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मोदी से मुलाकात करती नाविका कुमार पर पत्रकार तनुश्री पांडेय का जोरदार तंज पढ़िए!

Group of five adults posing for a formal photo in a wooden-paneled room, one woman holding a child with a heart sticker over the child's face.

नई दिल्ली। टाइम्स नाउ नवभारत की सीनियर एडिटर नाविका कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने पोते निर्वैर की मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए इसे परिवार के लिए यादगार पल बताया। उनके इस ट्वीट पर पत्रकार तनुश्री पांडेय ने जवाब देते हुए पत्रकारिता और सत्ता के प्रति मीडिया के रवैये पर सवाल उठाए।

नाविका कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के साथ परिवार का एक खास पल। नन्हे निर्वैर को उनका पूरा ध्यान मिला, जिससे यह पल और भी यादगार बन गया। ऐसी यादें हमेशा संजोकर रखने लायक होती हैं।”

नाविका के इस ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए तनुश्री पांडेय ने लिखा कि कई पत्रकारों के लिए अपना काम ही सबसे अहम रहा है, न कि प्रधानमंत्री के प्रति व्यक्तिगत प्रशंसा। उन्होंने उम्मीद जताई कि निर्वैर बड़ा होकर एक सफल, स्वतंत्र और अच्छा इंसान बनेगा और एक दिन अपनी दादी से पूछेगा कि उन्होंने पत्रकारिता करने के बजाय चापलूसी का रास्ता क्यों चुना।

तनुश्री ने अपनी प्रतिक्रिया में यह भी सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री के साथ बच्चे की तस्वीर खिंचवाने के लिए पत्रकारिता के पेशे से समझौता क्यों किया गया। उन्होंने लिखा कि काश, नाविका कुमार ने पत्रकारिता को प्राथमिकता दी होती, ताकि उनका पोता बड़े होकर उनके काम पर गर्व कर पाता और कह पाता कि उनकी दादी ने कभी अपना जमीर नहीं बेचा और न ही अपने पेशे से समझौता किया।

तनुश्री की यह प्रतिक्रिया पत्रकारिता की स्वतंत्रता और सत्ता के साथ मीडिया के रिश्तों को लेकर तीखी टिप्पणी है। दोनों के ट्वीट के बीच सामने आया यह विवाद पत्रकार की पेशेवर भूमिका और निजी जीवन के सार्वजनिक प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर बहस का विषय बन सकता है।


पत्रकार तनुश्री पांडेय का मूल ट्वीट (हिंदी में) पढ़िए-

यह पत्रकारिता तक पहुंच थी या चापलूसी का रास्ता? हममें से कई लोगों के लिए चुनाव हमेशा साफ था, जो अपने काम में भगवान देखते हैं, प्रधानमंत्री में नहीं।

नविका मैम, उम्मीद है कि नन्हा निर्वैर बड़ा होकर एक सफल, स्वतंत्र और अच्छा इंसान बनेगा। एक दिन वह आपसे पूछेगा, “दादी, आपने अपना काम करने के बजाय चापलूसी का रास्ता क्यों चुना? प्रधानमंत्री के साथ मेरी तस्वीर खिंचवाने के लिए आपने इतनी चापलूसी क्यों की कि लोगों की जिंदगी तक बर्बाद कर दी?

“आपको मुझे एक सामान्य बच्चे की तरह बड़ा होने देना चाहिए था और पत्रकारिता को चुनना चाहिए था। ताकि मैं एक दिन आपके काम को गर्व से देख पाता और अपने सभी दोस्तों से कहता, ‘वह मेरी दादी हैं, जिन्होंने कभी अपना जमीर नहीं बेचा और न ही अपने पेशे से समझौता किया।’”

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