प्रधानमंत्री का आदर्शवादी बयान प्रमुखता से और वास्तविकता अंदर के पन्ने पर!

अकेले राजस्थान पत्रिका ने दोनों खबरों को एक साथ पहले पन्ने पर छापा है आज के अखबारों में दो खबरें गौरतलब हैं। एक तो लगभग सभी अखबारों में पहले पन्ने पर प्रमुखता से है पर दूसरी खबर सिर्फ राजस्थान पत्रिका में पहले पन्ने पर है। दैनिक जागरण में यह खबर, “विपक्षी दलों को देंगे पूरी …

एक जैसी खबरें एक साथ छापने वाले अखबार डॉक्टर की हड़ताल और मौत की खबर एक साथ नहीं छाप रहे!

बिहार में बच्चों की मौत की खबर एचटी और नभाटा में पहले पन्ने पर, जागरण में लू से मौत की खबर है पश्चिम बंगाल के आंदोलनकारी जूनियर डॉक्टर के समर्थन में आईएमए की अपील पर आज देश भर में चिकित्सकों की हड़ताल है और इंडियन एक्सप्रेस में पहले पन्ने पर प्रकाशित अपील के अनुसार आज …

बिहार में डॉक्टर ड्यूटी पर हैं फिर भी बच्चे ‘चमकी’ और ‘लू’ से मर रहे, अखबारों में खबर गोल

डॉक्टर्स की हड़ताल और उससे जुड़ी खबरों को मिली प्राथमिकता देखिए अब यह बताने और यकीन दिलाने की जरूरत नहीं है कि पश्चिम बंगाल में चिकित्सकों की हड़ताल उनकी मांग और जरूरतों के लिए कम, राजनीति के लिए ज्यादा है। इस बारे में मैं कई दिनों से लिख रहा हूं और मेरे लिखने के केंद्र …

अपराध राजधानी दिल्ली, 12 घंटे में पांच हत्याएं; पहले पन्ने पर खबर गिनती के अखबारों में

इंडियन एक्सप्रेस ने कोलकाता डेटलाइन की तीन एक्सक्लूसिव बाईलाइन खबरें छापी हैं आज के हिन्दुस्तान टाइम्स में पहले पन्ने पर तीन कॉलम में एक खबर प्रमुखता से छपी है। इसका शीर्षक हिन्दी में लिखा जाए तो कुछ इस तरह होगा, “अपराध राजधानी : दिल्ली में 15 घंटे में 4 हमले , 5 हत्याएं”। पश्चिम बंगाल …

पश्चिम बंगाल में खराब कानून व्यवस्था : दिल्ली में आंदोलन – मौके की रिपोर्ट – समझिए

पहले पन्ने की खबरों के चयन का एंटायर पॉलिटिकल साइंस दिल्ली के अखबारों में आज पहले पन्ने पर खबर है कि पश्चिम बंगाल में जूनियर डॉक्टर के आंदोलन के समर्थन में दिल्ली के डॉक्टर हड़ताल करेंगे। यह हड़ताल क्यों हुई और वास्तविक स्थिति क्या है यह पाठकों को ना बताया जाएगा ना उनकी दिलचस्पी होगी …

मानना पड़ेगा ‘इंडियन एक्सप्रेस’ अब भी सत्ता विरोधी है, देखें ये खबर

मैंने तय किया था कि अपनी तमाम उपलब्धियों के लिए दोबारा सत्ता में आई सरकार के काम-काज पर नजर रखना छोड़ दिया जाए। मैंने मान लिया था कि सरकार से मेरी अपेक्षाएं अलग हैं और आम जनता की अलग। इसलिए उसमें दिमाग खराब नहीं करूंगा। 12 आयकर अधिकारियों को जबरन हटाए जाने की खबर मैंने …

टप्पल की दरिंदगी पर अखबारों की खबरें और शीर्षक देखिए

फिर कठुआ के ऐसे ही एक मामले में अदालत के फैसले की रिपोर्टिंग पर गौर कीजिए आज मैं एक जैसे दो मामलों में अखबारों के शीर्षक पेश कर रहा हूं। कल अलीगढ़ में मासूम की हत्‍या पर अलीगढ़ के पास टपप्ल में उबाल की खबर थी। कातिलों को फांसी देने और जिन्दा जलाने की मांग …

टप्पल की घटना को अखबारों ने कैसे कवर किया, जानें

गुस्सा सिर्फ टप्पल की घटना पर क्यों हैं? दूसरे बलात्कारियों को फांसी और जलाने की मांग क्यों नहीं? वैसे तो मुझे आज पश्चिम बंगाल में भाजपा की राजनीति और अखबारों में उसकी पर रिपोर्टिंग पर लिखना चाहिए लेकिन यह मामला अभी कुछ दिन चलेगा और उसपर लिखने का मौका फिर मिलेगा। पर अलीगढ़ के टप्पल …

दैनिक जागरण में आज एक चौंकाने वाली खबर लीड है

दैनिक जागरण में आज एक चौंकाने वाली खबर लीड है। मुझे किसी और अखबार में यह खबर पहले पन्ने पर इतनी प्रमुखता से छपी नहीं दिखी। खबर का शीर्षक है, सवा लाख अपात्र लोगों के खातों से पीएम किसान योजना का पैसा वापस। यहां सवाल उठता है कि अपात्र लोगों के खातों में पैसा गया …

नीति निर्माण का नेहरूवादी फर्मा हटाना और अब नीति आयोग की ‘निरर्थक’ बैठक

हिन्दुस्तान की ‘खबर’ से क्या आप इस मामले को समझ पाएंगे? द टेलीग्राफ की खबर, “नई सरकार में सिंहासनों का खेल” की चर्चा करते हुए मैंने कल लिखा था, इसके साथ दो कॉलम की दो खबरें हैं। …. दूसरी खबर, नीति आयोग में मंत्री ज्यादा – किसी अखबार में नहीं दिखी। नीति आयोग की खबर …

खबर को खबर की तरह छापने से भी परहेज करते हैं अखबार

अमित शाह को सरकार में नंबर टू बनाने का इशारा अखबार समझ नहीं रहे या बता नहीं रहे? मैंने कल लिखा था कि अंग्रेजी और हिन्दी के ज्यादातर अखबारों ने रोजगार और विकास में तेजी लाने के लिए दो समितियां बनाने की सरकारी खबर को लीड बनाया है। आज के अखबारों में खबर है कि …

मंदी और बेकारी से चिंतित सरकार ने समिति बनाई, अखबारों ने फैला दिया पर इलेक्टोरल बांड पर सन्नाटा!

जागरण ने लिखा, शायद पहली बार … हिन्दुस्तान की नजर में मोदी मोर्चे पर ! आज के अखबारों में कोई बड़ी खबर नहीं है। द टेलीग्राफ, इंडियन एक्सप्रेस में उनकी अपनी एक्सक्लूसिव खबरें हैं पर सरकारी खबरों में लीड बनाने लायक कोई खास खबर न होने से अंग्रेजी और हिन्दी के ज्यादातर अखबारों ने रोजगार …

अखबारों को नई शिक्षा नीति के पुराने मसौदे की खबर ही नहीं मिली

सपा-बसपा की खबर आज भी प्रमुखता से है पर बिहार में भाजपा और नीतिश का मामला? आज हिन्दुस्तान में पहले पन्ने पर स्कंद विवेक धर की एक खबर है, “चूक : हिंदी नहीं थी अनिवार्य अपलोड हुआ था पुराना मसौदा”। कल मैंने लिखा था कि अनिवार्य हिंदी शिक्षण पर मोदी सरकार के पहले यू-टर्न की …

ज्यादातर अखबार खबर खा गए, अटकल को खबर बना परोसा

सपा-बसपा गठजोड़ पर अटकल, हिन्दी और प्रज्ञा ठाकुर से संबंधित खबर और हमारी पत्रकारिता वैसे तो आज नई शिक्षा नीति के संशोधित मसौदे से हिन्दी का उपबंध हटाए जाने की खबर हिन्दी अखबारों के लिए बड़ी खबर होनी चाहिए थी। अंग्रेजी अखबार द टेलीग्राफ ने इसे लीड बनाया है। इंडियन एक्सप्रेस में पहले पन्ने पर …

अखबारों ने नहीं बताया कि पाकिस्तान ने जो किया वह जैसे को तैसा है

आज के अखबारों में ‘भारत की इफ्तार पार्टी में पाकिस्तान ने मेहमानों को रोका, सुरक्षा के नाम पर मेहमानों से बदसुलूकी की गई और भारत ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई’ जैसी खबर प्रमुखता से छपी है। इंडियन एक्सप्रेस ने इस खबर के साथ ‘एक्सप्लेन्ड’ में बताया है कि यह ‘जैसे को तैसा’ वाली कार्रवाई …

भक्ति मोड में ‘इंडियन एक्सप्रेस’!

इमरान खान ने फोन करके प्रधानमंत्री को बधाई दी। इमरान खान की ओर से तो यह एक औपचारिकता है पर चुनाव प्रचार के दौरान जो स्थितियां बनीं थीं उसके मद्देनजर एक महत्वपूर्ण खबर है। खबर एनडीटीवी डॉट कॉम के अनुसार, इमरान खान ने नरेंद्र मोदी को फोन कर बात की और दोनों देशों के लोगों …

संविधान रक्षा की शपथ की यह खबर और अखबारों में क्यों नहीं है?

आज पढ़िए पहले पन्ने की कुछ खास खबरें आज दैनिक भास्कर में प्रधानमंत्री की दो तस्वीरें हैं – एक 2014 की जब उन्होंने पहली बार संसद पहुंचने पर सीढ़ियों पर माथा टेका था। अखबार ने बताया है कि कल उन्होंने संविधान को नमन किया। इसकी फोटो भी है। अखबार ने इन फोटुओं का शीर्षक लगाया …

क्या यह एक हादसे की खबर का राजनीतिक हो जाना नहीं है!

सूरत में मरने वाले 21 में से 18 लड़कियां हैं – किस अखबार ने प्रमुखता दी? टाइम्स ऑफ इंडिया ने सूरत की खबर के शीर्षक में बताया है कि आग लगने से मरने वाले 19 बच्चों में 16 लड़कियां हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया ने ही अपनी एक खबर में बताया है कि बीजू जनता दल …

ईवीएम के समर्थन में चुनाव आयोग ने जो लीपा-पोता

आज मैं कुछ लंबा-चौड़ा या भारी-भरकम लिखूं तो पढ़ेगा कौन? इसलिए द टेलीग्राफ की एक खबर का अनुवाद कर दिया। इससे पता चलता है कि जिस चुनाव नतीजे का हम इंतजार कर रहे हैं उसे कराने वाली ईवीएम के बारे में उठने वाली शंकाओं को दूर करने के लिए चुनाव आयोग ने क्या किया। हिन्दी …

छह खबरें और छत्तीस डिसप्ले, इसमें पत्रकारिता कहां है?

इसके बावजूद बच्चों को पढ़ाई जाती है पत्रकारिता आज के अखबारों में पहले पन्ने पर तीन राजनीतिक खबरें हैं जो निर्विवाद रूप से पहले पन्ने की है। इनमें पहला ईवीएम का मामला, दूसरा चुनाव आयोग का फैसला कि वे विरोध की आवाज को बहुमत से दबाते रहेंगे और तीसरा राजग सहयोगियों के लिए भाजपा का …

ईवीएम स्ट्रांगरूम में 12 ईवीएम बाद में रखा जाना साधारण बात नहीं है!

सारण और महाराजगंज लोकसभा क्षेत्र का मामला सोशल मीडिया पर कल शाम (20 मई 19) एक खबर तेजी से फैली कि बिहार के सारण (छपरा) और महाराजगंज लोकसभा क्षेत्र के (ईवीएम) स्ट्रांगरूम के आस-पास ईवीएम से लदी एक गाड़ी पकड़ी गई है। आरोप था कि इसे स्ट्रांग रूम में ले जाने की कोशिश की जा …

ईवीएम और वीवीपैट पर्चियों की गिनती अलग हो तो क्या होगा, मामला स्पष्ट नहीं और खबर भी गोल है!

ईवीएम में सुधार की मांग से भाजपा क्यों घबड़ा जाती है और खबर क्यों दब जाती है? मतदान, एग्जिट पोल के नतीजों और मतगणना के बीच आज ईवीएम की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। कल सोशल मीडिया पर कई खबरें रहीं और आज के अखबारों में (राजस्थान पत्रिका में पहले पन्ने पर) यह खबर है कि …

राजग को 300 सीटें आ भी जाएं तो कैसे आईं, ये कौन बताएगा?

आज के अखबारों में टेलीविजन चैनल के एक्जिट पोल के हवाले से यही खबर है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वापस सरकार बना लेंगे। इंडियन एक्सप्रेस का बैनर शीर्षक है, सभी एक्जिट पोल राजग की वापसी का संकेत दे रहे हैं। अटकल खबर नहीं होती पर उसे बैनर बना दिया जाए तो हम आप क्या कर …

एक्जिट पोल क्या इसीलिए हैं?

टॉप करने वाला बच्चा फेल कर जाए तो आत्महत्या कर लेता है। अचानक किसी अनहोनी की सूचना मिले तो हार्ट फेल हो जाता है। ऐसे में 100 सीट की उम्मीद करने वाले को 300 सीट मिलने की सूचना मिले और ऐसे लाखों लोग हों तो वो क्या करेंगे इसकी कल्पना नहीं की जा सकती है। …

टेलीग्राफ को छोड़ किसी अखबार ने केदार यात्रा को चुनावी तीर्थ बताने की हिम्मत नहीं की

आज के लगभग सभी अखबारों में पहले पन्ने पर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की फोटो छपी है जो गेरुआ वस्त्र पहने पांच मीटर लंबी और तीन मीटर चौड़ी ध्यान गुफा में हैं। अंग्रेजी दैनिक द टेलीग्राफ ने इस बारे में बताया है कि एएनआई ने यह तस्वीर ट्वीट की और लिखा, (अंग्रेजी से अनुवाद …

“पूर्व तड़ीपार” अध्यक्ष और हर हफ्ते हाजिरी लगाने वाली उम्मीदवार !

राष्ट्रवादी पार्टी का दावा भगवा आंतकवाद के खिलाफ सत्याग्रह का आज के अखबारों से क्या आपको पता चला कि मालेगांव ब्लास्ट केस में भाजपा उम्मीदवार प्रज्ञा ठाकुर को हर हफ्ते कोर्ट में हाजिरी लगानी पड़ेगी। अदालत ने यह आदेश दिया है और पहली तारीख 20 मई को ही है। वैसे तो मैं किसी व्यक्ति को …

प्रमुख खबरें छोड़कर बंगाल चुनाव, ममता पर आरोप पहले पन्ने को घेरे हुए हैं

दिल्ली के अखबारों में बंगाल का चुनाव छाया हुआ है। 12 मई को छठे चरण के मतदान के बाद बाकी बची 59 सीटों के लिए मतदान 19 मई को है। छठे चरण में पश्चिम बंगाल की आठ सीटें थीं। इस बार नौ सीटों के लिए मतदान है। 2014 में ये नौ सीटें टीएमसी ने जीती …

आज के ज्यादातर अखबारों ने साबित किया, नाम बड़े दर्शन छोटे

कोलकाता की घटना को दिल्ली के अखबारों में ज्यादा महत्व दिए जाने पर मैंने कल लिखा था। आज भी उसका असर दिल्ली के अखबारों में है। आज ये नहीं कहा जा सकता कि मामला सिर्फ कोलकाता का रह गया है। चुनाव आयोग का फैसला है, अंतिम चरण के चुनाव की खबर है, पहली बार हुई …

अमित शाह के रोड शो में हिंसा का सच – जनसत्ता और राजस्थान पत्रिका के हवाले से

आज दिल्ली के अखबारों में आपने पढ़ा कि कोलकाता में भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान तृणमूल कार्यकर्ताओं ने हिंसा की – इस कारण रैली नहीं हो पाई। इसपर भाजपा ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री, पुलिस और तृणमूल कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत की है और तृणमूल पार्टी ने भाजपा …

भाजपाइयों की तोड़फोड़ को तृणमूल कार्यकर्ताओं से झड़प बताते दिल्ली के अखबार!

आज के अखबारों में भाजपा से जुड़ी दो खबरें हैं और दोनों गौर करने लायक हैं। पहली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की फोटो का मीम शेयर करने के लिए गिरफ्तार प्रियंका शर्मा को सुप्रीम कोर्ट ने जमानत पर रिहा करने का आदेश है। इस मामले को अखबारों में एक जीत की तरह पेश …