Connect with us

Hi, what are you looking for?

Local News Community

उत्तर प्रदेश

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में दूषित पानी की सप्लाई, अजनारा होम्स में 100 से ज़्यादा बीमार

पंकज प्रसून-

ग्रेटर नोएडा वेस्ट….आबादी यही कोई 10 लाख के आसपास…..आसमान छूती बड़ी बड़ी इमारतें….एक कतार में लगातार मॉल ही मॉल….सड़कें लंबी चौड़ी….शाम होते ही ऐसी बिजली बल्ब की ऐसी चकाचौंध कि दिल्ली भी शरमा जाए….पहली बार यहां जब कोई आता है तो उसे ये भी लगने लगता है कि शायद विदेश के किसी शहर में पहुंच गया हो…लेकिन इस चमक-दमक के पीछे का काला सच ‘पाताललोक’ के अंधकार की तरह है। अजनारा होम्स सोसायटी में दूषित पानी पीने के चलते 100 से ज्यादा लोग बीमार पड़ गए हैं। किसी को पेट दर्द की समस्या तो किसी को लगातार उल्टी हो रही है। सोसाइटी के व्हाट्सएप ग्रुप पर कोहराम मचा हुआ है….कोई अस्पताल भाग रहा है तो कोई ऑफिस से छुट्टी लेकर परिजनों की देखभाल में जुट गया है। अब बताइये इस परिस्थिति का कौन जिम्मेवार है? क्या सोसायटी में स्वच्छ पानी पीने का अधिकार भी ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले लोगों को नहीं है। ये हाल सिर्फ अजनारा होम्स का नहीं है। कमोबेश यही स्थिति या इससे भी बदतर स्थिति का सामना ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासियों की है।

किसी गांव या छोटे शहरों के मोहल्ले से ज्यादा आबादी एक सोसायटी में निवास करती है। मेरे सोसायटी का नाम एम्स ग्रीन एवेन्यू है…यहां के बिल्डर का अपना अलग ही स्वैग है….आपको सुविधा मिले ना मिले….लेकिन मेंटिनेंस का बिल आपको भरना ही है। शिकायत करें भी तो किससे करें….बिल्डर के पास लोग पचासों बार जा चुके हैं, बिल्डर हर बार भरोसा दिलाता है कि अब आगे से सुधार हो जाएगा लेकिन हर मुलाकात के बाद हालात और ज्यादा ही बिगड़ जाते हैं। बिजली पानी सफाई सुरक्षा ये कुछ बुनियादी जरूरतें हैं और इससे ज्यादा क्या ही चाहिए एक आम इंसान को….और ये चीजें मुफ्त में कोई मांग तो नहीं रहा है…पर स्क्वैयर फुट के हिसाब से भारी मेंटिनेंस चार्ज वसूल किया जाता है….और सुविधा के नाम पर फ्लैट मालिक को शून्य प्राप्त होता है।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की अगर बात करूं तो यहां लाखों फ्लैट बिक चुके हैं और कई निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स पर लगातार काम भी चल रहे हैं। पब्लिक ट्रांसपोर्ट के नाम पर एक बस तक नहीं दी गई है। मेट्रो का हवाई सपना दिखाकर लाखों लोगों को चूना लगा दिया प्रॉपर्टी डीलरों ने….एक ही डायलॉग सुनाया गया सबको….भाई साहेब….बाउ जी….जिस दिन मेट्रो का एक पिलर गड़ गया ना उस दिन से ही आपके प्रॉपर्टी की वैल्यू तीगूनी चौगुनी हो जाएगी….ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले लोगों की मानसिक स्थिति ज्यादा ना बिगड़े इसलिए हर दो चार महीने पर मेट्रो की प्लांटेड खबरें चलवा दी जाती है….और ये खेल पिछले 5-6 साल से चल रहा है। जबकि वास्तविकता ये है कि मेट्रो का पिलर तो दूर की बात रही…अब तक एक ईंट नहीं गड़ाया है मेट्रो का….

अब आप ये भी जान लीजिए…ग्रेटर नोएडा वेस्ट का सबसे नजदीकी मेट्रो स्टेशन अभी सेक्टर 52 है और इसकी दूरी कम से कम 6 से 7 किमी की होगी…..वहां पहुंचने के लिए एक मात्र सहारा शेयरिंग ऑटो है….ऑटो में भेड़ बकरी की तरह जब तक पैसेंजर को ठूंसा नहीं जाएगा तब तक ऑटो खिसकती नहीं है…..सारे नियमों को धता बताकर ऑटो में 5 या कभी कभी तो इससे ज्यादा यात्रियों को बैठाया जाता है…एक्सीडेंट या किसी प्रकार की अनहोनी हुई तो उसका जिम्मेवार सिर्फ और सिर्फ आप होंगे….पुलिस प्रशासन को इन बातों से कोई लेना देना नहीं है।

एक दो संस्थाएं हैं जैसे कि रेरा…ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी…..इनका काम क्या है और इनके पास अधिकार क्या है…इसके बारे में ठीक ठाक पता नहीं है…..हां दिल को तसल्ली देने के लिए ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासी कुछ शिकायतें यदा कदा जरूर दर्ज करा देते हैं…..अब उन शिकायतों पर क्या कार्रवाई होती है ये तो भगवान जाने….रेरा ने कौन से बिल्डर पर क्या कार्रवाई की या कौन सा बिल्डर रेरा से डर कर काम करवा दिया ये भी शोध का विषय हो सकता है। बिना CC के फ्लैट्स बेच दिए गए….अब उन फ्लैट्स में पजेशन भी दे दिया गया…फ्लैट्स में लोगों ने रहना भी शुरू कर दिया…..प्रॉपर्टी डीलरों ने झूठ बोल-बोलकर कि बस अगले महीने CC आने ही वाली है….लेकिन अब तक वो अगला महीना आया नहीं है….तारीख पर तारीख…बस तारीख पर तारीख….

जिन्होंने फ्लैट्स ले लिया वे अब रजिस्ट्री के लिए संघर्ष कर रहे हैं….जिस फ्लैट की पाई पाई आपने चुका दी है….अमूमन 40 से 50 हजार महीने के हिसाब से EMI की रकम चुका रहे हैं…उस फ्लैट की रजिस्ट्री अब तक नहीं हुई है….किसके पास जाया जाए…कौन करेगा इसकी सुनवाई?

उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री MYogiAdityanath जी….आपने उत्तर प्रदेश को माफिया राज और गुंडा राज से मुक्ति दिलाई लेकिन आपको इस बात का भी संज्ञान लेना चाहिए…ग्रेटर नोएडा वेस्ट में #बिल्डरराज चलता है और बिल्डरों के आतंक से यहां के लोगों को भी मुक्ति चाहिए। जब हमने अपने जीवन भर की गाढ़ी कमाई से घर खरीदा है तो हमें सुविधाएं तो चाहिए ही…..मेंटिनेंस बिल भरने के बावजूद हमें क्यों नहीं सुरक्षा, स्वच्छ पानी, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, सफाई और अन्य सुविधाएं मुहैया कराई जा रही है? ये हालात अत्यधिक चिंतनीय है और यहां के जनप्रतिनिधियों फिर वो चाहे यहां के विधायक हों, सांसद हों उनका दीदार तो बस चुनाव के समय में ही होता है….

CosmoQuick: AI Recruitment For Media Jobs
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

भड़ास लीगल टीम : Bhadas Legal Team

भड़ास मेल: [email protected]

Latest 100 भड़ास

विज्ञापन