यशवंत सिंह-
विदेश मुद्रा बचाने के किए चीनी से एथनॉल बनाया फिर एथनाल को पेट्रोल में मिलाया, अब उसी बची हुई विदेशी मुद्रा से चीनी आयात करने का आदेश दे दिया है!
चीनी महँगी, एथनॉल सस्ता… विकास का नया घोल!
पहले गन्ने से चीनी बनती थी, फिर समझदार सरकार ने कहा- भाई, चीनी छोड़ो, एथनॉल बनाओ।
लगभग 30 लाख टन चीनी के बराबर गन्ना एथनॉल के हवाले कर दिया गया।
तर्क बड़ा राष्ट्रवादी था- एथनॉल से विदेशी मुद्रा बचेगी।
अब अगर चीनी कम पड़ गई और चीनी महँगी हो गई तो चिंता किस बात की?
विदेशी मुद्रा बचाकर रखी ही किसलिए थी? अब उसी बची हुई विदेशी मुद्रा से विदेश से चीनी मँगाइए!
यानी पहले गन्ने से चीनी हटाकर एथनॉल बनाओ, फिर एथनॉल से विदेशी मुद्रा बचाओ, फिर उस विदेशी मुद्रा से वही चीनी विदेश से खरीदो जो देश में गन्ने से बन सकती थी।
इसे कहते हैं आत्मनिर्भरता का ऐसा (दुश)चक्र, जिसमें घूमते-घूमते देश फिर वहीं पहुँच जाए जहाँ से चला था!
कल को शायद गेहूँ से पेट्रोल बनाने का अभियान चले और फिर पेट्रोल से बची विदेशी मुद्रा से विदेश से आटा मँगाया जाए।
वाह रे मोदी जी के मास्टरस्ट्रोक!
(तस्वीर में बरम बाबा के हनुमान मंदिर के बाबा मोबाइल में लीन)
अंधभक्त उतना ही दिमाग़ लगाते हैं जितना उनके आका (आई टी सेल वाले) पढ़ाते हैं। मोदी सरकार की सुगर पालिसी में मोटे अक्षरों में दर्ज है, डायरेक्ट गन्ने से भी एथनॉल बनाया जाएगा।
सुगर पालिसी के एक पन्ने का स्क्रीनशॉट अटैच कर रहा हूँ। इस दस्तावेज़ में साफ लिखा है कि सरकार ने sugarcane juice (गन्ने का रस), sugar syrup और sugar से एथनॉल बनाने की अनुमति दी है।

टेक्स्ट में यह वाक्य है:
“the Government has also allowed production of ethanol from B-Heavy Molasses, sugarcane juice, sugar syrup and sugar.”
और नीचे टेबल में भी पहला फीडस्टॉक लिखा है: Sugarcane juice/sugar/sugar syrup
यानी डायरेक्ट गन्ने के रस से एथनॉल बनाने की बात इसमें शामिल है। यही वजह है कि जिस गन्ने से चीनी बनाया जाना चाहिए, उससे एथनॉल बना दिया गया और चीनी दाम बढ़ने पर अब चीनी आयात के लिए उसी विदेशी मुद्रा को खर्च किया जा रहा है जिसे एथनॉल बनाकर पेट्रोल में मिलाते हुए पेट्रोल आयात कम करने के नाम पर बचाया गया था।
गन्ने से एथनॉल, एथनॉल को पेट्रोल में मिलाया और तेल ख़रीद का विदेशी मुद्रा बचाया!
गन्ने से एथनाल निर्माण से चीनी की कमी, विदेशी मुद्रा देकर चीनी आयात किया!
मास्टरस्ट्रोक मोदी! बस इतनी ही बुद्धि है मोदी सरकार में!


