इस साल के 27वें हफ्ते की हिंदी न्यूज़ चैनल्स की टीआरपी ने मीडिया जगत को चौंका कर रख दिया है। मुद्दत बाद इलेक्ट्रॉनिक मीडिया की दुनिया में न्यूज चैनल आजतक का तगड़ा झटका लगा है। उसका अहंकार चूर-चूर हो गया है। वह देश का नंबर-1 चैनल था, जो अब नंबर-3 पर चला गया है। वरिष्ठ टीवी पत्रकार अजीत अंजुम ने आखिरकार India TV को नंबर-1 बना ही दिया।

इस साल पहली बार आजतक नंबर एक की पोजीशन से गिरकर सीधे तीन पर गया है। आज तक की जगह इंडिया टीवी का नंबर एक हो जाना देश के इलेक्टॉनिक मीडिया जगत में कई बड़े संकेत करता है।
नंबर दो की जगह अब एबीपी न्यूज ने ले ली है। इसके अलावा न्यूज नेशन नंबर चार, इंडिया न्यूज नंबर पांच, जी न्यूज नंबर छह, न्यूज24 नंबर सात, तेज आजतक नंबर आठ, आईबीएन 7 नंबर नौ और एनडीटीवी इंडिया नंबर 10 पर हो गई है। अंतिम 11वें पायदान पर डीडी न्यूज की टीआरपी रही है।
India TV 15.2 up 0.3
ABP News 15.0 up 0.6
Aaj Tak 13.4 dn 1.8
News Nation 10.6 same
India News 10.4 dn 0.3
Zee News 9.0 up 0.2
News 24 7.8 up 1.5
Tez 7.8 up 0.7
IBN 7 4.6 dn 0.6
NDTV India 4.6 dn 0.8
DD News 1.6 up 0.2
Weekly Relative Share: Source: BARC, HSM, TG:CS15+,TB:0600Hrs to 2400Hrs, Wk 27
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RC
July 16, 2015 at 7:06 pm
जहां भी व्याभिचार बढ़ेगा, उसका आज ना कल नाश होना ही है. पूरे संस्थान में प्रसून जी और अंजना को छोड़कर एक एंकर नहीं जिसे आप इंटेलेक्चुअल कह सकें. India TV के गोबरों को रखते जा रहे हैं. पता नहीं संपादक क्या परखते हैं ?
Aaj ka Arjun
July 16, 2015 at 8:47 pm
Jise Gobar pasand ho..vo bhi to gobar hi hoga.. Gobar Editor 😀
Ratori
July 17, 2015 at 7:45 am
Jis channel mein producer kaam karne ke bajaye, DND Flyway par rangraliyan manate pakde jate hon, uska kya hoga!
aalok
July 17, 2015 at 8:10 am
आजतक को अब बर्बाद होने से कोई नहीं बचा सकता है। यहां से थोड़े भी दिमाग वाले लोग पिछले दो साल में नौकरी छोडकर निकल चुके हैं। अब दो तरह के लोग बचे हैं। पहले वो जो सुप्रिय प्रसाद या उनके गुट के लोगों को पकडे हुए हैं, दूसरे वो जो उपेक्षित हैं और नौकरी ढूंढ रहे हैं। सुप्रिय प्रसाद के करीबी लोग यहां किसी भी दिमागदार आदमी को काम नहीं करने देते। वो ईमानदारी से काम करने वाले लोगों का इतना बुरा हाल कर देते हैं कि उन्हे नौकरी छोड़कर जाना पड़ता है। ये लोग धड़ल्ले से अपने रिश्तेदारों और गांव के लोगों को नौकरियां बांट रहे हैं। सबसे ज़्यादा रिश्तेदारों की नौकरी तो विकास मिश्रा ने आजतक में लगवाई है। विकास, मुकुल, मनीष कुमार ये सब चमचागिरी के पूरक बन चुके हैं। या तो ये खुद चमचागिरी करते हैं, या लोग इनकी चमचागिरी करते हैं। चमचागिरी की इस कलचर में भला चैनल कितने दिन नंबर 1 रह पाता। पतन आगे भी जारी ही रहेगा।
Murli
July 17, 2015 at 8:40 am
Let’s not criticise one person for ups and downs, when aajtak was no1 no one encouraged supriya prasad. When it has moved to 3 everyone has started criticising him. In my opinion all the channels those who is in race has to come once no1 or no 10. Good Luck to ajitji for coming no 1 in this race.the spirit for becoming no 1 should always be there with every channel but with a good spirit rathere criticising the people.
Megha
July 19, 2015 at 1:04 pm
सब सुप्रियो प्रसाद को ही दोष दे रहे हैं। जबकि उन्होंने ही आजतक को नंबर एक बनाया। लेकिन तेज़ के तो और भी बुरे हाल हैं। आपको पता है…इसी ग्रुप का तेज़ चैनल तो सालों से गड्ढे इन पड़ा है। संजय सिन्हा तेज़ को अभी तक न्यूज़ चैनल नहीं बना पाए हैं। तेज़ पर पूरे दिन जिस तरह का खेल तमाशा चलता है वो किसी को भी हसते हसते लोटपोट कर दे। जाने अरुण पुरी साहब की क्या मजबूरी है कि वो तेज़ में ऐसे लोगों को ढ़ो रहे हैं? ऑफिस में भी तेज़ के संपादक संजय सिन्हा का ज़्यादातर वक्त तो फेसबुक और अपना पीआर मेंटेन करने में बीतता है, चैनल के लिए कुछ करने का वक्त ही कहाँ मिल पाता है?
vinod gupta aajtak
July 19, 2015 at 1:18 pm
संजय सिन्हा जी बेहद विद्वान और योग्य इंसान हैं। लेकिन वो तेज़नको इसलिए नहीं चला पा रहे क्योंकि, वो साहित्यिक प्रकृति के लेखक किस्म के इंसान हैं। टीवी मीडिया और न्यूज़ चैनल में आकर उन्होंने भूल कर दी है। अगर वि बॉलीवुड में होते तो बहुत नाम कमाते। आप उनकी पुस्तक रिश्तेपढ़ेंगे तो उनकी काबलियत को जान पाएंगी। ऐसा अकार होता है जिनगी में कि आपकी रूचि कुछ और होती है और पेशा कुछ और। लेकिन संजय सिन्हा साहब ने इन दोनों के बीच बहुत अच्छा तालमेल बैठा लिया है। तेज़ के संपादक के बतौर वो बॉलीवुड के भी संपर्क में रहते हैं और साहित्य में भी सक्रीय रहते हैं। वैसे जिस दिन उन्होंने ठान लिया तेज़ को नंबर एक बन्ने से कोई नहीं रोक पाएगा। आपको उनकी छिपी हुई क्षमताओं का अभी अंदाज़ा नहीं है मेघा जी।
Dev
July 20, 2015 at 6:30 pm
लेकिन एक बात तो तय है चाहे कोई भी कितना बडा चैनल क्यों न हो उसका पतन होने में समय नहीं लगता…।