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उत्तर प्रदेश

4700 करोड़ का एक्सप्रेसवे 15 दिन में धंसा, पत्रकार को कवरेज से रोक रहे जिम्मेदार, देखें वीडियो

Overturned semi-truck on its side at night, with exposed wheels and trailer underneath, on a dark road surface.

उन्नाव/लखनऊ। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के महज 15 दिन बाद सड़क के एक हिस्से में नुकसान सामने आने के बाद निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इसी मामले की ग्राउंड रिपोर्टिंग करने पहुंचे 4PM News Network के पत्रकार रंजन बाजपेई का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें मौके पर मौजूद कुछ लोग उनके हाथ से माइक ID पकड़ते और उन्हें रोकते हुए नजर आ रहे हैं।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 4,200 से 4,700 करोड़ रुपये की लागत वाली 63 किलोमीटर लंबी छह लेन की लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया था।

उद्घाटन के करीब 13 दिन बाद भारी बारिश के बीच उन्नाव के पास सड़क के एक हिस्से में धंसने और क्षति की खबर सामने आई। रिपोर्टों में कोरारी गांव के पास करीब 5 से 7 मीटर के हिस्से के क्षतिग्रस्त होने की बात कही गई है। इसके बाद एक्सप्रेसवे की निर्माण गुणवत्ता और सड़क की मजबूती को लेकर सवाल उठने लगे। अधिकारियों की ओर से बारिश को नुकसान की वजह बताया गया है और मरम्मत का काम शुरू किया गया।

इसी घटनाक्रम की कवरेज के लिए मौके पर पहुंचे पत्रकार रंजन बाजपेई का वीडियो सामने आया है। वीडियो में कुछ लोग उनका माइक ID पकड़कर उन्हें आगे बढ़ने से रोकते दिखाई दे रहे हैं। इस घटना के बाद पत्रकारों की ग्राउंड रिपोर्टिंग और निर्माण कार्यों की कवरेज के दौरान मीडिया को रोकने के प्रयासों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

वहीं, सड़क में हुई क्षति के बाद NHAI की ओर से कार्रवाई की खबर भी सामने आई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, जांच के बाद तीन अधिकारियों पर दो साल का प्रतिबंध लगाया गया है।

पत्रकार के माइक ID पकड़ने की घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

NHAI आपको अवगत कराना चाहता है कि मॉनसून को ध्यान में रखते हुए लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर ज़रूरत के हिसाब से रुटीन ऑपरेशन और मेंटेनेंस गतिविधियों के तहत, ‘प्रिवेंटिव मेंटेनेंस’ का काम किया जा रहा है। यह एक्सप्रेसवे 15 वर्षीय ‘डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड’ के अंतर्गत आता है, जिसके दौरान बिना किसी अतिरिक्त लागत के, कांट्रेक्टर समय पर रखरखाव और सुधार कार्य करेगा।
NHAI इन गतिविधियों पर लगातार नज़र रखता है और सभी राष्ट्रीय राजमार्गों/एक्सप्रेसवे यात्रियों को सुरक्षित और निर्बाध यात्रा का अनुभव देने के लिए प्रतिबद्ध है।


हमारी ग्राउंड ज़ीरो रिपोर्ट में दिखाया गया कि उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद एक्सप्रेसवे के कई हिस्सों में मरम्मत की आवश्यकता पड़ गई। इसके बाद NHAI का जवाब आया। NHAI का कहना है कि निर्माण करने वाली कंपनी अगले 15 वर्षों तक इस एक्सप्रेसवे का रखरखाव करेगी।
लेकिन सवाल सिर्फ़ रखरखाव का नहीं है।
सवाल यह है कि यदि सड़क की स्थिति के कारण वाहन पलटते हैं, लोगों को चोटें आती हैं, माल का नुकसान होता है है या कोई गंभीर हादसा होता है, तो उसकी जवाबदेही किसकी होगी?
क्या केवल बाद में मरम्मत कर देना पर्याप्त है, या ऐसी परिस्थितियों को पहले ही रोकने की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए?
जनता जवाब चाहती है।
-रंजन बाजपेई, पत्रकार

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