कहते हैं, जब इंसान खुद पर भरोसा करता है, तो सपनों को हकीकत बनने से कोई नहीं रोक सकता। कुछ ऐसा ही सपना देखा था डॉ. चन्द्रसेन वर्मा ने।
साल 2010 में उन्होंने एक ऐसा कदम बढ़ाया, जो उस समय शायद एक छोटा-सा प्रयास लगता था, लेकिन उनके लिए वह सिर्फ एक शुरुआत नहीं, बल्कि एक मिशन था… एक ऐसा सपना, जो लाखों लोगों की आवाज़ बनने वाला था। इसी सपने का नाम था—”आज की खबर”।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर आज भारत के 10 राज्यों तक अपनी पहचान बना चुका है। लेकिन ये पहचान… एक दिन में नहीं बनी।
सिर्फ 5 लोगों की एक छोटी-सी टीम, बड़े हौसलों और अटूट विश्वास के साथ निकली थी। रास्ते आसान नहीं थे।
कई बार हालात ने रोका… कई बार चुनौतियों ने परखा… कई बार हम गिरे… लेकिन हर बार पहले से ज्यादा मजबूती के साथ उठे।
कभी कदम धीमे पड़े… लेकिन रुके कभी नहीं। कभी हालात ने बिखेरने की कोशिश की… लेकिन हम टूटे नहीं। यही जज़्बा… यही विश्वास… आज इस कारवां की सबसे बड़ी ताकत है।
इस पूरे सफर की सबसे मजबूत नींव डॉ. चन्द्रसेन वर्मा की दूरदर्शी सोच रही। जब डिजिटल पत्रकारिता अपने शुरुआती दौर में थी, तब उन्होंने भविष्य की संभावनाओं को पहचानते हुए “आज की खबर” की शुरुआत की। कई लोगों को यह सिर्फ एक छोटा प्रयास लगा, लेकिन उनके लिए यह एक बड़ा विज़न था। सफर के दौरान कई मुश्किलें आईं… आर्थिक चुनौतियाँ सामने आईं, संसाधनों की कमी रही, परिस्थितियों ने कई बार हौसलों की परीक्षा ली… लेकिन हर चुनौती का डटकर सामना किया गया। कभी हार नहीं मानी, कभी कदम पीछे नहीं हटाए। यही कारण है कि YouTube से शुरू हुआ यह सफर आज एक सफल न्यूज़ चैनल तक पहुँच चुका है। यह उपलब्धि केवल एक संस्थान की नहीं, बल्कि दूरदर्शी नेतृत्व, पूरी टीम की अथक मेहनत और लाखों दर्शकों के अटूट विश्वास की जीत है।
ये वो दौर था… जब YouTube भारत में अपनी शुरुआत कर रहा था। लोग इंटरनेट से जुड़ तो रहे थे, लेकिन डिजिटल दुनिया अभी हर घर तक नहीं पहुँची थी। उसी समय “आज की खबर” ने डिजिटल पत्रकारिता को अपनाया और लाखों लोगों तक सच्ची और तेज़ खबरें पहुँचाने का संकल्प लिया।
फिर आया… साल 2019। पूरे 9 वर्षों की अथक मेहनत के बाद वो ऐतिहासिक पल आया, जिसका हर सदस्य बेसब्री से इंतज़ार कर रहा था। YouTube का सिल्वर प्ले बटन।
वो सिर्फ एक अवॉर्ड नहीं था… वो उन अनगिनत दिनों और रातों की मेहनत का सम्मान था… उन सपनों की जीत थी… जो कभी सिर्फ एक छोटे-से कमरे से शुरू हुए थे। उस दिन हमने जश्न मनाया… लेकिन उसी दिन हमारी जिम्मेदारियाँ भी पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गईं। क्योंकि अब लोगों का विश्वास… हमारी सबसे बड़ी ताकत बन चुका था।
और फिर आया… साल 2024। वो पल… जिसका हर डिजिटल क्रिएटर सपना देखता है। YouTube का गोल्ड प्ले बटन।
यह सिर्फ एक सम्मान नहीं था… यह उन 10 लाख से अधिक दर्शकों के विश्वास का प्रतीक था, जिन्होंने हर सच, हर खबर और हर सफर में हमारा साथ दिया। यह उपलब्धि बताती है कि जब नीयत साफ हो, मेहनत ईमानदार हो और लक्ष्य समाज की आवाज़ बनना हो… तो मंज़िलें खुद आपके कदम चूमती हैं। लेकिन हमारी यात्रा यहीं नहीं रुकी…
15 जनवरी 2026। “आज की खबर” ने अपने इतिहास का एक और स्वर्णिम अध्याय लिखा। इस दिन AAJ KI KHABAR News Channel का शुभारंभ हुआ।


डिजिटल पत्रकारिता में अपनी मजबूत पहचान बनाने के बाद… अब हमने टेलीविजन की दुनिया में भी उसी निष्पक्षता, उसी गति और उसी विश्वास के साथ कदम रखा।
यह सिर्फ एक चैनल का लॉन्च नहीं था… यह उस सपने का विस्तार था… जो 2010 में एक छोटे से संकल्प के रूप में शुरू हुआ था।
आज “आज की खबर” हर माध्यम से लोगों तक सच, सरोकार और विश्वसनीय पत्रकारिता पहुँचाने के अपने संकल्प पर निरंतर आगे बढ़ रहा है।
आज… हमें गर्व है कि “आज की खबर” सिर्फ एक न्यूज़ प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि 11 लाख से भी ज्यादा लोगों का परिवार बन चुका है।
ये 11 लाख सदस्य… सिर्फ एक संख्या नहीं हैं। ये उन अनगिनत दुआओं, भरोसे और प्यार का परिणाम हैं… जो हमें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
इन 16 वर्षों में… कुछ लोग इस सफर से अलग भी हुए… लेकिन कुछ साथी ऐसे रहे… जिन्होंने हर मुश्किल में कंधे से कंधा मिलाकर साथ निभाया। उनका समर्पण… उनकी मेहनत… और उनका विश्वास… आज भी “आज की खबर” की सबसे बड़ी पूंजी है।
इन 16 वर्षों ने हमें सिर्फ सफल नहीं बनाया… बल्कि हमें तराशा… हमें मजबूत बनाया… हमें हर नई चुनौती के लिए तैयार किया। गलतियाँ हुईं… तो डाँट भी मिली…लेकिन हर गलती अपने साथ एक नई सीख लेकर आई।
कड़ी मेहनत हुई… तो हर छोटी-बड़ी उपलब्धि का जश्न भी पूरे दिल से मनाया गया। और आज… जब हम अपने इस खूबसूरत सफर के 16 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं…तो एक और सपना… एक और मंजिल… हमारा इंतज़ार कर रही है। YouTube का डायमंड प्ले बटन।
हमें पूरा विश्वास है… जिस तरह आपने अब तक हमारा साथ दिया है… उसी तरह आने वाले हर पड़ाव पर भी आपका भरोसा हमारी सबसे बड़ी ताकत बना रहेगा।
हम वादा करते हैं… कि सच की इस मशाल को कभी बुझने नहीं देंगे। हर खबर… हर आवाज़… हर मुद्दे को पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ आपके सामने लाते रहेंगे।
क्योंकि हमारा सफर सिर्फ खबरें दिखाने का नहीं… बल्कि समाज के विश्वास को निभाने का है।
अंत में… हम बस इतना कहना चाहेंगे— कभी थे अकेले… आज एक कारवां हैं। कभी था एक सपना… आज लाखों का विश्वास हैं।न तब हालात से डरे थे… न आज किसी चुनौती से डरेंगे।
विरोधियों के सागर में भी हम चट्टान बनकर खड़े हैं। न कभी टूटे थे…न कभी बिखरे थे…और न कभी बिखरेंगे।
“आज की खबर”…सिर्फ खबर नहीं, आपके विश्वास की आवाज़ है।
16 वर्षों के इस अटूट विश्वास, प्यार और साथ के लिए…दिल से धन्यवाद।


