राजस्थान में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के स्कूल निरीक्षण अभियान के बीच सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति का मुद्दा सामने आया है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान सरकार ने माना है कि राज्य में 611 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जिनके पास अपना कोई भवन नहीं है। यह आंकड़ा सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर बड़े सवाल खड़े करता है। CJP के निरीक्षणों के दौरान सामने आ रही जमीनी तस्वीरों के बीच अब विपक्ष और सरकार के सामने यह सवाल है कि जब बच्चों को पढ़ाने के लिए स्कूल भवन तक नहीं हैं, तो सरकारी शिक्षा व्यवस्था के दावों की हकीकत क्या है?
सुरेश चिपलुनकर-
अगर काकरोच, राजस्थान के उस स्कूल में न गए होते… तो क्या सरकार ये बात किसी को पता चलने देती?? अब अच्छा हंगामा हो गया, और “स्कूल ठीक करो” अभियान जोर पकड़ने लगा है तो शर्म के मारे राजस्थान सरकार को मानना पड़ा कि 611 स्कूलों के पास छत ही नहीं है…
हालांकि अभी भी सरकार ने ये नहीं बताया कि कितने स्कूलों में टॉयलेट नहीं है, कितने स्कूलों में पीने का पानी नहीं है, कितने स्कूलों तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं है, कितने स्कूलों में बिजली नहीं है… अगर ये आंकड़े सामने आ जाएं, तो Gen अल्फ़ा वाले इनकी हालत खराब करना शुरू कर देंगे..
सरकारी चाटुकार सवाल उठा रहे हैं कि काकरोच किस हैसियत से सरकारी स्कूलों का निरीक्षण करने जा रहे हैं? तो उसका जवाब एकदम सिंपल है, कि स्कूल सरकारी है, किसी का पर्सनल नहीं है… सरकार को पत्र लिखते हैं, तो जवाब नहीं देते.. RTI मे पूछो तो कूड़े में डाल देते हो.. तो आखिर किसी न किसी को तो आवाज उठाना है…
सरकार तो ha राम khori की स्कीम्स में करोड़ों रुपए लुटा रही है, उसे स्कूलों की परवाह नहीं है… इसके बावजूद भाजपाई मजदूर,, सीजेपी को गालियाँ दे रहे हैं… यानी खुद कुछ करेंगे नहीं, दूसरे को करने नहीं देंगे… बेशर्म कहीं के..
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