रायपुर। राजधानी पत्रकार गृह निर्माण सहकारी समिति, रायपुर में वित्तीय अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोपों के चलते अध्यक्ष प्रेम पाठक और उनकी संचालक मंडल टीम पर बड़ी कार्रवाई की है।
सहकारिता विभाग की जांच में समिति की राशि के भुगतान में अनियमितता, धन के दुरुपयोग तथा अनधिकृत व्यक्तियों एवं संस्थाओं को भुगतान/अंतरण की पुष्टि हुई। इसके बाद सरकार ने 14 अगस्त 2026 को संचालक मंडल को भंग कर समिति का संचालन प्रशासक को सौंप दिया।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि समिति के बैंक खातों से कई संदिग्ध लेन-देन किए गए। रिकॉर्ड के अनुसार समिति की राशि का भुगतान सीधे CIMT हॉस्पिटल के खाते में किया गया, जो कि दनसिंह देवांगन से जुड़ा हुआ संस्थान बताया गया है। उल्लेखनीय है कि दनसिंह देवांगन स्वयं राजधानी पत्रकार गृह निर्माण सहकारी समिति के बैंक साइनिंग अथॉरिटी में शामिल थे, जिससे हितों के टकराव और वित्तीय पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। जाँच में यह पता चला कि समिति के खाते से अध्यक्ष के रिश्तेदारों को पैसे मिले।
आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह जांच सदस्य सुनील नामदेव की शिकायत पर शुरू की गई थी, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच रिपोर्ट में पाया गया कि समिति की राशि का भुगतान निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना किया गया, जिससे समिति को आर्थिक नुकसान हुआ। साथ ही यह भी सामने आया कि वार्षिक आमसभा नियमों के अनुसार आयोजित नहीं की गई, पंजीकृत पते में बिना प्रक्रिया के बदलाव किया गया तथा आवश्यक अभिलेखों का समुचित संधारण नहीं किया गया।
सरकार ने संचालक मंडल के सभी सदस्यों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। पूर्व उपाध्यक्ष सुनीता तिवारी ने अपने जवाब में बताया कि अध्यक्ष प्रेम पाठक द्वारा कथित रूप से भ्रष्टाचार का पूरा षड्यंत्र रचा गया है और उन्होंने तत्काल प्रभाव से संचालक मंडल को भंग करने की मांग की। विभाग ने उनके जवाब को गंभीरता से लेते हुए रिकॉर्ड में शामिल किया, हालांकि अंतिम निर्णय जांच निष्कर्षों के आधार पर लिया गया।


वहीं अध्यक्ष प्रेम पाठक को भी जवाब देने का अवसर दिया गया, लेकिन उन्होंने निर्धारित समय में जवाब देने के बजाय अतिरिक्त समय की मांग की। सरकार ने उन्हें समय देने से इनकार कर दिया और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की गई।
सहकारिता विभाग ने अपने आदेश में कहा कि संचालक मंडल ने अपने वैधानिक दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही और कर्तव्यों के प्रति उदासीनता बरती है। इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम की धारा 49(8) के तहत वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक आकांक्षा यादव को प्रशासक नियुक्त किया गया है। उन्हें छह माह के भीतर नए संचालक मंडल के चुनाव की प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं।
देखें आदेश…





