भुवनेश्वर: ओडिशा के बोलांगीर जिले के एक कारोबारी के कथित अपहरण और उससे 50 लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले में पुलिस ने एक महिला सब-इंस्पेक्टर (SI) और एक पत्रकार समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, होटल कारोबारी नरेंद्र साहू (62) को 14 अगस्त को बंदूक की नोक पर कथित तौर पर अगवा किया गया और बोलांगीर से भुवनेश्वर लाकर खंडागिरी थाना क्षेत्र के एक होटल में बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उनके साथ मारपीट भी की गई।
पुलिस ने बताया कि नरेंद्र साहू 14 अगस्त को घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। उनका मोबाइल फोन भी बंद मिला। इसके बाद परिवार ने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस ने CCTV फुटेज खंगाले तो पता चला कि नरेंद्र की गाड़ी भुवनेश्वर की ओर जा रही थी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 15 अगस्त को उन्हें सुरक्षित बरामद कर लिया।
बंदूक के साथ फोटो खिंचवाकर बनाया वीडियो
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी क्षितीश चंद्र साहू और उसके साथियों ने कथित तौर पर नरेंद्र साहू को अगवा कर भुवनेश्वर लाया था। आरोप है कि वहां उनके साथ मारपीट की गई और एक पिस्तौल के साथ ऐसी तस्वीर और वीडियो बनाने के लिए मजबूर किया गया, जिसमें ऐसा लगे कि नरेंद्र ने खुद क्षितीश का अपहरण किया है।
पुलिस के मुताबिक, इस वीडियो का इस्तेमाल नरेंद्र साहू को ब्लैकमेल करने और उनसे 50 लाख रुपये की फिरौती मांगने के लिए किया गया।
महिला SI पर भी साजिश में शामिल होने का आरोप
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी क्षितीश की बहन स्नेहमंजरी साहू भी इस कथित साजिश में शामिल थी। वह खंडागिरी थाने में पुलिस सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात है।
पुलिस का आरोप है कि स्नेहमंजरी के प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए थाने के परिसर का भी कथित तौर पर दुरुपयोग किया गया। बोलांगीर के SP अभिलाष जी ने बताया कि आरोपी SI ने कारोबारी को धमकी दी थी कि अगर उसने 24 घंटे के भीतर 50 लाख रुपये नहीं दिए, तो उसके खिलाफ फर्जी आपराधिक मामला दर्ज कर दिया जाएगा।
पत्रकार ने खुद को पुलिस अधिकारी बताया
इस मामले में भुवनेश्वर के पत्रकार संजय जेना को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के मुताबिक, संजय जेना का स्नेहमंजरी साहू से करीबी संबंध है।
आरोप है कि जेना ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर नरेंद्र साहू को 15 अगस्त को खंडागिरी थाने तक पहुंचाया। पुलिस के अनुसार, क्षितीश और उसके सहयोगी संजीव बेहरा बाद में थाने में नरेंद्र के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराने पहुंचे थे। कथित तौर पर उनका मकसद नरेंद्र को फंसाना और पुलिस को गुमराह करना था।
थाने में खुली अपहरण की साजिश
पुलिस ने बताया कि जब नरेंद्र साहू को कथित तौर पर झूठी शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने लाया जा रहा था, उसी दौरान स्पेशल स्क्वॉड वहां पहुंच गया। इसी दौरान पूरी साजिश का खुलासा हुआ।
पुलिस ने क्षितीश चंद्र साहू और संजीव बेहरा को भी गिरफ्तार कर लिया। मामले में कुल चार लोगों की गिरफ्तारी की पुष्टि की गई है। पुलिस अब इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच कर रही है।
‘हनुमान पैसा’ को लेकर 2.7 करोड़ रुपये का दावा
उत्तरी रेंज के IG हिमांशु कुमार लाल ने बताया कि जांच के दौरान इस कथित अपहरण का संबंध एक दुर्लभ प्राचीन सिक्के ‘हनुमान पैसा’ से भी सामने आया है। कुछ लोगों के बीच इस सिक्के को ऐसी असाधारण संपत्ति पैदा करने वाली या अलौकिक शक्तियों वाला माना जाता है।
पुलिस के अनुसार, क्षितीश ने पूछताछ में दावा किया कि उसने वर्ष 2020 में इस प्राचीन सिक्के के लिए नरेंद्र साहू को करीब 2.7 करोड़ रुपये दिए थे। उसका आरोप है कि नरेंद्र ने न तो सिक्का दिया और न ही उसके पैसे लौटाए।
हालांकि, नरेंद्र साहू ने इस आरोप से इनकार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस इस दावे और ‘हनुमान पैसा’ से जुड़े पूरे वित्तीय लेनदेन की भी जांच कर रही है।
50 लाख की फिरौती के लिए रची गई थी साजिश
बोलांगीर SP अभिलाष जी के मुताबिक, शुरुआती जांच में सामने आया है कि कारोबारी का अपहरण 50 लाख रुपये की उगाही के इरादे से किया गया था। आरोपियों ने कथित तौर पर नरेंद्र को बंधक बनाकर वीडियो तैयार किया और फिर उस वीडियो के जरिए उन्हें ब्लैकमेल किया।
उत्तरी रेंज के IG हिमांशु कुमार लाल ने कहा कि मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच जारी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
फिलहाल पुलिस अपहरण, जबरन बंधक बनाने, ब्लैकमेलिंग, फर्जी शिकायत और पुलिस पद के कथित दुरुपयोग समेत मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।


