नई दिल्ली। फैक्ट-चेकर और ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर ने सुधीर चौधरी को टैग करते हुए वर्ष 2007 के चर्चित उमा खुराना फर्जी स्टिंग ऑपरेशन का मामला याद दिलाया है। जुबैर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर किए गए अपने पोस्ट में दावा किया कि यह स्टिंग ऑपरेशन बाद में फर्जी साबित हुआ था और इसके गंभीर परिणाम एक निर्दोष शिक्षिका को भुगतने पड़े थे।
जुबैर ने अपने पोस्ट में लिखा, “हैलो सुधीर चौधरी, क्या आपको 2007 का लाइव इंडिया चैनल का फर्जी स्टिंग ऑपरेशन याद है?” उन्होंने कहा कि उस समय दिल्ली सरकार के एक स्कूल की गणित शिक्षिका उमा खुराना को कथित स्टिंग के आधार पर देह व्यापार से जोड़कर दिखाया गया था।
‘स्टिंग’ के बाद हुई थी हिंसा और गिरफ्तारी
जुबैर ने अपने पोस्ट में कहा कि स्टिंग प्रसारित होने के बाद उमा खुराना पर भीड़ ने हमला किया और उनके साथ मारपीट की। उन्हें अनैतिक देह व्यापार के आरोप में गिरफ्तार भी किया गया था।
हालांकि, बाद में पुलिस जांच में सामने आया कि चैनल का स्टिंग ऑपरेशन फर्जी था। जांच में यह भी पाया गया कि वीडियो में जिस युवती को छात्रा बताकर पेश किया गया था, वह वास्तव में छात्रा नहीं बल्कि पत्रकार बनने की इच्छुक एक युवती थी।
चैनल पर किया था मानहानि का मुकदमा
जुबैर ने अपने पोस्ट में यह भी उल्लेख किया कि मामले के बाद उमा खुराना ने संबंधित चैनल और उसके तत्कालीन मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था।
क्यों किया यह पोस्ट?
मोहम्मद जुबैर ने यह पोस्ट सुधीर चौधरी को टैग करते हुए किया है। हालांकि, उन्होंने अपने पोस्ट में यह स्पष्ट नहीं किया कि उन्होंने यह मामला किस मौजूदा संदर्भ में उठाया है। सोशल मीडिया पर इस पोस्ट के बाद 2007 का चर्चित फर्जी स्टिंग ऑपरेशन एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
गौरतलब है कि उमा खुराना स्टिंग मामला भारतीय टीवी पत्रकारिता के सबसे विवादित मामलों में गिना जाता है। इस मामले में जांच के बाद स्टिंग को फर्जी पाया गया था, जिसके बाद प्रसारण को लेकर मीडिया की कार्यशैली और नैतिकता पर व्यापक बहस छिड़ी थी।

Hello sudhir chaudhary, Do you remember this 2007 Fake Sting operation by a channel (Live India) on Uma Khurana, A maths teacher in a Delhi government school. A mob attacked & manhandled the teacher. She was arrested on charges of immoral trafficking. Later the police found the ‘sting operation’ by a channel to be a hoax as the woman shown in the video clip as the victim prostitution racket was not a student but an aspiring journalist. She later filed a defamation on the Channel and its CEO?
-मोहम्मद जुबेर, फैक्ट चेकर


