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आज के अखबार : हिन्दी वालों के लिए एक नवंबर की रैली ही ‘खबर’ है, नवोदय टाइम्स ने शाह को भी लपका

Front page of Navodaya Times with a Hindi protests headline and a photo of a man at a podium.

दि एशियन एज में दिल्ली पुलिस के साथ अमित शाह की बैठक लीड है और शीर्षक है, एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन के बीच दिल्ली की सुरक्षा का जायजा लिया। इससे पहले दिलजीत दोसांझ के कार्यक्रम के लिए दिल्ली पुलिस यू टर्न ले चुकी थी। 

संजय कुमार सिंह

आज मेरे चार में से तीन हिन्दी अखबारों की पहली या दूसरी खबर एक नवंबर को होने वाली राम लीला मैदान की रैली है। नवोदय टाइम्स में अमित शाह के हवाले से एक विशेष खबर है जो पहले पन्ने पर अकेली और विशेष रूप से छापी गई खबर है। खबर के अनुसार, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ करीब तीन घंटे तक उच्चस्तरीय बैठक कर राजधानी की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की समीक्षा की। विज्ञापनों और आधी ही जगह में मास्ट हेड के नीचे आज पहले पन्ने पर यह अकेली खबर है। इसका शीर्षक है, प्रदर्शन से न हो परेशानी : शाह। गृहमंत्री का दिल्ली पुलिस मुख्यालय जाना, वहीं बैठक करना मुझे अटपटा लगा।

मैं याद करने की कोशिश कर रहा था कि इससे पहले केंद्रीय गृहमंत्री दिल्ली पुलिस मुख्यालय कब गए होंगे। इसके लिए ज्यादा प्रयास की जरूरत नहीं पड़ी, एक अच्छे विज्ञापन या प्रचार की कॉपी की तरह मुख्य खबर के साथ यह भी बताया गया है, चार साल बाद पुलिस मुख्यालय पहुंचे गृहमंत्री। लोया लुहान देश में एक पूर्व तड़ी पार के लिए मंत्री के रूप में पुलिस मुख्यालय जाकर बैठक करना सत्ता का अलग ही अहसास होगा। खासकर तब जब इसकी रिपोर्टिंग करने वाले संपादक को जेल में रखने की कोशिशें कामयाब चल रही हैं। अखबार के दूसरे पहले पन्ने की लीड का शीर्षक है, एक नवंबर की महारैली पर रार। सिख समाज की भावनाएं आहत करने का आरोप लगाते हुए भाजपा ने घेरा। 

अंग्रेजी अखबारों में टाइम्स ऑफ इंडिया में अमित शाह की दिल्ली पुलिस के साथ बैठक की खबर दो कॉलम में है। शीर्षक है, शाह ने पुलिस मुख्यालय में सुरक्षा की समीक्षा की मुख्यमंत्री भी शामिल हुईं। दि एशियन एज में दिल्ली पुलिस के साथ अमित शाह की बैठक लीड है और शीर्षक है, एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन के बीच दिल्ली की सुरक्षा का जायजा लिया। इससे पहले दिलजीत दोसांझ के कार्यक्रम के लिए दिल्ली पुलिस यू टर्न ले चुकी थी। आज जब हिन्दी के कई अखबारों ने राहुल गांधी से एक नवंबर की रैली टालने की अपील की खबर को महत्व दिया है तब द टेलीग्राफ ने बताया है कि कांग्रेस अपनी रैली में कम से कम 50,000 लोगों की उपस्थिति सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है।

खबर लीड के साथ है और इसका फ्लैग शीर्षक है, (भारतीय जनता) पार्टी ने राहुल गांधी के अभियान की आलोचना करने के लिए सिख भावनाओं का मुद्दा उठाया। भाजपा प्रवक्ता और पूर्व केंद्रीय विधि मंत्री ने एक प्रेस कांफ्रेंस में इस आशय की बात की है। लीड का मुख्य शीर्षक है, वोट चोरी रैली पर भाजपा का ‘दंगाई’ हमला। आज एक सरकारी खबर विश्नोई गिरोह के हिमांशु भाऊ और नीरज फरीदपुरिया को अमेरिका में गिरफ्तार किए जाने और अमेरिका से डिपोर्ट करने की तैयारी जैसी खबर है। यहां यह याद रखा जाना चाहिए कि नीरव मोदी और मेहुल चोकसी जैसे भगोड़ों को अभी तक डिपोर्ट नहीं कराया जा सका है। उनकी खबरें भी पहले पन्ने पर छपती रही हैं।

द हिन्दू में आज कई खास खबर हैं 1) सीबीएफसी डाटा लीक में फिल्म सर्टिफिकेशन रिकार्ड सार्वजनिक हुए 2) अरुणाचल प्रदेश में प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने थाने में आग लगाई, प्रदेश भाजपा प्रमुख के घर में तोड़-फोड़ की। यह खबर दैनिक भास्कर में लीड है।  3) इंडिया ब्लॉक सीईसी की पबलिक इंपीचमेंट कार्यवाही करेगा और 4) कावेरी पैनल ने कर्नाटक से कहा, 3000 क्यूसेक (पानी) तमिलनाडु को जारी करे। इस खबर के अनुसार, कावेरी वॉटर रेगुलेशन कमेटी (सीडब्ल्यूआरसी) ने कर्नाटक को निर्देश दिया है कि वह 24 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से 15 दिनों तक बिलिगुंडलू में हर दिन 3,000 क्यूसेक पानी की सप्लाई पक्का करे। कावेरी वॉटर मैनेजमेंट अथॉरिटी (सीडब्ल्यूएमए) ने अपनी मीटिंग में इस फैसले का समर्थन किया।

अखबार की आज की लीड का शीर्षक है, ईरान ने कसम खाई है कि अगर अमेरिका  ने दोबारा हमला किया तो ‘खतरनाक युद्ध’ होगा।  ईरान का कहना है कि अमेरिका  को फ़ारस की खाड़ी में घुसने नहीं दिया जाएगा और कोई भी हमला इस इलाके के दूसरे देशों की ‘किस्मत तय करेगा’; यह चेतावनी वॉशिंगटन के हमले फिर शुरू करने के कथित प्लान के बीच आई है। इस संदर्भ में खबर और तस्वीर यह भी है कि अमेरिकी नौसेना का एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन 8 अक्टूबर को कैलिफ़ोर्निया के सैन डिएगो में नेवल एयर स्टेशन नॉर्थ आइलैंड पर पहुंचा। हिन्दुस्तान टाइम्स की लीड का शीर्षक है, ईरान की साजिश के डर से अमेरिका ने अपने कर्मचारियों को हटाया; सऊदी ठिकानों पर हमला हुआ।  

इंडियन एक्सप्रेस की लीड कलीबाफ ने दिल्ली दौरा रद्द किया है। खबरों के अनुसार, ईरानी संसद (इस्लामिक कंसल्टेटिव असेंबली) के अध्यक्ष और देश के शीर्ष वार्ताकारों में से एक, डॉ. मोहम्मद-बाकर कलीबाफ (गालिबाफ) ने अपना दौरा रद्द कर दिया है। वे यहां 26-27 अक्टूबर को होने वाले 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच की बैठक में शामिल होने वाले थे। नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने इसके पीछे “अप्रत्याशित परिस्थितियों” का हवाला दिया है। आधिकारिक तौर पर कलीबाफ की गैर-मौजूदगी के बावजूद ईरान का एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल इस बैठक में हिस्सा ले रहा है, जिससे साफ है कि ईरान ब्रिक्स के साथ अपने संबंधों को लेकर प्रतिबद्ध है। हालांकि, अंतिम समय में इस बड़े नेता का दौरा रद्द होने के भू-राजनीतिक और रणनीतिक मायने हैं।

अमर उजाला में पांच कॉलम की लीड का शीर्षक है, व्यापारियों का राहुल को पत्र, एक नवंबर की रैली टालें, 10 हजार करोड़ का होगा नुकसान। दैनिक भास्कर में यह खबर सेकेंड लीड है। शीर्षक है, चैम्बर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री की अपील : राहुल को पत्र – 10 हजार करोड़ के कारोबार पर असर होगा, रैली टालें। कहने की जरूरत नहीं है कि राहुल गांधी ने कोविड से पहले सरकार के लिए सलाह दी थी। याद नहीं है कि तब मीडिया ने कितना महत्व दिया था लेकिन अभी जिस सीटीआई के पत्र को आज इतना महत्व मिला है उसके बारे में कांग्रेस प्रवक्ता और नेता गुरदीप सिंह सप्पल ने कल एक्स पर लिखा था।

“… एक नवंबर की इंडिया गठबंधन की दिल्ली रैली के ख़िलाफ़ चैम्बर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई)की चिट्ठी को लेकर चैनलों और बीजेपी ने जो बवाल काटा हुआ है, वह सीटीआई क़रीब 350 फॉलोवर वाला आम आदमी पार्टी (आम आदमी पार्टी) का व्यापारी संगठन है। ये “चैम्बर” शायद पंजीकृत भी नहीं है। इसकी वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन नंबर, सीआईएन, पैन, 12ए या 80जी का स्टेटस कुछ भी नहीं है। असली ट्रेड चैम्बर फिक्की, सीआईआई, एसोचैम, पीएचडीसीसीआई या सीएआईटी की सदस्यता लिस्ट में इसका कोई ज़िक्र नहीं है। हाँ, इसका  प्रमुख बृजेश गोयल 2019 में आम आदमी पार्टी का लोकसभा उम्मीदवार ज़रूर था। अब वाजिब सवाल यह है कि आप से जुड़ी ये आधारहीन संस्था इंडिया गठबंधन की रैली के ख़िलाफ़ क्यों इस्तेमाल हुई? और बीजेपी इसका इतना बढ़-चढ़ के प्रचार क्यों कर रही है? ”

मुद्दा यह भी है कि मीडिया और सरकार ने सरकार के कामों पर ध्यान दिया होता तो भी अभी तक नुकसान कम होता। वैसे भी, आप जानते हैं कि नोटबंदी से परेशानी की शिकायत ऐसे किसी संगठन ने नहीं की थी। जीएसटी से किसी परेशानी की शिकायत नहीं हुई और जिसने हिम्मत की उसका क्या हुआ। मोदी सरकार में न सिर्फ बैंक बंद हुए, बैंकों का विलय हुआ है, शाखाएं कम (यानी दूर) हो गई हैं। यही स्थिति एटीएम का है। लेकिन किसी व्यापार संगठन को इसे परेशानी होने की खबर हो भी तो मीडिया या भाजपा ने उसे तवज्जो नहीं दी। दुनिया जानती है कि बैंक खातों में न्यूनतम बैलेंस नहीं रखने पर अब जुर्माना वसूला जाता है और बैंकों ने इससे भारी कमाई की है और व्यवसाय करना तो मुश्किल हुआ ही है बैंक खाता रखना भी महंगा हो गया है।

रेल टिकट, आरक्षण और रद्द कराने के नियमों में संशोधन से यात्रियों को भारी नुकसान हो रहा है और रेलवे मोटी कमाई कर रहा है। दिल्ली की प्रदूषित हवा से कितने ही लोगों का स्वास्थ्य खराब हो रहा है जबकि पर्यावरण संरक्षण के नाम पर ऐसे नियम बनाए गए हैं जिनसे गाड़ियां कंडम की जाने लगी हैं। विनटेज कारों का व्यवसाय और शौक चूर हो गया है। फिर भी किसी को परेशानी होने की शिकायत खबर नहीं बनी। पता नहीं शिकायत की गई या नहीं। ना अखबारों ने महत्व दिया ना भाजपा ने उनपर ध्यान दिया। जीएसटी से परेशानी और सुनवाई का पता चुनाव के समय ही चला और वोट लेने के लिए तो वर्षों भारी वसूली करने के बाद दर तक कम कर दी गई और व्यवसायियों से उसका प्रचार करवाया गया या उन्होंने खुद किया पर पहले टैक्स ज्यादा होने की शिकायत नहीं की।

पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने का मामला भी ऐसा ही है लेकिन परेशानी इंडिया गठबंधन  ही है। रैली हो या ई-20 के मिलावट का। एक नवंबर की तारीख से भाजपा की समस्या तो राजनीति है, उसे रहने देता हूं। शायद इन्हीं कारणों से हिन्दी के मेरे चौथे अखबार देशबन्धु में यह खबर पहले पन्ने पर नहीं है। नवभारत टाइम्स में यह खबर पहले पन्ने पर नहीं है। दिल्ली पुलिस के साथ गृहमंत्री की बैठक की फोटो है लेकिन खबर कुछ और है। दैनिक जागरण में विज्ञापन के कारण पहले पन्ने पर दो ही खबर है। इनमें रैली टालने की अपील वाली खबर नहीं है। दैनिक जागरण में पुलिस के साथ बैठक की खबर फोटो के साथ प्रमुखता से है। इसका शीर्षक है, …. अमित शाह ने पुलिस की कार्यशैली को सराहा।

जनसत्ता में भी यह खबर पहले पन्ने पर नहीं है। देशबन्धु की लीड के अनुसार, मतदाता सूची में गड़बड़ियों को लेकर कांग्रेस ने चुनाव आयोग को घेरा और कहा, भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए सुनियोजित साजिश की गई। मुख्य खबर है, वोट चोरी की साजिश का ठीकरा सॉफ्टवेयर पर फोड़ने की कोशिश। इस खबर का सरकारी रूप हिन्दुस्तान टाइम्स में पहले पन्ने पर है। इसका भारत के चुनाव आयोग के हवाले से इस खबर का शीर्षक है, एसआईआर में जिस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया गया है उसका विवरण आरटीआई से मुक्त है। आपने नोट किया होगा कि कांग्रेस को भ्रष्ट कहकर सत्ता में आई नरेन्द्र मोदी की टीम कांग्रेस के दिए आरटीआई कानून से कितना परेशान है। इंडियन एक्सप्रेस में आज दोनों ही सरकारी खबर पहले पन्ने पर नहीं है। अमित शाह और रेखा गुप्ता की फोटो भी नहीं है। एक्सप्रेस स्पेशल में आज सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज न्यायमूर्ति संजय किशन कौल के संस्मरण, विदाउट फीयर और फेवर की चर्चा है। मोटे तौर पर इससे अदालती काम में सरकारी हस्तक्षेप का पता चलता है। 

मैं रोज चार हिन्दी और छह अंग्रेजी, कुल दस, कई बार इससे भी ज्यादा अख़बार देखकर उसकी खास बातें लिखता हूँ। अंग्रेजी की खबरों के खास अंशों का अनुवाद करता हूं। वह भी लिखता हूं जो अखबार नहीं लिखते या नहीं लिख सकते हैं। जो लिखता हूं उसमें बहुत कुछ याद से लिखा होता है। एआई का सहयोग होता है। कुछ अंग्रेजी अखबारों की खबरों का अनुवाद होता है। इसलिये भूल-चूक की आशंका है। कृपया कहीं उल्लेख करने या हवाला देने से पहले अपने स्तर पर पुष्टि कर लें।

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