नई दिल्ली। दूरदर्शन को नया महानिदेशक मिल गया है। भारतीय सूचना सेवा (IIS) की वरिष्ठ अधिकारी रीना सोनोवाल कौली को दूरदर्शन का नया महानिदेशक (Director General) नियुक्त किया गया है। 1994 बैच की अधिकारी कौली के पास केंद्र सरकार के अलग-अलग विभागों में काम करने का लंबा प्रशासनिक अनुभव है।
कौली की नियुक्ति सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से उन्हें चयन ग्रेड (Selection Grade) में पदोन्नति दिए जाने के बाद हुई है। यह पद भारतीय सूचना सेवा में महानिदेशक स्तर के समकक्ष माना जाता है। विभागीय पदोन्नति समिति की सिफारिशों और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) की मंजूरी के बाद उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सरकारी आदेश के मुताबिक, 29 जुलाई 2026 को जारी आदेश के तहत कौली को वेतन स्तर-15 में दूरदर्शन, नई दिल्ली के महानिदेशक पद पर नियुक्त किया गया है। उनकी नियुक्ति 1 अगस्त 2026 या उसके बाद कार्यभार संभालने की तारीख से प्रभावी मानी जाएगी।
दूरदर्शन की कमान संभालने से पहले रीना सोनोवाल कौली उच्च शिक्षा मंत्रालय में संयुक्त सचिव के तौर पर प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत थीं। इससे पहले वह भारतीय सूचना सेवा में वरिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड के पद पर काम कर चुकी हैं, जो अतिरिक्त महानिदेशक स्तर के समकक्ष माना जाता है। इसके बाद उन्हें महानिदेशक स्तर पर पदोन्नति मिली।
दूरदर्शन ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कौली की नियुक्ति की पुष्टि करते हुए उनका संगठन में स्वागत किया। प्रसारक ने उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में दूरदर्शन को और मजबूत करने, उसकी पहुंच का विस्तार करने और देशभर के दर्शकों के साथ जुड़ाव को बेहतर बनाने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा।
बदलते मीडिया दौर में बड़ी जिम्मेदारी
रीना सोनोवाल कौली की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब सार्वजनिक प्रसारक के सामने पारंपरिक टेलीविजन के साथ-साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और ऑनलाइन वीडियो के दौर में अपनी प्रासंगिकता बनाए रखने की चुनौती है। ऐसे में केंद्र सरकार के अलग-अलग विभागों में काम करने का कौली का प्रशासनिक अनुभव दूरदर्शन की आगे की रणनीति में अहम भूमिका निभा सकता है।
महानिदेशक के तौर पर कौली दूरदर्शन के संचालन के साथ-साथ उसकी रणनीतिक दिशा की भी जिम्मेदारी संभालेंगी। उनके सामने देशभर में दूरदर्शन की पहुंच को और मजबूत करने, दर्शकों की बदलती जरूरतों के मुताबिक कंटेंट और प्लेटफॉर्म रणनीति को आगे बढ़ाने तथा सार्वजनिक सेवा प्रसारण की भूमिका को मजबूत बनाए रखने की चुनौती होगी।


