अत्यंत दुखद। मुरादाबाद के वरिष्ठ पत्रकार नरेश भारद्वाज नहीं रहे। गत दिवस उनका आकस्मिक निधन हो गया। नरेश जी हमारे पुराने पत्रकार साथी थे। मुरादाबाद मे हमने एक समय साथ साथ पत्रकारिता की। वे उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ़ जर्नलिस्ट की प्रदेश कार्यकारिणी मे प्रदेश मंत्री और मण्डल संयोजक रहे। इसके पूर्व उपजा मे भी साथ कार्य किया। उनके निधन से पत्रकारिता और पत्रकार संगठन की बड़ी क्षति हुई है। ईश्वर से प्रार्थना है की उनकी आत्मा को सदगति प्रदान करें। उनके परिवार को इस कष्ट को सहने की क्षमता प्रदान करें। ॐ शांति।
दुर्ग सिंह राजपुरोहित-
अलविदा दोस्त प्रवीण बोथरा…

प्रिय प्रवीण बोथरा, संपादक, बाड़मेर लाइव समाचार के बीती रात निधन की ख़बर ने भीतर तक झकझोर दिया।
अस्पताल पहुँचा तो निर्जीव देह देख आँखें भर आईं।
हमारी पत्रकारिता लगभग साथ-साथ शुरू हुई थी। पहली मुलाक़ात आज से 22 वर्ष पहले हाई स्कूल मैदान में एक योग शिविर की कवरेज के दौरान हुई थी। तब कहाँ पता था कि एक मुलाक़ात से शुरू हुआ यह सफ़र दो दशकों की दोस्ती, अनगिनत यादों और खट्टी-मीठी बातों का गवाह बनेगा।
इन बरसों में हमने पत्रकारिता के उतार-चढ़ाव देखे, साथ वक्त बिताया, हँसे, बहसें कीं और न जाने कितनी यादें समेटीं। समय बीतता गया, लेकिन कुछ रिश्ते पेशे से आगे बढ़कर ज़िंदगी का हिस्सा बन जाते हैं। तुम उन्हीं रिश्तों में से एक थे, प्रवीण।
आज तुम चले गए। पीछे छोड़ गए अपनी परिवार, जीवनसंगिनी और मासूम बच्चों को। यह सोचकर मन और भारी हो जाता है कि जिन बच्चों के सिर पर तुम्हारा साया होना चाहिए था, उन्हें इतनी कम उम्र में तुम्हारे बिना जीना पड़ेगा।
दोस्त, तुम्हारे जाने से सिर्फ़ एक पत्रकार नहीं, दो दशक पुराना एक साथी बिछड़ गया है। तुम्हारी आवाज़, तुम्हारी बातें और साथ बिताए वे तमाम लम्हे अब यादों में ही मिलेंगे।
कुछ विदाइयाँ ऐसी होती हैं, जिन्हें मन स्वीकार नहीं कर पाता।
ईश्वर तुम्हारी आत्मा को शांति दे और तुम्हारे परिवार को इस असहनीय दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करे।
श्रद्धांजलि दोस्त… तुम बहुत याद आओगे, प्रवीण।



