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यूट्यूब पर IIFA की लाइव स्ट्रीमिंग ZEE के टीवी विज्ञापन कारोबार को कितना प्रभावित करेगा?

2027 में पहली बार YouTube पर लाइव होंगे IIFA अवॉर्ड्स, ZEE के पास रहेगा टीवी प्रसारण का अधिकार; विज्ञापनदाताओं के सामने दर्शकों की पहुंच और बजट को लेकर नई चुनौती…

नई दिल्ली। बॉलीवुड के प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय भारतीय फिल्म अकादमी (IIFA) अवॉर्ड्स की पहुंच अब टेलीविजन से आगे बढ़कर YouTube तक पहुंचने जा रही है। साल 2027 में पहली बार दुनियाभर के दर्शक IIFA अवॉर्ड्स का सीधा प्रसारण YouTube पर देख सकेंगे। दूसरी ओर, ZEE एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेज लगातार तीसरे साल इस आयोजन का आधिकारिक टेलीविजन प्रसारण साझेदार बना रहेगा। इस साझेदारी ने मीडिया और विज्ञापन कारोबार के सामने एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है—क्या YouTube पर लाइव प्रसारण से IIFA का दर्शक वर्ग और विज्ञापन बाजार बढ़ेगा या इसका असर ZEE के टेलीविजन विज्ञापन कारोबार पर पड़ेगा?

IIFA अवॉर्ड्स का आयोजन 23 जनवरी, 2027 को अबू धाबी के यास आइलैंड स्थित एतिहाद एरिना में होगा। इससे एक दिन पहले, 22 जनवरी को IIFA डिजिटल अवॉर्ड्स आयोजित किए जाएंगे। YouTube के साथ साझेदारी की घोषणा सितंबर में हुई थी, जबकि 22 अक्टूबर को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में IIFA सप्ताह के दौरान होने वाले कार्यक्रमों और डिजिटल कंटेंट की विस्तृत जानकारी दी गई।

YouTube की एंट्री से बदलेगा विज्ञापन का गणित?

अब तक IIFA समारोह की रिकॉर्डिंग आयोजन के बाद YouTube पर उपलब्ध कराई जाती थी। आधिकारिक IIFA चैनल ने अप्रैल 2025 में 2025 के समारोह की रिकॉर्डिंग अपलोड की थी, जिसे 43 लाख से अधिक बार देखा जा चुका है। लेकिन 2027 में दर्शकों को समारोह देखने के लिए रिकॉर्डिंग का इंतजार नहीं करना होगा। वे इसे सीधे YouTube पर देख सकेंगे।

यहीं से टेलीविजन विज्ञापन कारोबार को लेकर सवाल उठते हैं। अवॉर्ड समारोहों में फिल्मी सितारों की प्रस्तुतियां, पुरस्कारों की घोषणा और मनोरंजन से जुड़े खास क्षण टेलीविजन दर्शकों को आकर्षित करते रहे हैं। विज्ञापनदाता ऐसे आयोजनों के जरिए बड़ी संख्या में दर्शकों तक पहुंचने की कोशिश करते हैं। अब यही दर्शक YouTube पर भी उपलब्ध होंगे।

ZEE के टेलीविजन प्रसारण का समय अभी घोषित नहीं किया गया है। यदि टीवी पर समारोह का प्रसारण YouTube की लाइव स्ट्रीमिंग के बाद होता है, तो दर्शक विजेताओं और प्रमुख प्रस्तुतियों के बारे में पहले ही जान चुके होंगे। वहीं, यदि दोनों प्लेटफॉर्म पर एक साथ प्रसारण होता है, तो विज्ञापनदाताओं के लिए यह समझना महत्वपूर्ण होगा कि दोनों माध्यमों पर दर्शकों की संख्या में कितना दोहराव है और कितने नए दर्शक जुड़ रहे हैं।

हालांकि, टेलीविजन की अपनी ताकत बनी हुई है। ZEE विज्ञापनदाताओं को पारंपरिक टीवी दर्शकों तक पहुंचने का अवसर देता है। परिवार के साथ मनोरंजन कार्यक्रम देखने वाले दर्शकों के अलावा, टीवी प्रसारण के दौरान प्रायोजन और विज्ञापन के अन्य अवसर भी उपलब्ध रहते हैं।

YouTube से बढ़ सकती है IIFA की वैश्विक पहुंच

YouTube पर लाइव प्रसारण से IIFA को उन दर्शकों तक पहुंचने का मौका मिल सकता है, जो आमतौर पर टेलीविजन पर यह समारोह नहीं देखते। खासकर विदेशों में रहने वाले भारतीय दर्शकों और डिजिटल माध्यमों पर सक्रिय युवा वर्ग तक पहुंच बढ़ने की संभावना है।

YouTube का कनेक्टेड टीवी यानी इंटरनेट से जुड़े टेलीविजन पर बढ़ता इस्तेमाल भी इस बदलाव को महत्वपूर्ण बनाता है। इसका मतलब है कि YouTube पर होने वाला प्रसारण केवल मोबाइल फोन और कंप्यूटर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दर्शक इसे बड़ी टीवी स्क्रीन पर भी देख सकेंगे।

हालांकि, IIFA की कुल पहुंच बढ़ने और ZEE के दर्शकों का YouTube की ओर स्थानांतरण होने के बीच अंतर करना जरूरी है। यदि YouTube नए दर्शक जोड़ता है, तो आयोजन के लिए विज्ञापन और प्रायोजन से कमाई के अवसर बढ़ सकते हैं। लेकिन यदि टेलीविजन के मौजूदा दर्शक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर चले जाते हैं, तो विज्ञापनदाता अपने बजट का कुछ हिस्सा टीवी से YouTube की ओर स्थानांतरित कर सकते हैं।

टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म की अलग-अलग ताकत

ZEE का टेलीविजन प्रसारण विज्ञापनदाताओं को पारंपरिक टीवी दर्शकों तक पहुंचने और कार्यक्रम के साथ विज्ञापन जोड़ने का अवसर देता है। इसके विपरीत, YouTube डिजिटल वीडियो विज्ञापन, दर्शकों को उनकी रुचि के आधार पर लक्षित करने, प्रदर्शन मापने और अलग-अलग प्रारूपों में ब्रांड को प्रस्तुत करने की सुविधा देता है।

ऐसे में विज्ञापनदाता अपनी जरूरत के हिसाब से दोनों माध्यमों का इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन उनके फैसले इस बात पर निर्भर करेंगे कि दोनों प्लेटफॉर्म कितने अतिरिक्त दर्शक उपलब्ध कराते हैं और एक ही दर्शक तक बार-बार पहुंचने से अभियान को कितना फायदा होता है।

YouTube की कंट्री मैनेजिंग डायरेक्टर गुंजन सोनी ने कहा कि इस साझेदारी के तहत IIFA सप्ताह के दौरान छोटे और लंबे, दोनों तरह के वीडियो कार्यक्रम पेश किए जाएंगे। इनमें बॉलीवुड सितारों और डिजिटल क्रिएटर्स को एक साथ लाने पर जोर होगा।

सोनी के मुताबिक, मनोरंजन देखने का तरीका बदल रहा है। आज के दर्शक सिर्फ सामने बैठकर कार्यक्रम देखने तक सीमित नहीं रहना चाहते, बल्कि उससे जुड़ी बातचीत और गतिविधियों का हिस्सा भी बनना चाहते हैं। उनके अनुसार, प्रीमियम मनोरंजन अब कई प्रारूपों और दर्शकों की सक्रिय भागीदारी वाला अनुभव बन रहा है।

समारोह से आगे भी मिलेंगे विज्ञापन के अवसर

YouTube और IIFA की साझेदारी केवल अवॉर्ड समारोह के सीधे प्रसारण तक सीमित नहीं रहेगी। इसके तहत कई डिजिटल कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है। इनमें YouTube Creator Collective के जरिए फिल्मी सितारों और डिजिटल क्रिएटर्स की मुलाकातें, IIFA Uncut, डिजिटल वॉच पार्टियां, ग्रीनरूम सीरीज और IIFA YouTube Creator Club शामिल हैं।

इन कार्यक्रमों के माध्यम से दर्शकों को समारोह के पीछे की गतिविधियां, फिल्मी हस्तियों से बातचीत और अन्य विशेष सामग्री देखने को मिलेगी। इससे विज्ञापनदाताओं को मुख्य समारोह के अलावा छोटे वीडियो, विशेष कार्यक्रमों और सितारों के साथ तैयार की गई सामग्री में भी अपने ब्रांड को शामिल करने के अवसर मिल सकते हैं।

YouTube की वैश्विक पहुंच और कनेक्टेड टीवी पर बढ़ते इस्तेमाल का जिक्र करते हुए गुंजन सोनी ने कहा कि इस साझेदारी के जरिए IIFA जैसे सिनेमाई आयोजन को दुनिया भर के दर्शकों के घरों और विभिन्न स्क्रीन तक पहुंचाया जाएगा।

प्रायोजकों को भी मिल सकता है फायदा

IIFA की विस्तारित डिजिटल पहुंच से उसके प्रायोजन कारोबार को भी फायदा होने की संभावना है। हालांकि, ब्रांडों को कितना अतिरिक्त लाभ मिलेगा, यह उनके मौजूदा समझौतों और नई डिजिटल साझेदारी के तहत मिलने वाले प्रचार अवसरों पर निर्भर करेगा।

सोभा रियल्टी लगातार चौथे साल IIFA वीकेंड और IIFA डिजिटल अवॉर्ड्स की प्रेजेंटिंग स्पॉन्सर बनी है। वहीं, ORN इस आयोजन के साथ को-पावर्ड-बाय प्रायोजक के रूप में जुड़ा है।

YouTube पर वैश्विक लाइव प्रसारण, सितारों और क्रिएटर्स के साथ विशेष कार्यक्रमों तथा छोटे वीडियो के जरिए इन ब्रांडों को अतिरिक्त प्रचार मिल सकता है। हालांकि, इसकी वास्तविक व्यावसायिक उपयोगिता का आकलन दर्शकों की संख्या, विज्ञापन की दरों और प्रायोजन समझौतों की शर्तों के आधार पर ही किया जा सकेगा।

ZEE के लिए असली चुनौती क्या है?

IIFA के लिए YouTube की साझेदारी नए दर्शकों और विज्ञापनदाताओं तक पहुंचने का अवसर है। लेकिन ZEE के लिए इस आयोजन के टेलीविजन प्रसारण का व्यावसायिक मूल्य बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।

यदि YouTube की लाइव स्ट्रीमिंग IIFA के दर्शक वर्ग को बढ़ाती है और टेलीविजन के दर्शकों को बड़े पैमाने पर प्रभावित नहीं करती, तो दोनों माध्यमों के लिए कमाई के नए अवसर बन सकते हैं। लेकिन यदि दर्शकों का एक बड़ा हिस्सा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर चला जाता है, तो ZEE को विज्ञापनदाताओं के सामने अपने टीवी प्रसारण की पहुंच और प्रभाव को साबित करना होगा।

फिलहाल, ZEE का टेलीविजन प्रसारण जारी रहेगा और YouTube वैश्विक डिजिटल पहुंच का नया माध्यम बनेगा। इन दोनों के बीच दर्शकों का बंटवारा किस तरह होता है और विज्ञापनदाता अपने बजट का कितना हिस्सा किस प्लेटफॉर्म को देते हैं, यही तय करेगा कि इस साझेदारी से IIFA के कारोबार को कितना फायदा होता है और ZEE के टीवी विज्ञापन व्यवसाय पर कितना असर पड़ता है।

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