हिमांशु सिंहल-
भारत की फिल्म इंडस्ट्री में सन पिक्चर्स की अनुमानित वैल्यूएशन 24,000 करोड़ रुपये बताई गई है। इस आकलन के मुताबिक, कंपनी देश की छह प्रमुख फिल्म निर्माण कंपनियों में पहले स्थान पर है। इसकी अनुमानित वैल्यूएशन टी-सीरीज की 12,000 करोड़ रुपये की वैल्यूएशन से दोगुनी है।
सन पिक्चर्स दक्षिण भारतीय सिनेमा, खासकर तमिल फिल्मों में मजबूत मौजूदगी रखती है और सन ग्रुप के व्यापक मीडिया कारोबार का हिस्सा है। दूसरी ओर, टी-सीरीज ने संगीत और फिल्म निर्माण के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाई है। उसका कारोबार म्यूजिक स्ट्रीमिंग, यूट्यूब, संगीत अधिकारों और फिल्मों तक फैला है।
अनुमानित वैल्यूएशन के आधार पर भारत की छह प्रमुख फिल्म निर्माण कंपनियां इस प्रकार हैं:
- सन पिक्चर्स (Sun Pictures) — 24,000 करोड़ रुपये
- टी-सीरीज (T-Series) — 12,000 करोड़ रुपये
- जियो स्टूडियोज (Jio Studios) — 5,500 करोड़ रुपये
- यशराज फिल्म्स (Yash Raj Films) — 4,500 करोड़ रुपये
- धर्मा प्रोडक्शंस (Dharma Productions) — 2,000 करोड़ रुपये
- रेड चिलीज एंटरटेनमेंट (Red Chillies Entertainment) — 1,500 करोड़ रुपये

इन कंपनियों के कारोबारी मॉडल और कमाई के स्रोत एक-दूसरे से अलग हैं। जियो स्टूडियोज को रिलायंस इंडस्ट्रीज के व्यापक मनोरंजन और वितरण नेटवर्क का लाभ मिलता है। वहीं, यशराज फिल्म्स के पास फिल्मों का संग्रह, निर्माण क्षमता, वितरण नेटवर्क और लोकप्रिय फिल्म फ्रेंचाइजी हैं, जिनसे शुरुआती सिनेमाघर रिलीज के बाद भी कमाई के अवसर मिलते हैं।
धर्मा प्रोडक्शंस और रेड चिलीज एंटरटेनमेंट भी फिल्म निर्माण के साथ अपनी फिल्मों और उनसे जुड़े अधिकारों के जरिए कारोबार करती हैं। किसी फिल्म की कमाई केवल बॉक्स ऑफिस तक सीमित नहीं रहती। स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म, टेलीविजन प्रसारण, संगीत अधिकार और विदेशी बाजारों में वितरण से भी राजस्व हासिल किया जा सकता है।
डिजिटल मनोरंजन के विस्तार के साथ फिल्म निर्माण कंपनियों की वैल्यूएशन में उनकी बौद्धिक संपदा और उसके व्यावसायिक इस्तेमाल की क्षमता का महत्व बढ़ा है। फिल्मों के अधिकार कितने समय के लिए और किन माध्यमों पर दिए गए हैं, इसका असर भविष्य की कमाई पर पड़ता है।
सन पिक्चर्स की 24,000 करोड़ रुपये की अनुमानित वैल्यूएशन ध्यान खींचती है, लेकिन निवेशकों के लिए अहम सवाल यह है कि इन कंपनियों के पास कितनी मूल्यवान बौद्धिक संपदा है और वे उससे कितनी नियमित कमाई कर सकती हैं।
नोट: ऊपर दिए गए वैल्यूएशन के आंकड़े अनुमानित हैं। इनके स्रोत और आकलन की पद्धति की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। इन्हें कंपनियों का आधिकारिक बाजार मूल्य नहीं माना जाना चाहिए।


