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भारत में चीन की घुसपैठ को लेकर दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण की घुटनाटेक कवरेज देखिए!

भारत के न्यूज़ चैनलों के बाद अखबार भी अपने पाठकों की आंखों में पर्दा डाले रहने में जरा भी पीछे नहीं हैं। खासकर हिंदी पट्टी वाले अखबार। चीन भारत पर चढ़ता ही चला आ रहा है। पिछले दो दिनों से देश की सबसे बड़ी खबर यही है कि चीन अरुणाचल प्रदेश की सीमा से भारत के भीतर 6-7 किमी अंदर न सिर्फ घुस चुका है बल्कि उसने अपने तंबू भी गाड़ दिए हैं। इसके साथ ही आईटीबीपी के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने बलों के पास हथियारों और तकनीक की कमी होने का भी हवाला दिया था। लेकिन दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण जैसे बड़े हिंदी अखबारों ने इसे खुलकर नहीं छापा है।

नीचे पढ़िए….


मंजुल-

चीन और भारत के बीच अरुणाचल प्रदेश में जो हो रहा है, उसे दो हिन्दी अखबारों ने कैसे कवर किया है, इसकी एक झलक देखिए।

एक अखबार दावा करता है कि वह सच्ची खबरें बेधड़क छापता है। दूसरे अखबार के मालिक हाल ही में आरएसएस के वार्षिक कार्यक्रम में यह कहकर आए हैं कि उनकी और आरएसएस की विचारधारा एक ही है।

यहाँ दूसरे अखबार के दो अलग-अलग संस्करणों के स्क्रीनशॉट भी हैं। लाल घेरे वाला स्क्रीनशॉट नेहा सिंह राठौर जी ने अपने हैंडल से शेयर किया था, जिसे मैंने लिया है।

एक ही अखबार के दोनों संस्करणों की खबरों की तुलना कीजिए। साथ ही, देखिए कि एक ही घटना को तीन अलग-अलग तरीकों से कैसे पेश किया जा सकता है और किस तरह खबरों की प्रस्तुति सरकार को जवाबदेही से बचने का मौका दे सकती है।

Hindi newspaper front page with bold headlines about Arunachal border tension and sports news visuals (Fig: large masthead 'Dainik Bhaskar')
Front page of a Hindi newspaper (Dainik Jagran) featuring a bold masthead and multiple headlines about cricket and politics.
Front page of a Hindi newspaper with a bold headline about China on the Arunachal border; a red arc highlights the central area. Includes a small photo of a official speaking at a podium in the lower section.

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