
यशवंत सिंह-
कल क्या ग़ज़ब पार्टी हुई भाई। उपेंद्र राय जी का जलवा है। दिल्ली में दिवाली मिलन की इस जोरदार पार्टी में जज, आईएएस, आईपीएस, वरिष्ठ पत्रकार, मंत्री, नेता, गायक, डॉक्टर सब आए।
मैंने तो यूपी के एक जिले के डीएम से ही पूछ लिया, भाई साहब आपका परिचय? उन्होंने बताया कि मैं लखनऊ का हूं और उपेंद्र जी का मित्र हूं। वे पार्टी की शुरुआत में ही आ गए थे और अकेले बैठे थे, तो मैं भी बगल में बैठ गया और बातचीत शुरू कर दी। बाद में पता चला कि वो फ़लां ज़िले के डीएम हैं। दिल्ली में पोस्टेड कई बड़े अफ़सर भी आए।
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश गवई साहब ने भारत एक्सप्रेस के एक शो के एक साल पूरा होने पर केक काटा। इस शो (ज्ञान विज्ञान) को उपेंद्र जी की पत्नी रचना जी होस्ट करती हैं।
मैं तो ज्यादातर वक़्त बार की तरफ़ जाम के साथ मंडराता रहा, खाता रहा, पीता रहा। पत्रकार मित्र अमित भारद्वाज, रजनीकांत सिंह, विवेक सत्य मित्रम, अश्विनी शर्मा, राधेश्याम राय, आशीष राय, विनीता यादव, मनोहर सिंह समेत दर्जनों साथियों से मिलना-जुलना हुआ।





भारत एक्सप्रेस समूह के चेयरमैन उपेंद्र राय अभी पचास वर्ष के नहीं हुए हैं। उन्हें देखता हूं तो यकीन हो जाता है कि भाग्य अगर आपका साथ दे तो शून्य से शिखर की यात्रा कर सकते हैं। मुझे लगता है पचास की उम्र के बाद उनके जीवन की असली पारी शुरू होगी। उन्होंने अपनी ज़िंदगी में बहुत मेहनत की है।
सुब्रत राय का उन पर गहरा प्रभाव है। यदि कहा जाए कि उपेंद्र राय की मेकिंग में सुब्रत राय का बहुत बड़ा रोल है, तो कुछ ग़लत नहीं होगा। सुब्रत राय का एक आभामंडल था। उपेंद्र राय भी अपने इर्द-गिर्द सितारों को चुंबक की तरह खींचते और चक्कर कटवाते हैं।
बहुत दिन बाद किसी पार्टी में गया। मज़ा आ गया।
उपेन्द्र राय की पार्टी में सुब्रत रॉय!
“भाई साहब आप सुब्रत राय की तरह लग रहे हैं!”

Upendra Rai जी के यहाँ दिवाली मिलन पार्टी में इन सज्जन का अलग ही स्वैग था। पहली नज़र में ऐसा लगा जैसे सुब्रत राय जी ख़ुद चलकर पार्टी में आ गए हों। मैं तुरंत इनके पास पहुँचा और हाथ जोड़ते हुए पूछ लिया- हे भाई साहब, आपको देखकर मुझ तुच्छ प्राणी को ऐसा प्रतीत हो रहा है कि मानो ख़ुद सुब्रत राय साहब स्वर्ग से चलकर इस पार्टी में शामिल होने आ गए हों।
मेरे कथन के पूर्ण होने के बावजूद महोदय की मुख मुद्रा अविचलित रही। मैं भी हाथ जोड़े ठिठका रहा। थोड़े पॉज़ के बाद हम दोनों ठठाकर हँसे और गले मिले। ये राजीव मालवीय जी हैं। भारत एक्सप्रेस चैनल के गेस्ट कोऑर्डिनेटर हैं। सहारा में लंबे समय तक रहे हैं। संभव है वहीं रहते रहते सुब्रत राय की प्रतिलिपि बन गए हों!
जीवन में जानदार मजेदार होना ही चाहिए। दुखी आत्माएं अवसाद फैलाती हैं और अच्छे लोग पॉजिटिविटी!
हैप्पी दिवाली!

