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चुनाव आयोग को लेकर “टाइम्स आफ इंडिया” का बड़ा खुलासा!

चुनाव आयोग की चतुराई को अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया ने उजागर कर दिया। पत्रकार हिमांशी दहिया की बायलाइन रिपोर्ट है। इस रिपोर्ट का जो निचोड़ है वह बता रहे हैं पत्रकार पवन सिंह….पढ़िए


पवन सिंह-

चुनाव आयोग के सॉफ्टवेयर में बंगाल के लिए की गयी थी स्पेशल कोडिंग!

‘चर्चाग्राम’ (Charchagram) संस्था के ऑडिट में चुनाव आयोग के पोर्टल ECINET का एक बड़ा खेल सामने आया है।

सॉफ्टवेयर के कोड में खास तौर पर सिर्फ पश्चिम बंगाल के चुनाव अधिकारियों (EROs) के अधिकार छीनने (ब्लॉक करने) के लिए अलग से कोडिंग की गई थी, जबकि देश के बाकी राज्यों के पास पूरे अधिकार थे।

कौन-से 2 मुख्य अधिकार छीने गए?

  1. View Enumeration Form Details Page:

इस पेज पर वोटरों के नाम, ID नंबर, अपलोड किए गए कागजात और BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) की सिफारिशें दर्ज होती हैं।

  1. Notice-and-Hearing Dashboard:

यह डैशबोर्ड वोटर रजिस्ट्रेशन और वोटर लिस्ट में संशोधन से जुड़े नोटिस और सुनवाई के मामलों को ट्रैक करने व प्रोसेस करने के लिए होता है।

सॉफ्टवेयर में कोड कब से था: ऑडिट में पाया गया कि यह फीचर कम से कम 28 सितंबर से मौजूद था और 19 अक्टूबर तक कोड में उपलब्ध पाया गया।

क्या असर पड़ा? इस कोड की वजह से बंगाल के चुनाव अधिकारियों से वोटरों की जानकारी और सुनवाई ट्रैक करने की क्षमता सॉफ्टवेयर के जरिए छीन ली गई थी या सीमित कर दी गई थी।

सिर्फ पश्चिम बंगाल के लिए ही सॉफ्टवेयर में अलग से ऐसी रोक क्यों लगाई गई? ज्ञानेश के पास इसका कोई जवाब है?

New Delhi newspaper article about Bengal-specific ECINET access curbs, with a blue 'Key findings of the audit' infographic.
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