 am
False journalist. A stooge of MNCs.