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महाराष्ट्र

महाराष्ट्र में पेड न्यूज और वसूली संस्कृति की चर्चा; दैनिक ‘पुढारी’ के पत्रकारों पर पूर्व विधायक रवींद्र धंगेकर के गंभीर आरोप, मतदाताओं को लिखा खुला पत्र

Political poster featuring a letterhead with government logos and a portrait of a smiling man, set against a magenta background with bold Marathi text on the right.

विक्रांत पाटील-

पुणे : महाराष्ट्र विधान परिषद पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में इस बार पेड न्यूज, पैकेज संस्कृति और वसूली संस्कृति का मुद्दा सबसे ज्यादा गरमाया हुआ है। शिवसेना (शिंदे गुट) के महानगर प्रमुख और पूर्व विधायक रवींद्र धंगेकर ने इस मुद्दे को लेकर मतदाताओं के नाम एक खुला पत्र लिखा है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

धंगेकर का यह खुला पत्र दैनिक ‘पुढारी’ समूह के चेयरमैन डॉ. योगेश जाधव के नाम संबोधित है। गौरतलब है कि इस चुनाव में महायुति की ओर से डॉ. योगेश जाधव की पत्नी डॉ. स्मिता जाधव मैदान में हैं।

धंगेकर के पत्र के मुख्य आरोप:

  1. पत्रकारिता नहीं, सुपारी बाजार का अड्डा: धंगेकर ने आरोप लगाया है कि पद्मश्री ग. गो. जाधव के विचारों की विरासत बताने वाले ‘पुढारी’ ने अब अखबार को विचारों का माध्यम नहीं, बल्कि ‘पैसे के बाजार का अड्डा’ बना दिया है। चुनाव आते ही उनके हस्तक ‘सुपारी बहादुर’ और ‘सांड दलाल’ बनकर बाजार में घूमते हैं, उम्मीदवारों की जेब काटकर खुद की और मैनेजमेंट की जेब भरते हैं।
  2. ढाई करोड़ की वसूली का सनसनीखेज दावा: पत्र में सबसे बड़ा आरोप ‘वसूली पैंथर पांड्या’ नाम के एक कथित हस्तक पर है। धंगेकर के मुताबिक, इस व्यक्ति ने गुटखा कारोबारियों और बिल्डरों से करोड़ों की वसूली की है। उन्होंने सवाल उठाया है कि क्या इसी व्यक्ति द्वारा वसूली करके लाए गए ढाई करोड़ रुपये डॉ. योगेश जाधव को उससे लेने बाकी हैं, इसलिए उसके सारे नखरे बर्दाश्त किए जा रहे हैं?
  3. 2 करोड़ का फ्लैट और गुटखा कनेक्शन: धंगेकर ने दावा किया है कि एक मामूली रिपोर्टर के वेतन पर काम करने वाला यह शख्स बिना कोई लोन लिए गुटखा किंग के पैसे से 2 करोड़ का लग्जरी फ्लैट खरीदता है और साल में 4 बार विदेश यात्रा करता है।
  4. छोटे उम्मीदवारों की सुपारी: धंगेकर ने कहा है कि छोटे दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों की सुपारी लेकर उनकी छवि खराब करने के लिए झूठी खबरें छापी जाती हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि मतदान से दो दिन पहले झूठी खबरें छापने वाले हस्तक और उनकी सुपारीबाजी को हम बेनकाब किए बिना नहीं रहेंगे।
  5. स्नातक मतदाताओं से अपील: पत्र के अंत में धंगेकर ने लिखा है, “सुशिक्षित और स्नातक मतदाताओं को पैसे के दम पर लाचार और बिकाऊ मत समझिए। अगर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का इस्तेमाल सिर्फ अपने पारिवारिक और व्यावसायिक विकास के लिए करना है, तो आपकी जगह विधान परिषद में नहीं, बल्कि व्यापारपेठ में है।”

चुनाव की पृष्ठभूमि:

पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पुणे, सतारा, सांगली, कोल्हापुर, सोलापुर के लाखों स्नातक मतदाता आते हैं। इस बार मतदाता पंजीकरण में भारी गिरावट आई है, केवल 3.88 लाख पंजीकरण हुए हैं जो 2020 के 4.26 लाख से 38 हजार कम है।

फिलहाल दैनिक ‘पुढारी’ समूह या डॉ. योगेश जाधव की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

डिस्क्लेमर: यह खबर रवींद्र धंगेकर द्वारा लिखे गए खुले पत्र और उनकी X पोस्ट पर आधारित है। इसमें लगाए गए सभी आरोप उनके निजी आरोप हैं।

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