बेंगलुरु: कर्नाटक की एक अदालत ने कन्नड़ न्यूज चैनल BTV News को कर्नाटक बैंक को एक लाख रुपये हर्जाना देने का आदेश दिया है। अदालत ने चैनल को सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और बैंक तथा उसके अधिकारियों के खिलाफ इस मामले से जुड़े मानहानिकारक बयान दोबारा प्रसारित नहीं करने का भी निर्देश दिया है।
बेंगलुरु के अतिरिक्त सिटी सिविल एवं सेशंस जज आरवाई शशिधर ने 1 अक्टूबर को यह फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि चैनल ने भरोसेमंद स्रोतों से जानकारी की पुष्टि किए बिना बैंक के खिलाफ आरोप प्रसारित किए। अदालत के मुताबिक, चैनल ने भारतीय प्रेस परिषद की ओर से तय पत्रकारिता के आचरण संबंधी नियमों और नैतिक मानकों का पालन नहीं किया।
यह मामला कर्नाटक बैंक के तत्कालीन प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीकृष्णन हरि हरा शर्मा के इस्तीफे के बाद शुरू हुआ था। उन्होंने 29 जून 2025 को पद से इस्तीफा दिया था। बैंक के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 के ऑडिट में सामने आया था कि शर्मा ने सलाहकारों और अन्य राजस्व खर्चों पर अपने अधिकारों से अधिक 1.16 करोड़ रुपये खर्च किए थे। इसके बाद बैंक के बोर्ड ने ऑडिट रिपोर्ट पर विचार किया और संबंधित राशि की वसूली की सिफारिश की। बैंक ने 14 मई 2025 को इस घटनाक्रम की जानकारी नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को दी थी। बाद में शर्मा ने व्यक्तिगत कारणों और मुंबई स्थानांतरित होने की इच्छा का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया।
कर्नाटक बैंक ने आरोप लगाया कि BTV News ने इस घटनाक्रम को लेकर बिना पुष्टि किए कई ऐसी खबरें प्रसारित कीं, जिनसे बैंक की छवि खराब हुई। बैंक के अनुसार, चैनल ने उसकी वित्तीय स्थिति, आंतरिक कामकाज और ग्राहकों की जमा राशि की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए। प्रसारण में कथित तौर पर वित्तीय गड़बड़ियों और बैंक के निदेशकों के बीच विवाद की बातें भी कही गईं। चैनल ने ग्राहकों को बैंक में खाता खोलने से पहले सावधानी बरतने की सलाह भी दी थी।
बैंक का कहना था कि इन खबरों से जमाकर्ताओं और निवेशकों के बीच चिंता पैदा हुई और बैंक के अधिकारियों को कई सवालों के जवाब देने पड़े। बैंक ने यह भी दावा किया कि प्रसारण के बाद उसके शेयर की कीमत में गिरावट आई। बैंक के मुताबिक, 26 जून 2025 को कारोबार बंद होने के समय उसके शेयर की कीमत करीब 207 रुपये थी। हालांकि, शेयर की कीमत में गिरावट का यह आंकड़ा बैंक की ओर से अदालत में किया गया दावा था।
कर्नाटक बैंक ने 30 जून 2025 को BTV News के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। बैंक ने एक लाख रुपये हर्जाना देने, सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और भविष्य में इस मामले से जुड़े मानहानिकारक प्रसारणों पर रोक लगाने की मांग की थी।
मामले की सुनवाई के दौरान BTV News समन मिलने के बावजूद अदालत में पेश नहीं हुआ। इसके बाद अदालत ने चैनल की अनुपस्थिति में सुनवाई आगे बढ़ाई। अदालत ने बैंक के मुख्य कारोबार अधिकारी चंद्रशेखर की गवाही, ऑडिट किए गए वित्तीय विवरण, तत्कालीन एमडी के इस्तीफे के पत्र और संबंधित टीवी प्रसारणों की तस्वीरों व सीडी की जांच की।
इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने माना कि चैनल ने बैंक के प्रबंधन से विश्वसनीय जानकारी हासिल किए बिना आरोप प्रसारित किए। अदालत के मुताबिक, इन खबरों से बैंक की प्रतिष्ठा और कारोबारी हितों को नुकसान पहुंचा।
इसी आधार पर अदालत ने BTV News को कर्नाटक बैंक को एक लाख रुपये हर्जाना देने का आदेश दिया। साथ ही, चैनल को सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और बैंक तथा उसके अधिकारियों के खिलाफ इस विवाद से जुड़े मानहानिकारक बयान दोबारा प्रकाशित या प्रसारित करने से स्थायी रूप से रोक दिया।


