
सनसिटी, गाजियाबाद। दिव्य प्रेम सेवा मिशन, हरिद्वार के तत्त्वावधान में आगामी 22 अक्टूबर से गाजियाबाद के सनसिटी में जय भवानी, जय शिवाजी का उद्घोष गूंजेगा। विश्व के सबसे बड़े महानाट्य के उद्घाटन समारोह में रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहेंगे, जूना अखाड़े के पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज का पावन आशीर्वाद ‘जाणता राजा’ के उद्घाटन समारोह में मिलेगा, उद्घाटन समारोह में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख श्री रामलाल जी विशिष्ट अतिथि के तौर पर मौजूद रहेंगे।
गाजियाबाद में ‘जाणता राजा’ के आयोजन का उद्देश्य और संदर्भ बताते हुए दिव्य प्रेम सेवा मिशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गौतम भैया जी ने कहा कि सोलहवीं सदी में मुगल शासक औरंगजेब की कैद से छूटने के बाद शिवाजी महाराज सबसे पहले गाजियाबाद के श्री दूधेश्वर नाथ महादेव मठ पहुंचे थे, यहां उन्होंने यज्ञ और हवन किया और यहीं से हिंदवी स्वराज्य का संकल्प लिया था। शिवाजी महाराज 6 जून 1674 को छत्रपति बने.. लेकिन उसका संकल्प गाजियाबाद के श्री दूधेश्वर नाथ महादेव मठ में ही लिया गया था, इसलिए मिशन ने गाजियाबाद के छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित महानाट्य के मंचन के लिए चुना है।
डॉ. गौतम ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों को जन-जन, विशेषकर युवा पीढ़ी तक पहुँचाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने देश को बांग्लादेश, नेपाल, सीरिया और लीबिया जैसी परिस्थितियों की ओर ले जाने वाले विमर्श पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे वातावरण में शिवाजी महाराज का जीवन और उनके संस्कार युवाओं को सही दिशा दे सकते हैं।
उन्होंने कहा कुछ नेता जेन ज़ी (Gen Z) को बरगलाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में युवाओं को छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों से जोड़ना आवश्यक है। प्रत्येक परिवार की जिम्मेदारी है कि वह अपने नौनिहालों को विदेशी अपसंस्कृति से बचाए और उन्हें शिवाजी महाराज, माँ जीजाबाई तथा समर्थ गुरु रामदास के बताए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करे।
इसी जनजागरण के उद्देश्य से दिव्य प्रेम सेवा मिशन, हरिद्वार की ओर से गाजियाबाद की सनसिटी में ‘जाणता राजा’ का सजीव मंचन किया जा रहा है। छत्रपति शिवाजी महाराज की सैन्य रणनीति का लोहा आज भी भारत सहित पूरी दुनिया मानती है। उनकी छापामार युद्धनीति आज भी अनेक देशों के लिए प्रेरणास्रोत है। रक्षा मंत्री ने उद्घाटन समारोह में सम्मिलित होने का मिशन का आमंत्रण सहर्ष स्वीकार किया है।

गाजियाबाद की सनसिटी में 22 से 28 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले इस महानाट्य के माध्यम से मिशन का उद्देश्य लोगों में राष्ट्रचेतना और सांस्कृतिक गौरव का भाव जागृत करना है। दिव्य प्रेम सेवा मिशन इससे पहले लखनऊ और आगरा में भी ‘जाणता राजा’ का सफलतापूर्वक आयोजन कर चुका है।
सात दिनों तक चलने वाले आयोजन में प्रतिदिन शाम 4:30 बजे से लगभग चार घंटे तक सजीव मंचन होगा। इसमें 250 कलाकार भाग लेंगे। हाथी, घोड़े, ऊँट, तोपों, तलवारों और अन्य शस्त्रों के साथ ऐतिहासिक दृश्यों को मंच पर जीवंत किया जाएगा। छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन की प्रमुख घटनाओं तथा सिंहगढ़, प्रतापगढ़ और रायगढ़ किलों की प्रतिकृतियों के माध्यम से दर्शकों को उनके शौर्य, नेतृत्व और आदर्शों से परिचित कराया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, यह प्रस्तुति नई पीढ़ी में सकारात्मक ऊर्जा, संस्कार और राष्ट्रप्रेम का भाव जगाने का प्रयास है।
‘जाणता राजा’ के सफल आयोजन की मंगलकामना से सनसिटी स्थित कार्यक्रम स्थल के ‘शिव अवतरण मंडपम्’ में नवरात्रि के प्रथम दिन से प्रतिदिन रुद्राभिषेक किया जा रहा है। यह अनुष्ठान 28 अक्टूबर तक चलेगा।
आयोजन के दौरान अलग-अलग दिनों में राजनीति, धर्म, अध्यात्म और उद्योग जगत की अनेक विशिष्ट हस्तियाँ सम्मिलित होंगी। दिव्य प्रेम सेवा मिशन, हरिद्वार के सेवा प्रकल्पों के सहायतार्थ आयोजित इस महानाट्य के महामंचन के दौरान रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी के अलावा, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, जूना अखाड़े के प्रमुख आचार्य महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 अवधेशानंद गिरि जी महाराज, निरंजनी अखाड़े के प्रमुख आचार्य और कालीपीठ हरिद्वार के श्रीमहंत महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि जी महाराज, परमार्थ निकेतन, ऋषिकेष के प्रमुख स्वामी चिदानंद जी, वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पीठ के पीठाधीश्वर संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा महाराज जी, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री रविंद्र पुरी महाराज जी, रामानंदाचार्य सतीश आचार्य महाराज जी, अय़ोध्या के ओजस्वी संत श्री मिथिलेश नंदिनी शरण जी महाराज, पतंजलि योगपीठ के प्रमुख स्वामी रामदेव जी, पतंजलि आयुर्वेद के प्रमुख आचार्य बालकृष्ण जी और धर्म-अध्यात्म जगत की कई विभूतियां सनसिटी, गाजियाबाद पधारकर आशीर्वाद प्रदान करेंगी।
‘जाणता राजा’ महानाट्य के महामंचन में झारखंड के राज्यपाल श्री संतोष गंगवार जी, तेलंगाना के राज्यपाल श्री शिवप्रताप शुक्ला जी, अंडमान और निकोबार द्वीप के उपराज्यपाल श्री दिनेश शर्मा जी, पूर्व केंद्रीय मंत्री और वर्तमान सांसद श्री अनुराग ठाकुर जी, उत्तर प्रदेश के तेजस्वी विधायक श्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया समेत कई सांसद और विधायक शामिल होंगे। महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार समेत कई राजनीतिक हस्तियों का आगमन कार्यक्रम में प्रस्तावित है।
आयोजकों के अनुसार, प्रतिदिन लगभग 15 हजार दर्शकों के कार्यक्रम में पहुँचने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड से बड़ी संख्या में लोगों के इसमें सम्मिलित होने की अपेक्षा है।
कार्यक्रम में युवाओं की सहभागिता बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास किए गए हैं। दिव्य प्रेम सेवा मिशन की टीमों ने दिल्ली-एनसीआर के सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों से संपर्क किया है। डॉ. गौतम ने कहा कि हाल के घटनाक्रमों ने युवा छात्र-छात्राओं को शिवाजी महाराज के आदर्शों से जोड़ने की आवश्यकता को और स्पष्ट किया है।
मिशन की टीमें मार्च 2026 से आयोजन की तैयारियों में जुटी हुई हैं। अब तक दिल्ली-एनसीआर और उत्तराखंड में 300 से अधिक बैठकें, गोष्ठियाँ और सम्मेलन आयोजित किए जा चुके हैं।

