लखनऊ। वरिष्ठ पत्रकार अभिषेक उपाध्याय ने दावा किया है कि उनके खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में एक और एफआईआर दर्ज की गई है। सोशल मीडिया पर साझा की गई पोस्ट में उन्होंने आरोप लगाया कि यह एफआईआर 26 जून 2026 को एफआईआर संख्या 0133/2026 के रूप में दर्ज हुई, लेकिन इसकी प्रति उन्हें उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
अभिषेक उपाध्याय के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार के ऑनलाइन एफआईआर पोर्टल पर क्रम संख्या 0129 से 0134 तक की लगभग सभी एफआईआर उपलब्ध हैं, लेकिन 0133/2026 दिखाई नहीं दे रही है। उनका कहना है कि उन्होंने संबंधित पुलिस अधिकारियों से एफआईआर की कॉपी मांगी, लेकिन उन्हें यह कहते हुए प्रति देने से इनकार कर दिया गया कि कॉपी उपलब्ध नहीं कराई जा सकती।
सोशल मीडिया पोस्ट में उन्होंने वर्तमान पुलिस आयुक्त तरुण गाबा का नाम लेते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए और कहा कि उनके खिलाफ हजरतगंज थाने में अब तक चार एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें अपने विरुद्ध दर्ज मामले की जानकारी और दस्तावेज़ उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं।
पोस्ट में अभिषेक उपाध्याय ने हाल में चर्चा में रहे अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण का भी उल्लेख किया और संकेत दिया कि उनके द्वारा इस विषय पर की गई रिपोर्टिंग के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई तेज हुई है। हालांकि, उन्होंने अपनी पोस्ट में इस नई एफआईआर के आरोपों या धाराओं का विवरण साझा नहीं किया है।
अभिषेक उपाध्याय इससे पहले भी उत्तर प्रदेश में दर्ज विभिन्न आपराधिक मामलों को लेकर कानूनी लड़ाई लड़ते रहे हैं। वर्ष 2024 में उनकी एक रिपोर्ट और सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर हजरतगंज थाने में उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज हुई थी, जिसके खिलाफ उन्होंने उच्चतम न्यायालय का भी रुख किया था।
फिलहाल इस नई एफआईआर संख्या 0133/2026 को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। स्वतंत्र रूप से यह भी सत्यापित नहीं हो सका है कि एफआईआर पोर्टल पर उक्त संख्या उपलब्ध क्यों नहीं है या उसकी प्रति उपलब्ध कराने में क्या कारण हैं। ऐसे में अभिषेक उपाध्याय द्वारा लगाए गए आरोपों पर पुलिस का पक्ष आना अभी बाकी है।


