बॉलीवुड अभिनेता सनी देओल की आगामी फिल्म ‘सूर्या- अंत से आरंभ तक’ रिलीज से पहले विवादों में घिर गई है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने फिल्म के प्रचार वीडियो पर गंभीर आपत्ति जताते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखा है। एसोसिएशन का आरोप है कि फिल्म के प्रचार में पूरे चिकित्सा पेशे को भ्रष्टाचार से जोड़कर दिखाया गया है। साथ ही, डॉक्टरों और अस्पताल के कर्मचारियों के खिलाफ हिंसा को इस तरह प्रस्तुत किया गया है, जिससे ऐसी घटनाओं को जायज ठहराने का खतरा है।
23 अक्टूबर को सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक, IMA ने मंत्रालय से फिल्म की निष्पक्ष समीक्षा कराने और विवादित चित्रण को लेकर उचित सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है। एसोसिएशन ने यह भी कहा है कि यदि लागू कानून के तहत उचित आधार बनता है, तो फिल्म पर प्रतिबंध लगाने या अन्य कार्रवाई पर विचार किया जाना चाहिए।
डॉक्टरों को भ्रष्ट दिखाने पर आपत्ति
IMA का कहना है कि फिल्म के प्रचार वीडियो से यह धारणा बन सकती है कि चिकित्सा क्षेत्र में भ्रष्टाचार और अनैतिक गतिविधियां व्यापक स्तर पर फैली हुई हैं। एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि डॉक्टरों के गलत कामों का समर्थन नहीं किया जा सकता और ऐसे मामलों में कानूनी व अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन कुछ लोगों के कृत्यों के आधार पर पूरे चिकित्सा समुदाय को कटघरे में खड़ा करना उचित नहीं है।
एसोसिएशन ने फिल्म में डॉक्टरों, नर्सों और अस्पताल के अन्य कर्मचारियों पर शारीरिक हमले दिखाए जाने पर भी चिंता जताई है। उसका कहना है कि यदि ऐसी हिंसा को वीरतापूर्ण या जायज कार्रवाई की तरह दिखाया जाता है, तो इससे स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति शत्रुता बढ़ सकती है और अस्पतालों में उनकी सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है।
डॉक्टर-मरीज के भरोसे पर असर की आशंका
IMA के मुताबिक, डॉक्टर और मरीज के बीच भरोसा बेहतर इलाज के लिए बेहद जरूरी है। फिल्म में चिकित्सा पेशे को सामान्य रूप से भ्रष्ट दिखाने से इस रिश्ते में अविश्वास और टकराव बढ़ने की आशंका है। एसोसिएशन ने यह भी चेताया कि इस तरह का चित्रण चिकित्सा की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों और भविष्य में इस पेशे में आने की तैयारी कर रहे युवाओं को हतोत्साहित कर सकता है।
20 नवंबर को रिलीज होनी है फिल्म
सनी देओल अभिनीत इस फिल्म का टीजर 19 अक्टूबर को उनके जन्मदिन के अवसर पर जारी किया गया था। फिल्म में रवि किशन, प्रज्ञा जायसवाल, तनुश्री चक्रवर्ती, मनीष वाधवा और टीनू आनंद समेत कई कलाकार भी हैं। फिल्म 20 नवंबर, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।
इस विवाद के बीच केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) ने स्पष्ट किया है कि फिल्म को अभी प्रमाणन के लिए बोर्ड के पास जमा नहीं किया गया है। यानी फिलहाल फिल्म के प्रमाणन की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।
IMA ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि वह रचनात्मक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करता है, लेकिन इस स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी है। अब देखना होगा कि मंत्रालय इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और फिल्म निर्माता एसोसिएशन की आपत्तियों पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।
ये रहा पत्र…





