लखनऊ कानपुर एक्सप्रेस-वे महीने भर के अंदर तीन अलग अलग जगहों पर धंसा। सोशल मीडिया पर तमाम वीडियो और तस्वीरें वायरल रहीं। पहले तो प्रशासन ने मिलीभगत से मामले को सुलटाने निपटाने का प्रयास किया लेकिन जनदबाव में जिम्मेदारों की नींद भंग हुई है। और इसी का नतीजा रहा जो अब कार्रवाई होनी शुरू हो चुकी है। नीचे पढ़िए….
गौरव सिंह सेंगर-
उत्तर प्रदेश- भारी बेइज्जती लानत – मलानत के बाद NHAI जागा है, चेयरमैन संतोष यादव की टीम कुंभकर्णी नींद से जागी है।
आज प्रेस कॉन्फ़्रेंस हुई है – NHAI ने अपनी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा- कानपुर–लखनऊ एक्सप्रेसवे मामले में NHAI की कार्रवाई की गई है। PNC इंफ्राटेक को नॉन-परफॉर्मर घोषित करने के लिए नोटिस जारी की गई है। साथ ही कंपनी पर परफॉर्मेंस सिक्योरिटी का 2% तक जुर्माना लगाने की तैयारी है।
प्रभावित हिस्से की मरम्मत कंपनी अपने खर्च पर करेगी, एनएचएआई पर कोई भार नहीं आयेगा, प्रोजेक्ट मैनेजर, टीम लीडर और रेजिडेंट इंजीनियर हटाए गए हैं।
तीन अधिकारियों को दो साल तक MoRTH, NHAI और NHIDCL की परियोजनाओं से प्रतिबंधित किया गया है, वर्तमान और पूर्व परियोजना निदेशकों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है।
स्वतंत्र अभियंता कंपनी थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज को भी डिबारमेंट नोटिस जारी की गई है। इसके अलावा IIT खड़गपुर के विशेषज्ञों की टीम धंसाव के कारणों की तकनीकी जांच करेगी।
मरम्मत पूरी होने तक एक्सप्रेसवे पर टोल वसूली बंद रहेगी, नुकसान की भरपाई कंपनी से होगी!!
NHAI के प्रोजेक्ट्स ने लखनऊ में जो बर्बादी की इबारत लिखी है उसकी गूँज जमाने तक सुनाई देती रहेगी – NHAI के मोटी खाल वाले अफसरों ने लखनऊ आउटर रिंग रोड / किसान पथ बनाया , उस पर चलने पर जनता को बरबस ही याद आ जाता है कि हमने जीवन बीमा कराया है या नहीं , हम यहाँ से ज़िंदा बच के लौटेंगे या नहीं।
इस रिंग रोड पर चलने में ऐसा ऐसा उछाल है कि कॉमनवेल्थ गेम्स में हाई जंप एक दो मेडल गाड़ी के अंदर ही मिल जाते हैं, एंट्री / एग्जिट पर लाइट, संकेतक कुछ नहीं है, कई हिस्सों में लाइट नहीं लगी है, अव्यवस्था का चरम है, हालांकि संतोष यादव इतने मजबूत हैं कि उन्हें इन सब मसलों का कोई फर्क नहीं पड़ता, चेयरमैन के रूप में संतोष जी जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त हैं!
भला हो प्रधानमंत्री जी लखनऊ – कानपुर एक्सप्रेस वे के उद्घाटन में नहीं आए नहीं तो रील की दुनिया में पुनः वायरल हो जाते.. जय अंत्योदय!
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे पर टोल टैक्स देने पर रोक लगा दी गई है। बारिश में सड़क बार-बार धंसने के बाद NHAI ने बुधवार को यह फैसला लिया। NHAI ने कहा- एक्सप्रेस-वे पूरी तरह ठीक होने तक टोल नहीं लिया जाएगा।
एक्सप्रेस-वे बनाने वाली कंपनी को नॉन-परफॉर्मर घोषित कर दिया है। अब कंपनी को NHAI की ओर से कोई नया काम नहीं मिलेगा। प्रोजेक्ट मैनेजर को भी हटा दिया गया है। एक्सप्रेस-वे आगरा की PNC कंपनी ने बनाया है। PNC के मालिक भाजपा के राज्यसभा सांसद नवीन जैन के भाई प्रदीप जैन हैं।
-राजेश साहू, पत्रकार
कौन हैं पीएनसी वाले जैन बंधु, पढ़िए…
लूटकाल 2: भाजपा सांसद नवीन जैन के भाई की कंपनी ने बनाया लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे, जो 17 दिनों में धंस गया!
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