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साहित्य

खोजी पत्रकार मैथ्यू कोल की नई किताब ‘प्रिंसेस एंड थीव्स’ ट्रंप के दामाद, सऊदी प्रिंस और बिन जायद का गुप्त कूटनीतिक रहस्य खोलती है!

Book cover with two men in suits against a red and black striped background. Title reads 'Princes and Thieves'; subtitle references a secret plot to remake the Middle East; author 'Matthew Cole' at the bottom.

प्रकाश के रे-

नामी खोजी पत्रकार और लेखक मैथ्यू कोल की आनेवाली किताब ‘Princes and Thieves’ का एक अंश वैनिटी फ़ेयर में छपा है. यह अंश ही किसी भी क्राइम/स्पाई थ्रिलर से कहीं ज़्यादा थ्रीलिंग है, तो किताब तो पक्का विस्फोटक होगी.

संक्षेप में मामला यह है: कहानी 2017 में शुरू होती है, जब डोनाल्ड ट्रम्प पहली बार अमेरिका के राष्ट्रपति बने थे और उनके प्रशासन में उनके दामाद जारेड कुशनर का बड़ा प्रभाव था.

नीदरलैंड के जासूसों ने एक रूसी जासूस को पकड़ा, जिससे रूसी जासूसी ठीहे का पता चला. उसके सर्वर पर डच जासूसों ने देखा कि रूसी जासूस.., कुशनर का फ़ोन पढ़ रहे हैं और उसका स्क्रीनशॉट ले रहे हैं. डचों ने भी कुशनर का आईफ़ोन टेन हैक कर दिया.

उस हैकिंग से और कोल की पड़ताल से सामने आया है कि मोहम्मद बिन सलमान (अब सऊदी क्राउन प्रिंस) और मोहम्मद बिन ज़ायेद (अब अमीराती राष्ट्रपति और अबू धाबी के अमीर) ने कुशनर को एक अमीराती और एक इज़रायली बैंक के ज़रिये कोई दो अरब डॉलर दिया था. इस पैसे में से कुशनर द्वारा कुछ कुख्यात लोगों को पैसे भेजने के सबूत भी मिले हैं.

Vanity Fair headline: The Art of the Deal—Jared Kushner's hacked phone revealed his secret negotiations and more than 0 million in transfers on a black background with white text.

बिन सलमान क्राउन प्रिंस बनने के लिए ट्रम्प का सहयोग चाहते थे, बिन ज़ायेद और बिन सलमान ईरान परमाणु समझौते को ख़त्म करना चाहते थे, अमीरात को ईरान के ख़िलाफ़ इज़रायल से सुरक्षा सहयोग की इच्छा थी, फ़िलिस्तीन को लेकर ऐसा समझौता कराना था, तो इज़रायल की पसंद का हो, मतलब पश्चिम एशिया का गणित बदल देना था.

एक दिलचस्प मामला है कि डॉलर कहाँ से आये, तो दुनिया के सबसे बड़े हवाला केंद्र अज़रबैजान की मदद ली गई, जहाँ के बैंक ने अमीराती और इज़रायली बैंकों को सऊदी और अमीराती मुद्रा के बदले डॉलर भेज दिया. बैंक खाते भी ऐसे बनाये गये कि पता न चले कि माल निकाल कौन रहा है.

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